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circa 1446 BC
Sinai & The Law
God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.
इस काल के वचन
- निर्गमन ३०:१६लगभग १४९१ ई.पू.
तुम इस्राएलियों से प्रायश्चित का रुपया लेकर मिलनवाले तंबू के कामों में लेना ताकि यह इस्राएलियों के लिए याहवेह के सामने यादगार बन जाए, और अपने प्राण का प्रायश्चित भी हो जाए.”
- निर्गमन ३०:१७लगभग १४९१ ई.पू.
फिर याहवेह ने मोशेह से कहा,
- निर्गमन ३०:१८लगभग १४९१ ई.पू.
“तुम्हें कांसे की एक हौद भी बनानी होगी. उसका पाया कांसे का बनाना. यह हाथ-पैर धोने के लिए काम में लिया जायेगा. उसे मिलनवाले तंबू और वेदी के बीच में रखकर उसमें पानी भरना.
- निर्गमन ३०:१९लगभग १४९१ ई.पू.
अहरोन तथा उसके पुत्र इसी पानी में अपने हाथ एवं पांव धोया करें.
- निर्गमन ३०:२०लगभग १४९१ ई.पू.
जब-जब वे मिलनवाले तंबू में जायें तब-तब वे हाथ-पांव धोकर ही जाएं, और जब वे वेदी के समीप याहवेह की सेवा करने या धूप जलाने जाएं;
- निर्गमन ३०:२१लगभग १४९१ ई.पू.
तब वे हाथ-पांव धोकर ही जाएं ऐसा नहीं करने से वे मर जायेंगे. अहरोन एवं उसके वंश को पीढ़ी से पीढ़ी के लिए सदा यही विधि माननी है.”
- निर्गमन ३०:२२लगभग १४९१ ई.पू.
और याहवेह ने मोशेह से कहा
- निर्गमन ३०:२३लगभग १४९१ ई.पू.
“तुम उत्तम से उत्तम सुगंध द्रव्य, पवित्र स्थान की माप के अनुसार साढ़े पांच किलो, गन्धरस, पौने तीन किलो सुगंधित दालचीनी, पौने तीन किलो सुगंधित अगर,
- निर्गमन ३०:२४लगभग १४९१ ई.पू.
साढ़े पांच किलो दालचीनी तथा पौने चार लीटर जैतून का तेल.
- निर्गमन ३०:२५लगभग १४९१ ई.पू.
इन सबको लेकर अभिषेक का पवित्र तेल तैयार करना, ऐसा कार्य जैसा इत्र बनानेवाले का हो; और यह अभिषेक का पवित्र तेल कहलायेगा.
- निर्गमन ३०:२६लगभग १४९१ ई.पू.
और इसी तेल से मिलनवाले तंबू, साक्षी पत्र के संदूक,
- निर्गमन ३०:२७लगभग १४९१ ई.पू.
मेज़ और उसकी सारी चीज़ें, दीया और उसकी सारी चीज़ें, तथा सुगंधधूप वेदी,
- निर्गमन ३०:२८लगभग १४९१ ई.पू.
होमबलि की वेदी, पाए के साथ हौदी का अभिषेक करना.
- निर्गमन ३०:२९लगभग १४९१ ई.पू.
तुम इन सबको पवित्र करना, ताकि ये सब अति पवित्र हो जाएं. जो कोई इनको छुएगा, वह पवित्र हो जाएगा.
- निर्गमन ३०:३०लगभग १४९१ ई.पू.
“तुम अहरोन एवं उसके पुत्रों को अभिषेक करके पवित्र करना, ताकि वे मेरे पुरोहित होकर मेरी सेवा किया करें.
- निर्गमन ३०:३१लगभग १४९१ ई.पू.
तुम इस्राएलियों से यह कहना, ‘यह पीढ़ी से पीढ़ी तक मेरे लिए पवित्र अभिषेक का तेल होगा.
- निर्गमन ३०:३२लगभग १४९१ ई.पू.
यह किसी भी मनुष्य के शरीर पर न डालना और न ही तुम कभी भी इसके समान कोई और तेल बनाना. यह पवित्र तेल है. यह तुम्हारे लिए पवित्र रहेगा.
- निर्गमन ३०:३३लगभग १४९१ ई.पू.
जो कोई उस पवित्र तेल के समान कोई और तेल बनाने की कोशिश करे या उसमें से किसी अन्य व्यक्ति को दे, तो उसे अपने लोगों के बीच से निकाल दिया जाये.’ ”
- निर्गमन ३०:३४लगभग १४९१ ई.पू.
फिर याहवेह ने मोशेह से कहा, “तुम गन्धरस, नखी, गन्धाबिरोजा, सुगंध द्रव्य तथा शुद्ध लोबान, ये सब बराबर मात्रा में लेना, और
- निर्गमन ३०:३५लगभग १४९१ ई.पू.
इन्हें लेकर एक सुगंधधूप बनाना—जैसे लवण के साथ, विशुद्ध तथा पवित्र हवन सामग्री को बनाता है.
- निर्गमन ३०:३६लगभग १४९१ ई.पू.
इसमें से छोटा टुकड़ा लेकर बारिक पीसकर थोड़ा मिलनवाले तंबू में साक्षी पत्र के आगे रखना, जहां मैं तुमसे भेंट करूंगा. वह तुम्हारे लिए परम पवित्र होगा.
- निर्गमन ३०:३७लगभग १४९१ ई.पू.
जो धूप तुम बनाओगे, उसमें अपनी इच्छा से कुछ मिलावट न करना बल्कि इसे याहवेह के लिए पवित्र रखना.
- निर्गमन ३०:३८लगभग १४९१ ई.पू.
जो कोई धूप के लिए अपनी मर्जी से कुछ भी मिलायेगा तो उसे निकाल दिया जाये.”
- निर्गमन ३१:१लगभग १४९१ ई.पू.
फिर याहवेह ने मोशेह से कहा,
- निर्गमन ३१:२लगभग १४९१ ई.पू.
“सुनो, मैंने यहूदाह गोत्र के हूर के पौत्र, उरी के पुत्र बसलेल को नाम लेकर बुलाया है.