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circa 1406–1380 BC
Conquest of Canaan
Joshua leads Israel across the Jordan into the promised land, defeating the Canaanite kingdoms one by one.
इस काल के वचन
- यहोशू १४:१५लगभग १४४४ ई.पू.
हेब्रोन इससे पहले किरयथ-अरबा के नाम से जाना जाता था, क्योंकि अनाकियों में सबसे अधिक शक्तिशाली व्यक्ति का नाम अरबा था. इसके बाद सारे देश में लड़ाई की स्थिति थम गई.
- यहोशू १५:१लगभग १४४३ ई.पू.
यहूदाह गोत्र को उनके परिवारों के अनुसार बंटवारे में एदोम की सीमा मिली, जो ज़िन के वन के निर्जन प्रदेश में दक्षिण दिशा की ओर है.
- यहोशू १५:२लगभग १४४३ ई.पू.
उनकी दक्षिण सीमा लवण-सागर के दक्षिण छोर से, उस खाड़ी से, जो दक्षिण की ओर मुड़ती है;
- यहोशू १५:३लगभग १४४३ ई.पू.
और यह अक्रब्बीम चढ़ाई की ओर होती हुई ज़िन की ओर बढ़ जाती है, फिर कादेश-बरनेअ के दक्षिण से बढ़ते हुए हेज़रोन पहुंचती है, और अद्दार की ओर से कारका की ओर बढ़ जाती है.
- यहोशू १५:४लगभग १४४३ ई.पू.
यह आज़मोन की ओर से मिस्र की सरिता की ओर बढ़ती है तथा समुद्र में जाकर मिल जाती है; यह दक्षिण सीमा में थी.
- यहोशू १५:५लगभग १४४३ ई.पू.
यरदन के मुहाने तक लवण-सागर पूर्वी सीमा थी; और उत्तरी सीमा समुद्र की खाड़ी से थी, जो यरदन के मुहाने पर है.
- यहोशू १५:६लगभग १४४३ ई.पू.
फिर सीमा उत्तर दिशा से बढ़कर बेथ-होगलाह तक और उत्तर में बेथ-अराबाह से आगे बढ़ते हुए रियूबेन के पुत्र बोहन की शिला तक पहुंची.
- यहोशू १५:७लगभग १४४३ ई.पू.
सीमा फिर आकोर की घाटी से दबीर तक बढ़ी, और उत्तर में गिलगाल की ओर मुड़ गई, जो अदुम्मीम की चढ़ाई के पास, घाटी के दक्षिण में है. यह सीमा आगे बढ़ते हुए एन-शेमेश के सीमा तक पहुंचकर एन-रोगेल पर खत्म हो गई.
- यहोशू १५:८लगभग १४४३ ई.पू.
इसके बाद यह सीमा बेन-हिन्नोम की घाटी के यबूसी ढाल तक पहुंची, जो दक्षिण दिशा में अर्थात् येरूशलेम में हे, और यह सीमा पश्चिम में हिन्नोम की घाटी के पास पर्वत के शिखर तक पहुंची. जो हिन्नोम की घाटी के पश्चिमी में है, जो उत्तर की ओर रेफाइम की घाटी के अंतिम छोर पर है.
- यहोशू १५:९लगभग १४४३ ई.पू.
पर्वत शिखर से सीमा आगे बढ़कर नेफतोआह के झरने की ओर मुड़कर एफ्रोन पर्वत के नगरों की ओर बढ़ जाती है, तत्पश्चात सीमा बालाह अर्थात् किरयथ-यआरीम की ओर मुड़ जाती है.
- यहोशू १५:१०लगभग १४४३ ई.पू.
फिर सीमा बालाह से पश्चिम दिशा में सेईर पर्वत की ओर मुड़ जाती है, और आगे बढ़ते हुए उत्तर में यआरीम पर्वत के अर्थात् कसालोन के ढाल पर पहुंचती है और आगे बेथ-शेमेश में जो तिमनाह पहुंचती है.
- यहोशू १५:११लगभग १४४३ ई.पू.
तब सीमा एक्रोन के उत्तर की ओर बढ़कर शिक्केरोन की ओर जाती है और बालाह पर्वत की ओर से यबनेएल समुद्र पर जाकर समाप्त हुई.
- यहोशू १५:१२लगभग १४४३ ई.पू.
पश्चिमी सीमा भूमध्य सागर थी. जो यहूदाह गोत्रजों के लिए उनके परिवारों के अनुसार दिया गया उसकी यही सीमा थी.
- यहोशू १५:१३लगभग १४४३ ई.पू.
यहोशू ने येफुन्नेह के पुत्र कालेब को यहूदाह गोत्र के बीच एक भाग दिया. याहवेह की ओर से यहोशू को यही आदेश मिला था कि कालेब को किरयथ-अरबा अर्थात् हेब्रोन दिया जाए. (अरबा अनाक के पूर्व-पिता का नाम था.)
- यहोशू १५:१४लगभग १४४३ ई.पू.
कालेब ने अनाक के तीन पुत्रों; शेशाइ, अहीमान तथा तालमाई को वहां से निकाल दिया,
- यहोशू १५:१५लगभग १४४३ ई.पू.
फिर कालेब ने दबीर वासियों पर हमला किया. दबीर का पुराना नाम किरयथ-सेफेर था.
- यहोशू १५:१६लगभग १४४३ ई.पू.
कालेब ने घोषणा की, “जो कोई किरयथ-सेफेर पर आक्रमण करके उसे अपने अधीन कर लेगा, मैं उसका विवाह अपनी पुत्री अक्सा से कर दूंगा!”
- यहोशू १५:१७लगभग १४४३ ई.पू.
कालेब के भाई केनज़ के पुत्र ओथनीएल ने किरयथ-सेफेर को अधीन कर लिया, तब कालेब ने उसे अपनी पुत्री अक्सा उसकी पत्नी होने के लिए दे दी.
- यहोशू १५:१८लगभग १४४३ ई.पू.
विवाह होने के बाद जब अक्सा अपने पति से बात कर रही थी, उसने उसे अपने पिता से एक खेत मांगने के लिए कहा. जब वह अपने गधे पर से उतर गई, तब कालेब ने उससे पूछा, “तुम्हें क्या चाहिए?”
- यहोशू १५:१९लगभग १४४३ ई.पू.
उसने उत्तर दिया, “मुझे आपके आशीर्वाद की ज़रूरत है. जैसे आप मुझे नेगेव क्षेत्र दे ही चुके हैं, और यदि हो सके तो मुझे जल के सोते भी दे दीजिए.” तब कालेब ने उसे ऊपर का सोता, नीचे का सोता दोनों दे दिया.
- यहोशू १५:२०लगभग १४४३ ई.पू.
यहूदाह गोत्र के कुलों का उनके परिवारों के अनुसार जो बंटवारा किया वे ये हैं:
- यहोशू १५:२१लगभग १४४३ ई.पू.
दक्षिण में एदोम की सीमा से लगे प्रदेश में यहूदाह गोत्र के कुलों को दिये गये नगर थे: कबज़ीएल, एदर तथा यागूर,
- यहोशू १५:२२लगभग १४४३ ई.पू.
कीनाह, दीमोनाह, अदआदाह,
- यहोशू १५:२३लगभग १४४३ ई.पू.
केदेश, हाज़ोर, यिथनान,
- यहोशू १५:२४लगभग १४४३ ई.पू.
ज़ीफ़, तेलेम, बालोथ,