मुख्य सामग्री पर जाएँ

circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. यशायाह ६:११लगभग ७५९ ई.पू.

    तब मैंने पूछा, “कब तक, प्रभु, कब तक?” प्रभु ने कहा: “जब तक नगर सूना न हो जाए और कोई न बचे, और पूरा देश सुनसान न हो जाएं,

  2. यशायाह ६:१२लगभग ७५९ ई.पू.

    याहवेह लोगों को दूर ले जाएं और देश में कई जगह निर्जन हो जाएं.

  3. यशायाह ६:१३लगभग ७५९ ई.पू.

    फिर इसमें लोगों का दसवां भाग रह जाए, तो उसे भी नष्ट किया जाएगा. जैसे बांझ वृक्ष को काटने के बाद भी ठूंठ बच जाता है, उसी प्रकार सब नष्ट होने के बाद, जो ठूंठ समान बच जाएगा, वह पवित्र बीज होगा.”

  4. यशायाह ७:१लगभग ७४१ ई.पू.

    यह उल्लेख उस समय का है, जब उज्जियाह का पोता, योथाम के पुत्र यहूदिया के राजा आहाज़, अराम के राजा रेज़िन और रेमालियाह के पुत्र इस्राएल के राजा पेकाह ने येरूशलेम पर हमला किया, और हार गये.

  5. यशायाह ७:२लगभग ७४१ ई.पू.

    जब दावीद के घराने को यह पता चला कि अराम और एफ्राईम एकजुट हो गए है; तो उनके लोग आंधी से हिलते हुए वन वृक्षों के समान डर से कांपने लगे.

  6. यशायाह ७:३लगभग ७४१ ई.पू.

    तब याहवेह ने यशायाह से कहा, “तुम्हें और तुम्हारे पुत्र शआर-याशूब को आहाज़ से मिलने राजमार्ग से लगे धोबी खेत में ऊपरी कुंड के पास पहुंचना है.

  7. यशायाह ७:४लगभग ७४१ ई.पू.

    और उनसे कहना कि, ‘अराम के राजा, रेज़िन तथा रेमालियाह के पुत्र के क्रोध के कारण जो जलता हुआ धुआं दिखाई दे रहा है, सावधान और शांत बने रहना, भयभीत न होना और न ही घबराना.

  8. यशायाह ७:५लगभग ७४१ ई.पू.

    क्योंकि अराम के राजा, रेमालियाह के पुत्र तथा एफ्राईम ने तुम्हारे विरुद्ध यह कहते हुए नई चाल चली है,

  9. यशायाह ७:६लगभग ७४१ ई.पू.

    “आओ, हम यहूदाह पर आक्रमण कर उसे मार दें, और ताबील के पुत्र को उसका राजा बना दें.”

  10. यशायाह ७:७लगभग ७४१ ई.पू.

    इसलिये प्रभु याहवेह ने कहा: “ ‘उनकी यह चाल सफल न होगी, यह कदापि सफल न होगी.

  11. यशायाह ७:८लगभग ७४१ ई.पू.

    क्योंकि अराम का सिर दमेशेक है, और दमेशेक का रेज़िन. आगामी पैंसठ वर्षों के अंदर में एफ्राईम ऐसा नष्ट कर दिया जाएगा.

  12. यशायाह ७:९लगभग ७४१ ई.पू.

    एफ्राईम का शीर्ष शोमरोन और शोमरोन का शीर्ष रेमालियाह का पुत्र है. यदि तुम विश्वास नहीं करोगे तो स्थिर भी नहीं रहोगे.’ ”

  13. यशायाह ७:१०लगभग ७४१ ई.पू.

    तब याहवेह ने आहाज़ से कहा,

  14. यशायाह ७:११लगभग ७४१ ई.पू.

    “तुम याहवेह अपने परमेश्वर से अपने लिए एक चिन्ह मांगो, चाहे वह गहरे सागर का हो या आकाश का.”

  15. यशायाह ७:१२लगभग ७४१ ई.पू.

    किंतु आहाज़ ने कहा, “नहीं, मैं न तो मांगूंगा और न ही याहवेह को परखूंगा.”

  16. यशायाह ७:१३लगभग ७४१ ई.पू.

    इस पर यशायाह ने कहा, “हे दावीद के घराने सुनो! क्या तुम्हारे लिए लोगों के धैर्य की परीक्षा लेना काफ़ी न था, कि अब तुम मेरे परमेश्वर के धैर्य को भी परखोगे?”

  17. यशायाह ७:१४लगभग ७४१ ई.पू.

    तब प्रभु स्वयं तुम्हें एक चिन्ह देंगे: सुनो, एक कन्या गर्भधारण करेगी, वह एक पुत्र को जन्म देगी और उसे इम्मानुएल नाम से पुकारेगी.

  18. यशायाह ७:१५लगभग ७४१ ई.पू.

    बुरे को अस्वीकार करने तथा भले को अपनाने की समझ होने तक वह मक्खन और शहद खाएगा,

  19. यशायाह ७:१६लगभग ७४१ ई.पू.

    क्योंकि बालक को बुरे को अस्वीकार करने तथा भले को अपनाने की समझ होने से पहले, जिन दो राजाओं से तुम डर रहे हो उनके राज्य निर्जन कर दिए जाएंगे.

  20. यशायाह ७:१७लगभग ७४१ ई.पू.

    याहवेह तुम पर, तुम्हारी प्रजा और तुम्हारे पूर्वजों के वंश पर ऐसा समय लाएंगे जैसा उस समय से, जब अश्शूर के राजा के समय में एफ्राईम यहूदिया से अलग हुआ था, अब तक कभी ऐसा नहीं हुआ था.

  21. यशायाह ७:१८लगभग ७४१ ई.पू.

    उस दिन याहवेह सीटी की आवाज से मिस्र देश की नदियों के छोर से मक्खियों को तथा अश्शूर देश से मधुमक्खियों को बुलाएंगे.

  22. यशायाह ७:१९लगभग ७४१ ई.पू.

    और वे सभी आकर ढलवां घाटियों, चट्टानों की दरारों में, कंटीली झाड़ियों और जलधाराओं के निकट में बस जाएंगी.

  23. यशायाह ७:२०लगभग ७४१ ई.पू.

    उस दिन प्रभु फ़रात नदी के पार के क्षेत्र से भाड़े पर लिए हुए छुरे से अश्शूर के राजा के सिर तथा पूरे शरीर के बाल और दाढ़ी को काट डालेंगे.

  24. यशायाह ७:२१लगभग ७४१ ई.पू.

    उस समय, मनुष्य केवल एक कलोर और भेड़ों के जोड़े को पालेगा.

  25. यशायाह ७:२२लगभग ७४१ ई.पू.

    दूध की बहुतायत के कारण दही उसका भोजन होगा क्योंकि देश में जीवित रह गए हर व्यक्ति का भोजन दही और मधु ही होगा.