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Edomites के बारे में बाइबल के वचन

154 वचन · 14 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. उसने नमक की घाटी में दस हज़ार एदोमियों को मार गिराया. भयंकर युद्ध के द्वारा उसने सेला नगर अपना लिया, और उसे एक नया नाम दिया: योकथएल, जो आज तक प्रचलित है.

  2. इसके पहले कि इस्राएल पर किसी राजा का शासन होता, एदोम देश पर राज्य करनेवाले राजा ये थे: बेओर का पुत्र बेला, उसके द्वारा शासित नगर का नाम था दिनहाबाह.

  3. बेला के मरने के बाद, उसके स्थान पर बोज़राहवासी ज़ेराह का पुत्र योबाब राजा बना.

  4. योबाब के मरने के बाद, उसके स्थान पर तेमानियों के देश का व्यक्ति हुशम राजा बना.

  5. हुशम के मरने के बाद, उसके स्थान पर बेदद का पुत्र हदद राजा बना. उसने मोआब देश में मिदियानी सेना को हरा दिया. उसके द्वारा शासित नगर का नाम था आविथ.

  6. हदद के मरने के बाद, उसके स्थान पर मसरेकाह का सामलाह राजा बना.

  7. सामलाह के मरने के बाद, फरात नदी पर बसे रेहोबोथ का निवासी शाऊल उनके स्थान पर राजा बना.

  8. शाऊल के मरने के बाद, उसके स्थान पर अखबोर का पुत्र बाल-हनन राजा बना.

  9. बाल-हनन मरने के बाद, उसके स्थान पर हदद राजा बना. उस नगर का नाम पाऊ था तथा उसकी पत्नी का नाम मेहेताबेल था. वह मातरेद की पुत्री थी और मातरेद मेत्साहब की पुत्री थी.

  10. तब हदद की भी मृत्यु हो गई. एदोम देश के नायकों के नाम ये है: नायक तिम्ना, अलवाह, यथेथ,

  11. ओहोलिबामाह, एलाह, पिनोन,

  12. केनाज़, तेमान, मिबज़ार,

  13. मगदिएल, इराम. ये सभी एदोम देश के प्रधान हुए.

  14. यहोराम का शासनकाल में एक मौका ऐसा आया, जब एदोम ने यहूदिया के विरुद्ध विद्रोह कर दिया और अपने लिए स्वयं एक राजा चुन लिया.

  15. तब यहोराम अपने सेनापतियों और सारे रथों को लेकर एदोम की ओर निकला. वह रात में उठा और उन एदोमियों को मार डाला जिन्होंने उसे, सेनापतियों और रथों को घेर रखा था.

  16. फलस्वरूप एदोम आज तक इस्राएल के विरुद्ध विद्रोह की स्थिति में है. इसी समय लिबनाह ने भी विद्रोह कर दिया था. क्योंकि यहोराम ने अपने पूर्वजों के परमेश्वर याहवेह को त्याग दिया था.

  17. तब अमाज़्याह ने साहस जुटाया और अपनी सेना का संचालन करते हुए नमक की घाटी में जा पहुंचा और वहां उसने सेईर के दस हज़ार वंशजों को मार गिराया.

  18. यहूदाह के वंशजों ने जीवित दस हज़ार को बंदी बनाया और उन्हें ऊंची चट्टान की चोटी पर ले जाकर वहां से नीचे फेंक दिया. इस कारण उनके शरीर के चिथड़े उड़ गए.

  19. दूमाह के विरोध में भविष्यवाणी: सेईर से मुझे कोई बुला रहा है, “हे पहरेदार, रात की क्या ख़बर है?”

  20. पहरेदार ने कहा, “सुबह होती है, और रात भी. और जो कुछ आप पूछना चाहते हैं, पूछिए; और पूछने के लिये आईये.”

  21. कौन है वह जो एदोम के बोज़राह से चला आ रहा है, जो बैंगनी रंग के कपड़े पहने हुए हैं? जो बलवान और बहुत भड़कीला वस्त्र पहने हुए आ रहा है? “मैं वही हूं, जो नीति से बोलता, और उद्धार करने की शक्ति रखता हूं.”

  22. तुम्हारे वस्त्र लाल क्यों है, तुम्हारे वस्त्र हौद में दाख रौंदने वाले के समान क्यों है?

  23. “मैंने अकेले ही दाख को रौंदा; जनताओं से कोई भी मेरे साथ न था. अपने क्रोध में ही मैंने दाख रौंदा और उन्हें कुचल दिया था; उनके लहू का छींटा मेरे वस्त्रों पर पड़ा, और मेरे वस्त्र में दाग लग गया.

  24. मेरे मन में बदला लेने का दिन निश्चय था; मेरी छुड़ाई हुई प्रजा का वर्ष आ गया है.

  25. “यह ध्यान रहे कि ऐसे दिन आ रहे हैं,” याहवेह यह वाणी दे रहे हैं, “जब मैं उन सभी को दंड दूंगा, जो ख़तनित होने पर भी अख़तनित ही हैं—