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circa 1900–1700 BC
Jacob, Joseph & Egypt
Jacob wrestles with God and becomes Israel; Joseph is sold into slavery yet rises to save the world from famine.
इस काल के वचन
- उत्पत्ति ५०:१२लगभग १६८९ ई.पू.
इस प्रकार याकोब के पुत्रों ने उनके लिए ठीक वैसा ही किया, जैसा याकोब ने कहा था:
- उत्पत्ति ५०:१३लगभग १६८९ ई.पू.
याकोब के पुत्रों ने उन्हें कनान देश में ममरे के पास माखपेलाह के खेत की गुफा में दफना दिया, जो अब्राहाम ने कब्रस्थान के लिए हित्ती एफ्रोन से खरीदी थी.
- उत्पत्ति ५०:१४लगभग १६८९ ई.पू.
अपने पिता को दफनाने के बाद योसेफ़ मिस्र देश लौट गए. उनके साथ उनके भाई भी लौट गए तथा वे सब भी, जो उनके साथ यहां आए थे.
- उत्पत्ति ५०:१५लगभग १६८९ ई.पू.
जब योसेफ़ के भाइयों ने सोचा, “हमारे पिता का निधन हो चुका है, अब यदि योसेफ़ हमसे नफरत करके पिछली बातों का बदला लेगा तो हम क्या करेंगे?”
- उत्पत्ति ५०:१६लगभग १६८९ ई.पू.
इसलिये उन्होंने योसेफ़ से कहा: “पिता ने हमसे कहा था कि
- उत्पत्ति ५०:१७लगभग १६८९ ई.पू.
‘योसेफ़ से कहना कि कृपा कर अपने भाइयों के अत्याचार और गलतियों को माफ कर दो जो उन्होंने तुमसे किए थे,’ इसलिये अब, कृपा कर अपने पिता के परमेश्वर के नाम से हमारी गलतियों को माफ कर दो.” योसेफ़ उनकी यह बात सुनकर रोने लगे.
- उत्पत्ति ५०:१८लगभग १६८९ ई.पू.
तब उनके भाई भी रोने लगे और योसेफ़ के सामने झुककर कहने लगे, “हम सभी आपके दास हैं.”
- उत्पत्ति ५०:१९लगभग १६८९ ई.पू.
किंतु योसेफ़ ने उनसे कहा, “आप लोग मत डरो. क्या मैं कोई परमेश्वर हूं?
- उत्पत्ति ५०:२०लगभग १६८९ ई.पू.
मैं जानता हूं कि आप लोगों ने भले ही मेरी हानि की योजना बनाई हो, लेकिन परमेश्वर ने उसे अच्छे के लिये किया कि बहुतों का जीवन बचा लिया गया!
- उत्पत्ति ५०:२१लगभग १६८९ ई.पू.
इसलिये भयभीत न हो; मैं स्वयं तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को भोजन दूंगा.” इस प्रकार योसेफ़ ने अपने भाइयों को सांत्वना दी और उनसे कोमलता से बातें की.
- उत्पत्ति ५०:२२लगभग १६८९ ई.पू.
योसेफ़ मिस्र में अपने पिता के पूरे परिवार के साथ रहे. योसेफ़ की उम्र एक सौ दस वर्ष हुई.
- उत्पत्ति ५०:२३लगभग १६८९ ई.पू.
योसेफ़ ने एफ्राईम की तीसरी पीढ़ी भी देखी तथा मनश्शेह के पोते, जो माखीर के पुत्र थे, उन्हें भी जन्म के बाद योसेफ़ के घुटनों पर रखा गया.
- उत्पत्ति ५०:२४लगभग १६८९ ई.पू.
योसेफ़ ने अपने भाइयों को कहा, “मैं अब मरने पर हूं, लेकिन परमेश्वर अवश्य आप सब की रक्षा करेंगे और वही तुम्हें इस देश से उस देश में ले जाएंगे, जिसकी शपथ उन्होंने अब्राहाम, यित्सहाक तथा याकोब से की थी.”
- उत्पत्ति ५०:२५लगभग १६८९ ई.पू.
तब योसेफ़ ने इस्राएल के पुत्रों से शपथ ली, “परमेश्वर आप सभी की मदद के लिये आएंगे और तब आप लोग मेरी हड्डियों को यहां से लेकर जाना.”
- उत्पत्ति ५०:२६लगभग १६८९ ई.पू.
योसेफ़ की मृत्यु एक सौ दस वर्ष में हुई. उनके शव को सुगंध द्रव्य से भरा गया और उन्हें मिस्र देश में ही एक संदूक में रख दिया गया.