circa AD 48–96
Letters to the Churches
Paul and other apostles write to strengthen, correct, and encourage the scattered churches across the Roman world.
इस काल के वचन
- 2 थेस्सलोनि ३:३लगभग ५४ ई.
किंतु प्रभु विश्वासयोग्य हैं. वही तुम्हें स्थिर करेंगे और उस दुष्ट से तुम्हारी रक्षा करेंगे.
- 2 थेस्सलोनि ३:४लगभग ५४ ई.
प्रभु में हमें तुम्हारे विषय में पूरा निश्चय है कि तुम हमारे आदेशानुसार ही स्वभाव कर रहे हो और ऐसा ही करते रहोगे.
- 2 थेस्सलोनि ३:५लगभग ५४ ई.
प्रभु तुम्हारे हृदयों को परमेश्वर के प्रेम तथा मसीह येशु के धीरज की ओर अगुवाई करें.
- 2 थेस्सलोनि ३:६लगभग ५४ ई.
प्रिय भाई बहनो, प्रभु येशु मसीह के नाम में हम तुम्हें यह आज्ञा देते हैं कि तुम ऐसे हर एक व्यक्ति से दूर रहो, जो अनुचित चाल चलता है, जो हमारे द्वारा दी गई शिक्षाओं का पालन नहीं करता.
- 2 थेस्सलोनि ३:७लगभग ५४ ई.
यह तुम्हें मालूम है कि तुम्हारे लिए हमारे जैसी चाल चलना सही है क्योंकि तुम्हारे बीच रहते हुए हम निकम्मे नहीं रहे.
- 2 थेस्सलोनि ३:८लगभग ५४ ई.
इतना ही नहीं, हमने किसी के यहां दाम चुकाए बिना भोजन नहीं किया परंतु हमने दिन-रात परिश्रम किया और काम करते रहे कि हम तुममें से किसी के लिए भी बोझ न बनें.
- 2 थेस्सलोनि ३:९लगभग ५४ ई.
यह इसलिये नहीं कि तुमसे सहायता पाना हमारा अधिकार नहीं है परंतु इसलिये कि हम स्वयं को तुम्हारे सामने आदर्श स्वभाव प्रस्तुत करें और तुम हमारी सी चाल चलो.
- 2 थेस्सलोनि ३:१०लगभग ५४ ई.
यहां तक कि जब हम तुम्हारे बीच में थे, हम तुम्हें यह आज्ञा दिया करते थे: “किसी आलसी को भोजन न दिया जाए.”
- 2 थेस्सलोनि ३:११लगभग ५४ ई.
सुनने में यह आया है कि तुममें से कुछ की जीवनशैली आलस भरी हो गई है. वे कोई भी काम नहीं कर रहे; वस्तुतः वे अन्यों के लिए बाधा बन गए हैं.
- 2 थेस्सलोनि ३:१२लगभग ५४ ई.
ऐसे व्यक्तियों के लिए प्रभु येशु मसीह में हमारी विनती भरी आज्ञा है कि वे गंभीरता पूर्वक काम पर लग जाएं तथा वे अपने ही परिश्रम से कमाया हुआ भोजन करें.
- 2 थेस्सलोनि ३:१३लगभग ५४ ई.
किंतु, प्रिय भाई बहनो, तुम स्वयं वह करने में पीछे न हटना, जो सही और भला है.
- 2 थेस्सलोनि ३:१४लगभग ५४ ई.
यदि कोई व्यक्ति हमारे इस पत्र के आदेशों को नहीं मानता है, उस पर विशेष ध्यान दो. उसका साथ न दो कि वह लज्जित हो.
- 2 थेस्सलोनि ३:१५लगभग ५४ ई.
इतना सब होने पर भी उसे शत्रु न मानो परंतु एक भाई समझकर उसे समझाओ.
- 2 थेस्सलोनि ३:१६लगभग ५४ ई.
शांति के परमेश्वर स्वयं तुम्हें हर एक परिस्थिति में निरंतर शांति प्रदान करते रहें. प्रभु तुम सबके साथ हों.
- 2 थेस्सलोनि ३:१७लगभग ५४ ई.
मैं, पौलॉस, अपने हाथों से नमस्कार लिख रहा हूं. मेरे हर एक पत्र का पहचान चिह्न यही है. यही मेरे लिखने का तरीका है.
- 2 थेस्सलोनि ३:१८लगभग ५४ ई.
हमारे प्रभु येशु मसीह का अनुग्रह तुम सब पर बना रहे.
- 1 तिमोथियॉस १:१लगभग ६५ ई.
परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता तथा हमारी आशा मसीह येशु की आज्ञा के अनुसार मसीह येशु के प्रेरित पौलॉस की ओर से,
- 1 तिमोथियॉस १:२लगभग ६५ ई.
विश्वास में मेरे वास्तविक पुत्र तिमोथियॉस को: पिता परमेश्वर तथा हमारे प्रभु येशु मसीह की ओर से अनुग्रह, कृपा और शांति.
- 1 तिमोथियॉस १:३लगभग ६५ ई.
मैंने मकेदोनिया प्रदेश जाते समय तुमसे विनती की थी कि, तुम इफ़ेसॉस नगर में ही रह जाओ और कुछ बताए हुए व्यक्तियों को चेतावनी दो कि वे न तो भरमानेवाली शिक्षा दें
- 1 तिमोथियॉस १:४लगभग ६५ ई.
और न पुरानी कहानियों और अंतहीन वंशावलियों में लीन रहें. इनसे विश्वास पर आधारित परमेश्वर की योजना के उन्नत होने की बजाय मतभेद उत्पन्न होता है.
- 1 तिमोथियॉस १:५लगभग ६५ ई.
हमारी आज्ञा का उद्देश्य है निर्मल हृदय से उत्पन्न प्रेम, शुद्ध अंतरात्मा तथा निष्कपट विश्वास.
- 1 तिमोथियॉस १:६लगभग ६५ ई.
कुछ हैं, जो रास्ते से भटक कर व्यर्थ के वाद-विवाद में फंस गए हैं.
- 1 तिमोथियॉस १:७लगभग ६५ ई.
वे व्यवस्था के शिक्षक बनने की अभिलाषा तो करते हैं परंतु वे जो कहते हैं और जिन विषयों का वे दृढ़ विश्वासपूर्वक दावा करते हैं, स्वयं ही उन्हें नहीं समझते.
- 1 तिमोथियॉस १:८लगभग ६५ ई.
हमें यह मालूम है कि व्यवस्था भली है—यदि इसका प्रयोग उचित रीति से किया जाए.
- 1 तिमोथियॉस १:९लगभग ६५ ई.
इस सच्चाई के प्रकाश में कि व्यवस्था का बनाया जाना धर्मियों के लिए नहीं परंतु अधर्मी, निरंकुश, दुराचारी, पापी, अपवित्र, ठग, माता-पिता के घात करनेवाले, हत्यारे,