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Moabites के बारे में बाइबल के वचन

122 वचन · 56 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. उस दिन सभा के लिए मोशेह की पुस्तक ऊंची आवाज में पढ़ी गई. इस पुस्तक में यह लिखा हुआ पाया गया कि परमेश्वर की सभा में न तो किसी अम्मोनी के और न किसी मोआबी के प्रवेश की आज्ञा है,

  2. क्योंकि उन्होंने इस्राएल के लिए भोजन और पानी का इंतजाम करने की बजाय उन पर शाप देने के लक्ष्य से बिलआम को पैसे दिए थे. मगर हमारे परमेश्वर ने शाप को आशीर्वाद में बदल दिया.

  3. उन्हीं दिनों में मेरा ध्यान इस सच्चाई की ओर भी गया, कि यहूदियों ने अशदोद, अम्मोन और मोआब की स्त्रियों से विवाह किया हुआ था.

  4. एदोम तथा इशमाएलियों के मंडप, मोआब और हग्रियों के वंशज,

  5. वे पश्चिम दिशा में फिलिस्तीनियों पर टूट पड़ेंगे; और वे सब एकजुट होकर पूर्व के लोगों को लूट लेंगे. वे एदोम और मोआब को अपने अधिकार में कर लेंगे, और अम्मोनी उनके अधीन हो जाएंगे.

  6. एक ही रात में मोआब का: आर नगर उजाड़ दिया गया, और उसी रात में मोआब के, कीर नगर को नाश कर दिया गया!

  7. दीबोन रोने के लिए अपने मंदिर में, हां उसकी ऊंची जगह में चढ़ गए; और मोआब के लोग नेबो और मेदेबा नगरों के लिये दुःखी होकर चिल्ला रहे हैं. वे दुःखी होकर अपने सिर और दाढ़ी मुंडवा रहे हैं.

  8. और सड़कों में वे टाट ओढ़े हुए हैं; और अपने घरों की छतों और मैदानों में वे रो-रोकर, आंसू बहा रहे हैं.

  9. हेशबोन तथा एलिआलेह नगर चिल्ला रहे हैं, और उनकी चिल्लाहट याहज़ नगर तक सुनाई दे रही है. इसलिये मोआब के सैनिक चिल्ला रहे हैं, और मोआब कांप उठा है.

  10. मेरा हृदय मोआब के लिए दुःखी है; मोआब के लोग ज़ोअर, तथा एगलथ शलिशियाह के नगर में चले गए हैं. वे लूहीत की चढ़ाई, रोते हुए चढ़ रहे हैं; होरोनयिम की सड़क पर इस नाश के कारण रो रहे हैं.

  11. निमरीम नदी सूख गयी है, घास मुरझा गई है; हरियाली नहीं बची है.

  12. इस कारण जो धन उन्होंने अपने लिये बचाया था वे उसे अराबीम नाले के उस पार ले जा रहे हैं.

  13. मोआब के देश में सब की चिल्लाहट सुनाई दे रही है; इसके रोने की आवाज एगलयिम, तथा बेर-एलीमा नगरों तक पहुंच गयी है.

  14. क्योंकि दीमोन के सोते खून से भरे हैं, फिर भी मैं दीमोन पर और अधिक विपत्ति डालूंगा— भागे हुए मोआबी लोग तथा उस देश के बचे हुए लोगों के विरुद्ध मैं एक सिंह भेजूंगा.

  15. सेला नगर से ज़ियोन की बेटी के पर्वत पर, बंजर भूमि से हाकिम के लिए, एक मेमना तैयार करो.

  16. आरनोन के घाट पर मोआब की बेटियां ऐसी हो गईं, जैसे घोंसले से पक्षियों के बच्चों को उड़ा दिया गया हो.

  17. “हमें समझाओ, हमारा न्याय करो, और दिन में हमें छाया दो. घर से निकाले हुओं को सुरक्षा दो, भागे हुओं को मत पकड़वाओ.

  18. मोआब के घर से निकाले हुओं को अपने बीच में रहने दो; विनाश करनेवालों से मोआब को बचाओ.” क्योंकि दुःख का अंत हो चुका है, और कष्ट समाप्‍त हो चुका है; और जो पैरों से कुचलता था वह नाश हो चुका है.

  19. तब दया के साथ एक सिंहासन बनाया जाएगा; और दावीद के तंबू में एक व्यक्ति सच्चाई के साथ विराजमान होगा— यह वह व्यक्ति है जो न्याय से निर्णय करेगा और सच्चाई से काम करने में देरी न करेगा.

  20. हमने मोआब के अहंकार— उसके अभिमान, गर्व और क्रोध के बारे में सुना है; वह सब झूठा था.

  21. इसलिये मोआब को मोआब के लिए रोने दो. और कीर-हेरासेथ नगर की दाख की टिकियों के लिए दुःखी होगा.

  22. हेशबोन के खेत तथा सिबमाह के दाख की बारी सूख गई हैं; देशों के शासकों ने अच्छी फसल को नुकसान कर दिया.

  23. इसलिये मैं याज़र के लिए रोऊंगा, और सिबमाह के दाख की बारी के लिए दुःखी होऊंगा. हेशबोन तथा एलिआलेह, मैं तुम्हें अपने आंसुओं से भिगो दूंगा! क्योंकि तुम्हारे फल और तुम्हारी उपज की खुशी समाप्‍त हो गई है.

  24. फलदायी बारी से आनंद और उनकी खुशी छीन ली गई है; दाख की बारी में से भी कोई खुशी से गीत नहीं गाएगा; कोई व्यापारी दाखरस नहीं निकाल रहा है, क्योंकि मैंने सब की खुशी खत्म कर दी है.

  25. मेरा मन मोआब के लिए और ह्रदय कीर-हेरासेथ के लिए वीणा के समान आवाज करता है.