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circa 1446 BC

Moses & The Exodus

God raises up Moses to confront Pharaoh; the ten plagues culminate in Israel's dramatic deliverance from four centuries of bondage.

415 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. निर्गमन १४:१९लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर परमेश्वर का स्वर्गदूत, जो अब तक इस्राएलियों के आगे-आगे जा रहा था, उनके पीछे आ गया तथा बादल भी आगे से हटकर उनके पीछे आ गए.

  2. निर्गमन १४:२०लगभग १४९१ ई.पू.

    इस प्रकार स्वर्गदूत और बादल इस्राएलियों तथा मिस्रियों के बीच आ गए. बादल के कारण एक ओर तो अंधकार था, लेकिन रात में उन्हें रोशनी भी मिलती रही.

  3. निर्गमन १४:२१लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने समुद्र के ऊपर अपना हाथ बढ़ाया और याहवेह ने रात भर तेज हवा बहाई और समुद्र को दो भाग करके जल को पीछे हटा दिया, जिससे बीच की ज़मीन सूखी हो गयी.

  4. निर्गमन १४:२२लगभग १४९१ ई.पू.

    इस्राएली सूखी ज़मीन पर चलकर दूसरी ओर आ गए, क्योंकि जल उनके दोनों ओर दीवार बनकर खड़ा हो गया था.

  5. निर्गमन १४:२३लगभग १४९१ ई.पू.

    तब मिस्रियों ने इस्राएलियों का पीछा किया और फ़रोह के सभी घोड़े, उसके रथ तथा उनके चालक उनका पीछा करते हुए समुद्र के बीच आ गये.

  6. निर्गमन १४:२४लगभग १४९१ ई.पू.

    सुबह के समय याहवेह ने आग तथा बादल में से होकर मिस्री सेना को देखा.

  7. निर्गमन १४:२५लगभग १४९१ ई.पू.

    और उनके रथों के पहिये फंसा दिये ताकि वे आगे बढ़ नहीं पायें. मिस्री आपस में कहने लगे, “चलो, हम इस्राएलियों का पीछा करना छोड़कर भाग चलें—क्योंकि स्वयं याहवेह उनकी ओर से हमारे विरुद्ध लड़ रहे हैं.”

  8. निर्गमन १४:२६लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह से कहा, “समुद्र के ऊपर अपना हाथ बढ़ा दो कि जल मिस्रियों, उनके रथों और उनके घुड़सवारों के ऊपर लौट आये.”

  9. निर्गमन १४:२७लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने समुद्र पर अपना हाथ बढ़ाया और सुबह होने पर समुद्र पहले जैसा बहने लगा. तब तक मिस्री जल के बीच में आ गये थे. वे जब भाग रहें थे, तब याहवेह ने उन्हें समुद्र के बीच में ही डुबो दिया.

  10. निर्गमन १४:२८लगभग १४९१ ई.पू.

    समुद्र के बहाव ने रथों, चालकों तथा फ़रोह की पूरी सेना को डुबो दिया, जो इस्राएलियों का पीछा करते हुए समुद्र में पहुंची थी. उनमें से एक भी व्यक्ति जीवित न रहा.

  11. निर्गमन १४:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    किंतु इस्राएली समुद्र के बीच में से सूखी भूमि पर चलते हुए पार हो गए.

  12. निर्गमन १४:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    याहवेह ने उस दिन इस्राएल को मिस्रियों से बचाया. इस्राएलियों ने समुद्र में मिस्रियों के शव देखे.

  13. निर्गमन १४:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    जब इस्राएलियों ने उस ताकतवर काम पर ध्यान दिया, जो याहवेह ने मिस्रियों से किया, वे याहवेह के प्रति श्रद्धापूर्ण डर से भर गए और उन्होंने याहवेह तथा उनके दास मोशेह पर विश्वास किया.

  14. निर्गमन १५:१लगभग १४९१ ई.पू.

    तब मोशेह तथा इस्राएलियों ने याहवेह के लिए यह गीत गाया: “मैं याहवेह के लिए गीत गाऊंगा, क्योंकि वे अति महान परमेश्वर हैं. घोड़ों एवं चालकों को उन्होंने समुद्र में डाल दिया.

  15. निर्गमन १५:२लगभग १४९१ ई.पू.

    “याहवेह मेरा बल और मेरा गीत हैं, वही मेरा उद्धार बना हैं. यही हैं मेरे परमेश्वर, मैं उनकी स्तुति करूंगा; मेरे पिता के परमेश्वर, उनकी मैं प्रशंसा करूंगा,

  16. निर्गमन १५:३लगभग १४९१ ई.पू.

    याहवेह योद्धा हैं और उनका नाम याहवेह है.

  17. निर्गमन १५:४लगभग १४९१ ई.पू.

    याहवेह ने फ़रोह के रथों एवं उसकी सेना को समुद्र में फेंक दिया; उसके सभी अधिकारी लाल सागर में डूब गए,

  18. निर्गमन १५:५लगभग १४९१ ई.पू.

    वे पत्थर के समान गहराइयों में डूब गये, और गहरा पानी ने उन्हें ढंक दिया.

  19. निर्गमन १५:६लगभग १४९१ ई.पू.

    हे याहवेह, आपका दायां हाथ सामर्थ्य से भरा है. और आपका बायां हाथ शत्रु को चूर-चूर कर देता है.

  20. निर्गमन १५:७लगभग १४९१ ई.पू.

    “शत्रुओं को अपने बड़े पराक्रम से आप पराजित कर देते हैं, जो आपके विरुद्ध सिर उठाते हैं; आप उन पर अपना क्रोध प्रकट करते हैं. और उन्हें भूसे के समान जला देते है.

  21. निर्गमन १५:८लगभग १४९१ ई.पू.

    आपके नथुनों की सांस से समुद्र का जल इकट्ठा हो गया और जल का बहाव रुक जाता है. बढ़ता पानी दीवार की तरह उठ खड़ा हुआ, समुद्र के हृदय में गहरा जल जमा हो गया!

  22. निर्गमन १५:९लगभग १४९१ ई.पू.

    शत्रु ने कहा था, ‘मैं पीछा करूंगा, मैं उन्हें पकड़ लूंगा और लूटकर चीज़ों को बांट लूंगा तब मुझे तसल्ली मिलेगी, मैं तलवार निकालूंगा और अपने हाथ से उन्हें नष्ट कर दूंगा.’

  23. निर्गमन १५:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    आपने अपना सांस फूंका तब सागर ने उन्हें ढंक लिया. वे महा समुद्र में सीसे के समान डूब गए.

  24. निर्गमन १५:११लगभग १४९१ ई.पू.

    हे याहवेह, देवताओं में आपके तुल्य कौन है? कौन है आपके समान, पवित्रता में सर्वोपरि, स्तुति के योग्य और अनोखे काम करनेवाले?

  25. निर्गमन १५:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    “आपने अपना दायां हाथ बढ़ाया और पृथ्वी ने उन्हें निगल लिया.