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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. लेवी ७:१९लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘जिस मांस का स्पर्श किसी अपवित्र वस्तु से हो जाए, उसको खाया न जाए; इसे अग्नि में जला दिया जाए. हर एक, जो शुद्ध है इसको खा सकता है,

  2. लेवी ७:२०लगभग १४९० ई.पू.

    किंतु अपनी अशुद्धता में कोई व्यक्ति मेल बलियों की बलि के उस मांस को खा लेता है, जो याहवेह का है, तो उसे लोगों के मध्य से हटा दिया जाए.

  3. लेवी ७:२१लगभग १४९० ई.पू.

    यदि कोई व्यक्ति किसी अशुद्ध वस्तु का स्पर्श कर लेता है; चाहे वह मानव मलिनता हो अथवा कोई अशुद्ध पशु अथवा कोई अशुद्ध घृणित वस्तु हो, और वह मेल बलियों की बलि के उस मांस को खा लेता है, जो याहवेह को अर्पित है, तो उसे उसके लोगों के मध्य से हटा दिया जाए.’ ”

  4. लेवी ७:२२लगभग १४९० ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह को यह आदेश दिया,

  5. लेवी ७:२३लगभग १४९० ई.पू.

    “इस्राएल की प्रजा को यह आदेश दो, ‘तुम किसी बैल, भेड़ अथवा बकरी की चर्बी को न खाना.

  6. लेवी ७:२४लगभग १४९० ई.पू.

    उस पशु की चर्बी को भी, जिसकी स्वाभाविक मृत्यु हो चुकी है, या जो वन-पशुओं द्वारा मार डाला गया है. तुम उसे किसी अन्य उपयोग के लिए तो रख सकते हो, किंतु निश्चयतः उसको खाना मना है.

  7. लेवी ७:२५लगभग १४९० ई.पू.

    जो व्यक्ति उस पशु की चर्बी को खाता है, जिसे याहवेह को अग्निबलि के रूप में भेंट किया गया है, उसे उसके लोगों के मध्य से हटा दिया जाए.

  8. लेवी ७:२६लगभग १४९० ई.पू.

    तुम अपने घर में किसी पशु अथवा पक्षी के रक्त को न खाना.

  9. लेवी ७:२७लगभग १४९० ई.पू.

    जो भी व्यक्ति किसी भी रक्त को खाता है, उसे भी उसके लोगों के मध्य से हटा दिया जाए.’ ”

  10. लेवी ७:२८लगभग १४९० ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह को यह आदेश दिया,

  11. लेवी ७:२९लगभग १४९० ई.पू.

    “इस्राएल की प्रजा को यह आदेश दो, ‘वह व्यक्ति, जो याहवेह को अपनी मेल बलियां भेंट करता है, याहवेह को उसी मेल बलि में से एक हिस्सा अपनी भेंट के रूप में चढ़ाए,

  12. लेवी ७:३०लगभग १४९० ई.पू.

    और वह स्वयं अपने हाथों में याहवेह को होमबलि के लिए चर्बी एवं छाती लेकर आए, कि छाती याहवेह के सामने लहराने की बलि के रूप में भेंट की जाए.

  13. लेवी ७:३१लगभग १४९० ई.पू.

    पुरोहित चर्बी को तो वेदी पर अग्नि में जला दे, किंतु छाती अहरोन और उनके पुत्रों की है.

  14. लेवी ७:३२लगभग १४९० ई.पू.

    तुम अपनी मेल बलियों की बलियों में से दाहिनी जांघ पुरोहित को दे देना.

  15. लेवी ७:३३लगभग १४९० ई.पू.

    अहरोन के पुत्रों के मध्य से जो पुत्र मेल बलियों के रक्त और चर्बी को भेंट करता है, दाहिनी जांघ उसके अंशदान के रूप में उसी की होगी.

  16. लेवी ७:३४लगभग १४९० ई.पू.

    क्योंकि इस्राएल की प्रजा से मैंने उनकी मेल बलियों की बलियों में से लहराने की बलि के रूप में भेंट की गई छाती, और अंशदान की जांघ को लेकर उसे पुरोहित अहरोन और उनके पुत्रों को दिया गया है. यह इस्राएल की प्रजा से सर्वदा के लिए पुरोहित अहरोन और उनके पुत्रों को अधिकार के रूप में दे दिया है.’ ”

  17. लेवी ७:३५लगभग १४९० ई.पू.

    यह वह अंश है, जो याहवेह की अग्निबलियों में से अहरोन और उनके पुत्रों के लिए है; जिस दिन से उसने उन्हें याहवेह के सामने पौरोहितिक सेवा के लिए प्रस्तुत किया.

  18. लेवी ७:३६लगभग १४९० ई.पू.

    जिस दिन उनका अभिषेक किया गया, उस दिन याहवेह ने इस्राएल की प्रजा से उन्हें यह वस्तुएं देने का आदेश दिया है. पीढ़ियों से पीढ़ियों तक सर्वदा के लिए यह उनका अधिकार है.

  19. लेवी ७:३७लगभग १४९० ई.पू.

    उपरोक्त विधि; होमबलि, अन्‍नबलि, पापबलि, दोष बलि, संस्कार बलि तथा मेल बलियों के भेंट के लिए है.

  20. लेवी ७:३८लगभग १४९० ई.पू.

    इसके विषय में आदेश याहवेह ने मोशेह को सीनायी पर्वत पर उस दिन दिए थे, जिस दिन याहवेह ने इस्राएल की प्रजा को सीनायी की मरुभूमि में याहवेह के लिए अपनी बलियां प्रस्तुत करने का आदेश दिया था.

  21. लेवी ८:१लगभग १४९० ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह को यह आदेश दिया कि

  22. लेवी ८:२लगभग १४९० ई.पू.

    वह अपने साथ अहरोन और उनके पुत्र, और साथ में उनके वस्त्र, अभिषेक का तेल, पापबलि के लिए निर्धारित बैल, दो मेढ़े और एक टोकरी में खमीर रहित रोटी ले,

  23. लेवी ८:३लगभग १४९० ई.पू.

    और मिलनवाले तंबू के द्वार पर सारी सभा को इकट्ठा करे.

  24. लेवी ८:४लगभग १४९० ई.पू.

    तब मोशेह ने याहवेह के आदेश के अनुसार वैसा ही किया. जब सभा मिलनवाले तंबू के द्वार पर इकट्ठी हुई,

  25. लेवी ८:५लगभग १४९० ई.पू.

    तब मोशेह ने सभा को इस प्रकार संबोधित किया, “जिस कार्य को पूरा करने का आदेश याहवेह ने दिया है, वह यह है.”