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circa 1900–1700 BC

Jacob, Joseph & Egypt

Jacob wrestles with God and becomes Israel; Joseph is sold into slavery yet rises to save the world from famine.

840 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. उत्पत्ति ४८:१७लगभग १६८९ ई.पू.

    जब योसेफ़ ने देखा कि उनके पिता ने अपना दायां हाथ एफ्राईम के सिर रखा है तो उन्हें अच्छा नहीं लगा वे अपने पिता का दायां हाथ पकड़कर एफ्राईम के सिर पर से हटाकर मनश्शेह के सिर पर रखने लगे.

  2. उत्पत्ति ४८:१८लगभग १६८९ ई.पू.

    योसेफ़ ने अपने पिता से कहा, “वह नहीं, पिताजी, बड़ा बेटा यह है; आप अपना दायां हाथ इस पर रख दीजिए.”

  3. उत्पत्ति ४८:१९लगभग १६८९ ई.पू.

    किंतु उनके पिता ने कहा, “मुझे पता है मेरे पुत्र; यह भी महान बन जाएगा, और बढ़ेगा तो भी उसका छोटा भाई उससे महान हो जाएगा तथा उससे कई जातियां निकलेंगी.”

  4. उत्पत्ति ४८:२०लगभग १६८९ ई.पू.

    उस दिन इस्राएल ने उन्हें आशीष दी और कहा, “इस्राएल के लोग तुम्हारा नाम लेकर ऐसे कहेंगे: ‘परमेश्वर तुम्हें एफ्राईम तथा मनश्शेह के समान बना दें.’ ” यह कहते हुए याकोब ने एफ्राईम को मनश्शेह से अधिक श्रेष्ठ स्थान दे दिया.

  5. उत्पत्ति ४८:२१लगभग १६८९ ई.पू.

    फिर इस्राएल ने योसेफ़ से कहा, “सुनो, अब मेरी मृत्यु का समय आ गया है, लेकिन परमेश्वर तुम्हारे साथ साथ रहेंगे और तुम्हें अपने पूर्वजों के देश में वापस ले जाएंगे.

  6. उत्पत्ति ४८:२२लगभग १६८९ ई.पू.

    मैं तुम्हें तुम्हारे भाइयों से बढ़कर हिस्सा ज्यादा दे रहा हूं—वह भाग, जो मैंने अमोरियों से अपनी तलवार एवं धनुष के द्वारा पाया था.”

  7. उत्पत्ति ४९:१लगभग १६८९ ई.पू.

    तब याकोब ने अपने बेटों को बुलाकर उनसे कहा: “तुम सब एक साथ आओ, ताकि तुम्हें बता सकूं कि तुम्हारे साथ अब क्या-क्या होगा.

  8. उत्पत्ति ४९:२लगभग १६८९ ई.पू.

    “याकोब के पुत्रो, सुनो तथा अपने पिता इस्राएल की बातों पर ध्यान दो.

  9. उत्पत्ति ४९:३लगभग १६८९ ई.पू.

    “रियूबेन, तुम तो मेरे बड़े बेटे, मेरे बल एवं मेरे पौरुष का फल हो, प्रतिष्ठा और शक्ति का उत्तम भाग तुम ही हो.

  10. उत्पत्ति ४९:४लगभग १६८९ ई.पू.

    जो अशांत पानी के समान उग्र हैं, इसलिये तुम महान न बनोगे, क्योंकि तुमने अपने पिता के बिछौने को अशुद्ध किया.

  11. उत्पत्ति ४९:५लगभग १६८९ ई.पू.

    “शिमओन तथा लेवी भाई-भाई हैं; उनकी तलवारें हिंसा का साधन हैं.

  12. उत्पत्ति ४९:६लगभग १६८९ ई.पू.

    ऐसा कभी न हो कि मुझे उनकी सभा में जाना पड़े, मैं उनकी सभाओं से न जुडूं, क्योंकि गुस्से में उन्होंने मनुष्यों को मार डाला तथा सनक में उन्होंने बैलों की नसें काट दी.

  13. उत्पत्ति ४९:७लगभग १६८९ ई.पू.

    शापित है उनका क्रोध जो भीषण हैं और उनका ऐसा गुस्सा, जो निर्दयी और क्रूर है! मैं उन्हें याकोब में बांट दूंगा. और उन्हें इस्राएल में तितर-बितर कर दूंगा.

  14. उत्पत्ति ४९:८लगभग १६८९ ई.पू.

    “यहूदाह, तुम्हारे भाई तुम्हारी प्रशंसा करेंगे; तुम्हारा हाथ तुम्हारे शत्रुओं की गर्दन पर पड़ेगा; तुम्हारे पिता की अन्य संतान तुम्हारे सम्मान में झुक जाएंगे.

  15. उत्पत्ति ४९:९लगभग १६८९ ई.पू.

    यहूदाह तो जवान सिंह के समान है; हे मेरे पुत्र, तुम अपने शिकार पर खड़े शेर के समान हो जो आराम करने के लिए लेटता है, किसमें उसे छेड़ने का साहस है?

  16. उत्पत्ति ४९:१०लगभग १६८९ ई.पू.

    यहूदाह से राजदंड कभी भी अलग न होगा और न ही उसके वंश से शासन का राजदंड, दूर होगा, जब तक वह न आ जाये और राज्य-राज्य के लोग उसके अधीन रहेंगे.

  17. उत्पत्ति ४९:११लगभग १६८९ ई.पू.

    अपने गधे को दाखलता से बांध देता है, तथा गधे के बच्‍चे को उत्तम दाखलता पर बांधेगा; उसने अपना वस्त्र दाखमधु में धोया है, तथा बाहरी वस्त्र दाखरस में धोया है.

  18. उत्पत्ति ४९:१२लगभग १६८९ ई.पू.

    उसकी आंखें दाखमधु से चमकीली तथा, उसके दांत दूध से भी अधिक सफेद होंगे.

  19. उत्पत्ति ४९:१३लगभग १६८९ ई.पू.

    “ज़ेबुलून सागर के किनारे रहेगा और इसका समुद्री तट जहाजों के लिए सुरक्षित होगा, और उसकी सीमा सीदोन देश तक फैल जायेगी.

  20. उत्पत्ति ४९:१४लगभग १६८९ ई.पू.

    “इस्साखार एक बलवंत गधा है, वह पशुओं के बाड़े के बीच रहता है.

  21. उत्पत्ति ४९:१५लगभग १६८९ ई.पू.

    जब उसने देखा कि आराम करने की जगह ठीक है, कि भूमि सुखदाई है, तब उसने अपने कंधे को बोझ उठाने के लिए झुका दिया और वह बेगार का दास बन जायेगा.

  22. उत्पत्ति ४९:१६लगभग १६८९ ई.पू.

    “दान अपने लोगों का न्याय इस्राएल के एक गोत्र जैसा करेगा.

  23. उत्पत्ति ४९:१७लगभग १६८९ ई.पू.

    दान मार्ग का एक सांप होगा, पथ पर एक सर्प! वह घोड़े की एड़ी को डसता है, और सवार अचानक गिर जाता है.

  24. उत्पत्ति ४९:१८लगभग १६८९ ई.पू.

    “हे याहवेह, मैं आपके उद्धार की बाट जोहता हूं.

  25. उत्पत्ति ४९:१९लगभग १६८९ ई.पू.

    “गाद पर छापामार छापा मारेंगे, किंतु वह भी उनकी एड़ी पर मारेगा.