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circa 1446–1406 BC

The Wilderness Years

Forty years of wandering in the desert test Israel's faith and prepare a new generation to enter the promised land.

2,247 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. गणना २५:९लगभग १४५२ ई.पू.

    महामारी से मरने वालों की संख्या 24,000 पहुंच गई.

  2. गणना २५:१०लगभग १४५२ ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह पर यह सत्य प्रकट किया,

  3. गणना २५:११लगभग १४५२ ई.पू.

    “पुरोहित अहरोन के पुत्र एलिएज़र के पुत्र फिनिहास ने इस्राएल के घराने पर भड़के मेरे क्रोध को शांत कर दिया है. उन लोगों के बीच वही था जिसमें वही जलन थी, जो मुझमें थी. इसलिए मैंने अपनी जलन में इस्राएल के घराने को नाश नहीं कर डाला.

  4. गणना २५:१२लगभग १४५२ ई.पू.

    तुम उसे सूचित करो: यह समझ लो कि मैं उसके साथ अपनी शांति की वाचा स्थापित कर रहा हूं.

  5. गणना २५:१३लगभग १४५२ ई.पू.

    इसका संबंध उससे तथा उसके वंशजों से है, यह सदा के लिए पुरोहित पद की वाचा है, क्योंकि उसमें उसके परमेश्वर के लिए जलन थी. उसने इस्राएल के घराने के लिए प्रायश्चित पूरा कर दिया है.”

  6. गणना २५:१४लगभग १४५२ ई.पू.

    उस इस्राएली व्यक्ति का नाम, जिसको उस मिदियानी स्त्री के साथ मारा गया था, ज़िमरी था, जिसका पिता सालू था, जो शिमओन के गोत्र से उनके घराने का प्रधान था.

  7. गणना २५:१५लगभग १४५२ ई.पू.

    उस मारी गई मिदियानी स्त्री का नाम कोज़बी था, वह ज़ुर नामक व्यक्ति की पुत्री थी, जो मिदियानी प्रजा में घराने का प्रधान था.

  8. गणना २५:१६लगभग १४५२ ई.पू.

    इसके बाद याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी,

  9. गणना २५:१७लगभग १४५२ ई.पू.

    “मिदियानियों के प्रति शत्रुता बनाए रखो तथा उनका नाश कर दो.

  10. गणना २५:१८लगभग १४५२ ई.पू.

    क्योंकि वे तुम्हारे साथ छल करते हुए तुम्हारे शत्रु बने रहे हैं, इसी के विषय में उन्होंने पेओर की घटना में तुमसे छल किया तथा कोज़बी, मिदियानी प्रधान की पुत्री के संदर्भ में भी, जो उनकी जाति की थी, जिसको पेओर की घटना के कारण महामारी के दिन मारा गया था.”

  11. गणना २६:१लगभग १४५२ ई.पू.

    इस महामारी के बाद याहवेह ने मोशेह तथा पुरोहित अहरोन के पुत्र एलिएज़र को आज्ञा दी,

  12. गणना २६:२लगभग १४५२ ई.पू.

    “पितरों के अनुसार बीस वर्ष से अधिक आयु के हर एक इस्राएली की, जो युद्ध के लिए सक्षम हो, गिनती करो.”

  13. गणना २६:३लगभग १४५२ ई.पू.

    फिर मोशेह तथा पुरोहित एलिएज़र ने मोआब के मैदानों में उन्हें यरदन तट पर, जो येरीख़ो के निकट है, यह आज्ञा दी,

  14. गणना २६:४लगभग १४५२ ई.पू.

    “बीस वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की गिनती की जाए, जैसा कि याहवेह द्वारा मोशेह को आदेश दिया गया है.” इस अवसर पर मिस्र देश से निकाले गए इस्राएल वंशज ये थे:

  15. गणना २६:५लगभग १४५२ ई.पू.

    इस्राएल का पहलौठा, रियूबेन, रियूबेन के पुत्र हनोख से हनोखी परिवार; पल्लू से पल्लुई परिवार;

  16. गणना २६:६लगभग १४५२ ई.पू.

    हेज़रोन से हेज़रोनी परिवार; कारमी से कारमी परिवार;

  17. गणना २६:७लगभग १४५२ ई.पू.

    रियूबेन के परिवार में यह ही परिवार समूह थे, और इनसे जो गिने गये वे 43,730 थे.

  18. गणना २६:८लगभग १४५२ ई.पू.

    पल्लू का पुत्र एलियाब था,

  19. गणना २६:९लगभग १४५२ ई.पू.

    एलियाब के तीन पुत्र थे—नमूएल, दाथान और अबीराम. याद रखो कि दाथान और अबीराम वे दो नेता थे, जो मोशेह और अहरोन के विरोधी हो गए थे. वे कोराह के अनुयायी थे और कोराह याहवेह का विरोधी हो गया था.

  20. गणना २६:१०लगभग १४५२ ई.पू.

    वही समय था जब भूमि विभाजित हो गई थी और कोराह एवं उसके सभी अनुयायियों को निगल गई थी. कुल दो सौ पचास पुरुष मर गये थे. यह इस्राएल के सभी लोगों के लिए एक संकेत और चेतावनी थी.

  21. गणना २६:११लगभग १४५२ ई.पू.

    किंतु कोराह के सारे वंशज नहीं मरे.

  22. गणना २६:१२लगभग १४५२ ई.पू.

    शिमओन के गोत्र के ये परिवार थे: नमूएल से नमूएल के परिवार; यामिन से यामिन परिवार; याकिन से याकिन परिवार;

  23. गणना २६:१३लगभग १४५२ ई.पू.

    ज़ेराह से जेराही परिवार; शाऊल से शाऊल परिवार.

  24. गणना २६:१४लगभग १४५२ ई.पू.

    शिमओन के परिवार समूह में वे परिवार थे; इसमें कुल 22,200 पुरुष थे.

  25. गणना २६:१५लगभग १४५२ ई.पू.

    गाद के परिवार समूह के ये परिवार हैं: ज़ेफोन से ज़ेफोन परिवार; हग्गी से हग्गी परिवार; शूनी से शूनी परिवार;