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Phinehas के बारे में बाइबल के वचन

38 वचन · 7 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. अहरोन के पुत्र एलिएज़र ने पुतिएल की पुत्री से विवाह किया, जिससे फिनिहास पैदा हुए. ये लेवी वंश के कुलों के मुखिया थे.

  2. जब पुरोहित अहरोन के पौत्र एलिएज़र के पुत्र फिनिहास ने यह देखा, तब वह सारी सभा के सामने उठा, अपने हाथ में एक बर्छी ली,

  3. उस शिविर के भीतर जाकर उस इस्राएली पुरुष तथा मिदियानी स्त्री, दोनों को बेध डाला, बर्छी दोनों ही की देह को बेध कर पार निकल गई. इससे इस्राएल पर आई यह महामारी थम गई;

  4. महामारी से मरने वालों की संख्या 24,000 पहुंच गई.

  5. याहवेह ने मोशेह पर यह सत्य प्रकट किया,

  6. “पुरोहित अहरोन के पुत्र एलिएज़र के पुत्र फिनिहास ने इस्राएल के घराने पर भड़के मेरे क्रोध को शांत कर दिया है. उन लोगों के बीच वही था जिसमें वही जलन थी, जो मुझमें थी. इसलिए मैंने अपनी जलन में इस्राएल के घराने को नाश नहीं कर डाला.

  7. तुम उसे सूचित करो: यह समझ लो कि मैं उसके साथ अपनी शांति की वाचा स्थापित कर रहा हूं.

  8. इसका संबंध उससे तथा उसके वंशजों से है, यह सदा के लिए पुरोहित पद की वाचा है, क्योंकि उसमें उसके परमेश्वर के लिए जलन थी. उसने इस्राएल के घराने के लिए प्रायश्चित पूरा कर दिया है.”

  9. उस इस्राएली व्यक्ति का नाम, जिसको उस मिदियानी स्त्री के साथ मारा गया था, ज़िमरी था, जिसका पिता सालू था, जो शिमओन के गोत्र से उनके घराने का प्रधान था.

  10. उस मारी गई मिदियानी स्त्री का नाम कोज़बी था, वह ज़ुर नामक व्यक्ति की पुत्री थी, जो मिदियानी प्रजा में घराने का प्रधान था.

  11. मोशेह ने इन्हें हर एक गोत्र से एक-एक हज़ार योद्धा को युद्ध के लिए भेज दिया. पुरोहित एलिएज़र का पुत्र फिनिहास युद्ध के लिए इनके साथ था. वह अपने हाथ में पवित्र पात्र एवं तुरहियां लिए हुए था कि इनसे चेतावनी नाद किया जा सके.

  12. तब इस्राएल वंश ने एलिएज़र के पुत्र फिनिहास को गिलआद देश में रियूबेन, गाद तथा मनश्शेह के आधे गोत्र से मिलने के लिए भेजा.

  13. उसके साथ उन्होंने दस प्रधान भी भेजे जो इस्राएल के हर गोत्र के परिवार की ओर से एक-एक था. उनमें से हर एक इस्राएल के पूर्वजों के घरानों का प्रधान था.

  14. इन सबने गिलआद में रियूबेन, गाद गोत्र तथा मनश्शेह के आधे गोत्र से मिलकर उनसे कहा,

  15. “याहवेह की पूरी प्रजा की ओर से यह संदेश है: ‘इस्राएल के परमेश्वर के प्रति तुमने गलत काम क्यों किया? तुमने उनके वचन पर चलना छोड़ दिया और तुमने अपने लिए एक वेदी बनाई है. तुमने याहवेह के विरुद्ध पाप किया है!

  16. क्या पेओर का अपराध कम था, जिससे हम अब तक बाहर न आ सके, जिसके कारण याहवेह के लोगों में महामारी फैल गई थी;

  17. क्या, तुम्हें भी याहवेह के पीछे चलना छोड़ना पड़ रहा है? “ ‘यदि आज तुम लोग याहवेह के विरुद्ध विद्रोह करोगे तो वह इस्राएल की सारी प्रजा से रुठ जाएंगे.

  18. फिर भी, यदि तुम्हारा यह देश अशुद्ध है, तो इस देश से चले जाओ, जो याहवेह के अधीन है, जहां याहवेह की उपस्थिति है और हमारे मध्य आकर बस जाओ. बस, याहवेह हमारे परमेश्वर की वेदी के बदले अपने लिए वेदी बनाकर याहवेह तथा हमारे विरुद्ध विद्रोह मत करो.

  19. क्या, तुम्हें याद नहीं कि ज़ेराह के पुत्र आखान ने भेंट की हुई वस्तुओं के संबंध में छल किया, और पूरे इस्राएल पर दंड आया? उसकी गलती के कारण केवल उसकी ही मृत्यु नहीं हुई.’ ”

  20. यह सुन रियूबेन तथा गाद गोत्र और मनश्शेह के आधे गोत्र ने इस्राएल के परिवारों के प्रधानों को उत्तर दिया,

  21. “सर्वशक्तिमान हैं परमेश्वर याहवेह! सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, याहवेह! वह सर्वज्ञानी हैं, और इस्राएल को भी यह मालूम हो जाए, कि यदि यह विद्रोह के उद्देश्य से किया गया है, और यदि यह याहवेह के प्रति धोखा है तो, आज आप हमें न छोड़ें!

  22. यदि हमने इस वेदी को याहवेह से अलग होने के लिए किया है, या इसलिये कि इस पर होमबलि अन्‍नबलि अथवा मेल बलि चढ़ाएं तो, स्वयं याहवेह हमसे इसका हिसाब लें.

  23. “यह करने के पीछे हमारी यह इच्छा थी: भविष्य में कहीं वह समय न आ जाए, जब आपके बच्‍चे हमारे बच्चों से कहें, ‘इस्राएल के परमेश्वर याहवेह से तुम्हारा क्या लेना देना है?

  24. क्योंकि याहवेह ने तुम्हारे तथा हमारे बीच में यरदन को एक सीमा बना दिया है. तुम, जो रियूबेन तथा गाद वंश के हो; याहवेह में तुम्हारा कोई भाग नहीं है.’ ऐसा कहकर आपकी संतान हमारी संतान को याहवेह के प्रति जो भय और आदर के योग्य है उससे दूर कर देगी तो?

  25. “इसलिये हमने सोचा है, ‘हम एक वेदी बनाये जो होमबलि और मेल बलि के लिए नहीं,’