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circa 1446–1406 BC

The Wilderness Years

Forty years of wandering in the desert test Israel's faith and prepare a new generation to enter the promised land.

2,247 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. गणना २:२२लगभग १४९० ई.पू.

    इसके बाद बिन्यामिन गोत्र के लोग. उनका प्रधान था गिदयोनी का पुत्र अबीदान.

  2. गणना २:२३लगभग १४९० ई.पू.

    उसके सैनिकों की संख्या 35,400 गिनी गई.

  3. गणना २:२४लगभग १४९० ई.पू.

    एफ्राईम गोत्र के दलों के अनुसार की गई सैनिकों की गिनती में संख्या है, 1,08,100. यात्रा के अवसर पर वे तीसरे स्थान पर रहेंगे.

  4. गणना २:२५लगभग १४९० ई.पू.

    उत्तर दिशा में उनके झंडे के नीचे दान गोत्र के सैनिकों का स्थान होगा. इनका प्रधान था अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र.

  5. गणना २:२६लगभग १४९० ई.पू.

    उसके सैनिकों की संख्या है 62,700.

  6. गणना २:२७लगभग १४९० ई.पू.

    इनसे लगा हुआ दूसरा शिविर आशेर गोत्र का होगा. इनका प्रधान था ओखरन का पुत्र पागिएल.

  7. गणना २:२८लगभग १४९० ई.पू.

    इसके गिने हुए सैनिकों की संख्या है 41,500

  8. गणना २:२९लगभग १४९० ई.पू.

    इसके बाद होगा नफताली गोत्र का शिविर. इनका प्रधान था एनन का पुत्र अहीरा.

  9. गणना २:३०लगभग १४९० ई.पू.

    उसके सैनिक गिनती में 53,400 थे.

  10. गणना २:३१लगभग १४९० ई.पू.

    दान के सैनिकों की संख्या हुई 1,57,600. वे सभी अपने-अपने झंडे के नीचे सबसे पीछे चला करेंगे.

  11. गणना २:३२लगभग १४९० ई.पू.

    ये ही थे सारे इस्राएली, जिनकी गिनती उनके गोत्रों के अनुसार की गई थी. वे सभी, जिनकी गिनती उनके दलों के अनुसार की गई थी, संख्या में 6,03,550 थे.

  12. गणना २:३३लगभग १४९० ई.पू.

    किंतु इस गिनती में लेवी नहीं गिने गए, क्योंकि यह मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा थी.

  13. गणना २:३४लगभग १४९० ई.पू.

    इस्राएल के घराने ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली. वे मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा के अनुसार शिविर डाला करते थे, इसी क्रम में अपने-अपने गोत्र के अनुसार अपने-अपने गोत्र और कुटुंब में यात्रा करते थे.

  14. गणना ३:१लगभग १४९० ई.पू.

    जब याहवेह ने मोशेह से सीनायी पर्वत पर बातें की, तब मोशेह तथा अहरोन की पीढ़ियां इस प्रकार थीं:

  15. गणना ३:२लगभग १४९० ई.पू.

    अहरोन के पुत्रों के नाम: जेठा पुत्र नादाब फिर अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार.

  16. गणना ३:३लगभग १४९० ई.पू.

    अहरोन के ये पुत्र अभिषिक्त पुरोहित थे. इन्हें अहरोन ने ही पुरोहित होने के लिए अभिषिक्त किया था.

  17. गणना ३:४लगभग १४९० ई.पू.

    इनमें नादाब तथा अबीहू की मृत्यु उस परिस्थिति में याहवेह के ही सामने हो गई थी, जब उन्होंने सीनायी के निर्जन प्रदेश के रास्ते याहवेह को भेंट चढ़ाई, किंतु उन्होंने अपवित्र आग का उपयोग किया. ये दोनों निस्संतान थे. इस कारण एलिएज़र तथा इथामार ही अपने पिता अहरोन के जीवनकाल में पुरोहित का काम करते रहे.

  18. गणना ३:५लगभग १४९० ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी,

  19. गणना ३:६लगभग १४९० ई.पू.

    “लेवी गोत्र को बुलाकर उन्हें अहरोन की उपस्थिति में ले जाओ ताकि वे पुरोहित अहरोन की सहायता के लिए तैयार रहें.

  20. गणना ३:७लगभग १४९० ई.पू.

    वे मिलनवाले तंबू के सामने उपस्थित रहते हुए अहरोन तथा सारे इस्राएल के लिए अपनी सेवा किया करें, जिससे यह उनके लिए साक्षी के तंबू की सेवा हो.

  21. गणना ३:८लगभग १४९० ई.पू.

    इस्राएलियों से ज़िम्मेदारियों को निभाने के अलावा वे मिलनवाले तंबू की वस्तुओं का ध्यान रखेंगे, यह उनकी साक्षी के तंबू संबंधित सेवा होगी.

  22. गणना ३:९लगभग १४९० ई.पू.

    इस प्रबंध के अंतर्गत तुम सारे लेवियों को अहरोन तथा उनके पुत्रों के अधीन कर दोगे, वे सारे इस्राएल में से उन्हें सौंप दिए गए हैं.

  23. गणना ३:१०लगभग १४९० ई.पू.

    इस प्रकार तुम अहरोन तथा उसके पुत्रों को नियुक्त कर दोगे, कि वे पुरोहित के रूप में सेवा करते रहें, किंतु जो भी साधारण व्यक्ति साक्षी के तंबू के निकट आ जाए, उसे प्राण-दंड दे दिया जाए.”

  24. गणना ३:११लगभग १४९० ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह को यह आदेश भी दिया,

  25. गणना ३:१२लगभग १४९० ई.पू.

    “अब यह देखो, मैंने लेवी को, सारे इस्राएल में से प्रत्येक पहलौठे के स्थान पर, अर्थात् उस संतान के स्थान पर, जो गर्भ का प्रथम फल होता है, अलग कर लिया है, कि लेवी सिर्फ मेरे होकर रहें.