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circa 1406–1380 BC

Conquest of Canaan

Joshua leads Israel across the Jordan into the promised land, defeating the Canaanite kingdoms one by one.

658 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. यहोशू १३:२३लगभग १४४४ ई.पू.

    रियूबेन वंशजों के लिए यरदन नदी सीमा थी. रियूबेन के पुत्रों तथा उनके परिवारों के अनुसार यही नगर तथा गांव उनका हिस्सा था.

  2. यहोशू १३:२४लगभग १४४४ ई.पू.

    मोशेह ने गाद के गोत्र को उनके परिवारों के अनुसार हिस्सा दिया;

  3. यहोशू १३:२५लगभग १४४४ ई.पू.

    तथा उनकी सीमा में याज़र तथा गिलआद के सभी नगर तथा अरोअर तक अम्मोनियों का आधा देश, जो रब्बाह के पूर्व में है,

  4. यहोशू १३:२६लगभग १४४४ ई.पू.

    तथा हेशबोन से रामथ-मिज़पाह, बटोनीम और माहानाईम से दबीर की सीमा तक;

  5. यहोशू १३:२७लगभग १४४४ ई.पू.

    तथा बेथ-हाराम की घाटी में बेथ-निमराह, सुक्कोथ तथा ज़ेफोन, हेशबोन के राजा सीहोन का बचा हुआ राज्य, जिसकी सीमा यरदन नदी थी तथा पूर्व में यरदन के किन्‍नेरेथ सागर के सीमा तक.

  6. यहोशू १३:२८लगभग १४४४ ई.पू.

    गाद के पुत्रों को, उनके गोत्रों के अनुसार दिया गया हिस्सा नगर एवं गांव यही थे.

  7. यहोशू १३:२९लगभग १४४४ ई.पू.

    मोशेह ने मनश्शेह के आधे गोत्र को यह भाग उनके परिवारों के अनुसार दिया:

  8. यहोशू १३:३०लगभग १४४४ ई.पू.

    उनकी सीमा माहानाईम से लेकर बाशान के राजा, ओग का पूरा राज्य, याईर का पूरा नगर, जो बाशान में, साठ नगर;

  9. यहोशू १३:३१लगभग १४४४ ई.पू.

    गिलआद का आधा भाग, अश्तारोथ तथा एद्रेइ (बाशान में ओग राजा के नगर थे ये). ये सभी मनश्शेह के पुत्र माखीर वंश को उनके परिवारों के अनुसार बांट दिया गया.

  10. यहोशू १३:३२लगभग १४४४ ई.पू.

    ये येरीख़ो के पूर्व में यरदन के पार, मोआब के मैदानों में मोशेह द्वारा बांटी गई थी.

  11. यहोशू १३:३३लगभग १४४४ ई.पू.

    लेवी के गोत्र को मोशेह ने कोई हिस्सा नहीं दिया. मोशेह ने उन्हें बताया कि, याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर ही उनका हिस्सा हैं, जैसा याहवेह ने उनसे कहा था.

  12. यहोशू १४:१लगभग १४४४ ई.पू.

    पुरोहित एलिएज़र तथा नून के पुत्र यहोशू तथा इस्राएल के परिवारों के मुखियों द्वारा कनान देश में इस्राएलियों को दिया गया हिस्सा इस प्रकार है.

  13. यहोशू १४:२लगभग १४४४ ई.पू.

    उनके भाग के लिए चिट्ठी डालकर, नाम चुनकर मीरास का निर्णय लिया गया. साढ़े नौ गोत्रों के संबंध में याहवेह ने मोशेह को यही आदेश दिया था.

  14. यहोशू १४:३लगभग १४४४ ई.पू.

    मोशेह तो ढाई गोत्रों को यरदन के पार हिस्सा दे चुके थे. उनके साथ मोशेह ने लेवी गोत्र को कोई भी हिस्सा नहीं दिया,

  15. यहोशू १४:४लगभग १४४४ ई.पू.

    क्योंकि योसेफ़ के दो गोत्र थे; मनश्शेह तथा एफ्राईम. इस देश में लेवी के वंश को कोई भी हिस्सा नहीं दिया गया था. उन्हें केवल रहने के लिए ही जगह दी गई थी. उनके चराइयां एवं उनके पशु ही उनकी संपत्ति थी.

  16. यहोशू १४:५लगभग १४४४ ई.पू.

    इस विषय में इस्राएल वंश ने ठीक वही किया जैसा याहवेह द्वारा मोशेह को आदेश दिया गया था.

  17. यहोशू १४:६लगभग १४४४ ई.पू.

    जब गिलगाल में यहूदाह गोत्र के लोग यहोशू के पास आए, और कनिज्ज़ी येफुन्‍नेह के पुत्र कालेब ने यहोशू से आग्रह किया, “कादेश-बरनेअ में परमेश्वर के दास मोशेह से आपके तथा मेरे संबंध में की गई याहवेह की प्रतिज्ञा आपको मालूम है.

  18. यहोशू १४:७लगभग १४४४ ई.पू.

    जब याहवेह के सेवक मोशेह ने मुझे कादेश-बरनेअ से इस देश की जानकारी लेने भेजा था, तब मेरी आयु चालीस वर्ष की थी. और मैं उनके लिए सही सूचना लाया.

  19. यहोशू १४:८लगभग १४४४ ई.पू.

    फिर भी उन लोगों ने, जो मेरे साथ वहां आये थे उनको डरा दिया; किंतु मैंने याहवेह अपने परमेश्वर की बात को पूरा किया.

  20. यहोशू १४:९लगभग १४४४ ई.पू.

    तब उस दिन मोशेह ने यह कहते हुए शपथ ली: ‘निश्चय जिस भूमि पर तुम्हारे पांव पड़े हैं, हमेशा के लिए तुम्हारे तथा तुम्हारे बच्चों के लिए हो जाएंगे, क्योंकि तुमने पूरे मन से याहवेह, मेरे परमेश्वर की इच्छा अनुसार काम किया है.’

  21. यहोशू १४:१०लगभग १४४४ ई.पू.

    “जब इस्राएली मरुभूमि में भटक रहे थे, तब याहवेह ने मोशेह को इस बारे में बताया था कि, अपने वायदे के अनुसार याहवेह ने मुझे पैंतालीस वर्ष जीवित रखा है. आज मेरी उम्र पचासी वर्ष की हो चुकी है.

  22. यहोशू १४:११लगभग १४४४ ई.पू.

    मुझमें आज भी वैसा ही बल है, जैसा उस समय था, जब मोशेह ने मुझे वहां भेजा था. युद्ध के लिए मुझमें जैसा बल उस समय था, आज भी उतनी ही ताकत है.

  23. यहोशू १४:१२लगभग १४४४ ई.पू.

    तब मुझे याहवेह के उस दिन दिए गए वचन के अनुसार यह देश दे दीजिए, क्योंकि आपको मालूम था कि वहां अनाकियों के लोग रहते थे. यह बहुत बड़ा भी हैं. यदि याहवेह मेरे साथ रहेंगे तो मैं उनकी प्रतिज्ञा के अनुसार उन अनाकियों को निकाल भगाऊंगा.”

  24. यहोशू १४:१३लगभग १४४४ ई.पू.

    यहोशू ने येफुन्‍नेह के पुत्र कालेब के लिए आशीष की बातें कहीं और उसे हिस्से में हेब्रोन दे दिया.

  25. यहोशू १४:१४लगभग १४४४ ई.पू.

    इस प्रकार आज तक हेब्रोन येफुन्‍नेह कालेब का भाग है, क्योंकि उसने पूरे मन से याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर को माना था.