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Witness के बारे में बाइबल के वचन: To the transfer of land

25 वचन · 10 पहलू

To the transfer of land पर वचन

  1. और अब्राहाम ने अबीमेलेक से उस कुएं के विषय में कहा, जिसे अबीमेलेक के सेवकों ने ले लिया था.

  2. अबीमेलेक ने उत्तर दिया, “न तो आपने मुझे इसके विषय में कभी बताया, न आज तक मैंने इस विषय में सुना है और न मुझे यह बात मालूम है.”

  3. अब्राहाम ने अबीमेलेक को भेंट में भेड़ें एवं बछड़े दिए तथा दोनों ने वायदा किया.

  4. फिर अब्राहाम ने सात मेमनों को अलग किया,

  5. अबीमेलेक ने अब्राहाम से पूछा, “क्या मतलब है इन सात मेमनों को अलग करने का?”

  6. अब्राहाम ने कहा, “कि आप ये सात मेमने लें ताकि यह हमारे बीच सबूत होगा, कि यह कुंआ मैंने खोदा है.”

  7. “हे मेरे स्वामी; मेरी बात सुनिये; मैं आपको वह गुफा खेत सहित मेरे संबंधियों के सामने दे रहा हूं. आप इसमें अपनी पत्नी को गाड़ दीजिये.”

  8. अब्राहाम ने एफ्रोन की बात मानकर उसको उतने मूल्य की चांदी तौलकर दे दी, जितना उसने हित्तियों के सुनते में कहा था: चार सौ शेकेल चांदी जो उस समय व्यापारियों के बीच में चलती थी.

  9. इसलिये उन्होंने एफ्रोन का वह खेत और गुफा, जो माखपेलाह में ममरे के पास था, और खेत के सभी पेड़ जो उसमें और उसके चारों ओर सीमा के अंदर थे,

  10. सब अब्राहाम को दे दिया. जितने हित्ती शहर के फाटक पर एकत्रित हुए थे, उन सभों के सामने वह संपत्ति अब्राहाम के अधिकार में पक्की रीति से आ गई.

  11. उसी समय बोअज़ नगर द्वार पर जाकर बैठ गए, और जब वहां वह छुड़ाने वाला आया, जिसका वर्णन बोअज़ रूथ से कर चुके थे, बोअज़ ने उनसे कहा, “मित्र यहां आइए और मेरे पास बैठिए.” सो वह आकर बोअज़ के पास बैठ गया.

  12. इसके बाद बोअज़ ने नगर के पुरनियों में से दस को भी वहां बुलवा लिया और उनसे विनती की, “कृपया यहां बैठिए,” सो वे सब बैठ गए.

  13. तब बोअज़ ने उस छुड़ानेवाले से कहा, “नावोमी, जो मोआब देश से लौट आई हैं, एलिमेलेख, हमारे रिश्तेदार की भूमि, का एक भाग बेच रही हैं.”

  14. सो मैं यह सही समझता हूं कि मैं आपको इसकी सूचना इन शब्दों में दे दूं, “इस ज़मीन को इन गवाहों की उपस्थिति में तथा हमारे नागरिकों के पुरनियों की उपस्थिति में खरीद लो. यदि तुम इसको छुड़ाना चाहो, इसको छुड़ा लो. किंतु यदि तुम छुड़ाना न चाहो, मुझसे कह दो, कि मुझे तुम्हारी इच्छा मालूम हो जाए, क्योंकि तुम्हारे अलावा इसका और कोई दूसरा छुड़ाने वाला नहीं है. तुम्हारे बाद मैं छुड़ा सकता हूं.” उस छुड़ानेवाले ने कहा, “मैं इसको छुड़ा लूंगा.”

  15. इस पर बोअज़ ने कहा, “जिस दिन तुम नावोमी से उस ज़मीन को ख़रीदोगे, तुम्हें मोआबी रूथ को, जो उस मृतक रिश्तेदार की विधवा है, भी मोल लेना पड़ेगा कि मृतक का नाम इस संपत्ति के साथ बना रह सके.”

  16. इस पर उस छुड़ानेवाले ने कहा, “इस स्थिति में मैं इसको छुड़ाने में असमर्थ हूं, क्योंकि ऐसा करने पर अपने ही वंश का नुकसान कर बैठूंगा. छुड़ाने का यह अधिकार अब तुम ले लो. क्योंकि मैं यह छुड़ाने में असमर्थ हूं.”

  17. (इस्राएल में पुराने समय से यह प्रथा चली आ रही थी, कि छुड़ाने की प्रक्रिया में लेनदेन को पक्का करने के प्रमाण के रूप में छुड़ाने वाला अपना जूता उतारकर दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया करता था. इस्राएल देश में लेनदेन पक्का करने की यही विधि थी.)

  18. सो जब उस छुड़ानेवाले ने बोअज़ से कहा, “तुम स्वयं ही इसको खरीद लो,” उसने अपना जूता उतारकर बोअज़ को दे दिया.

  19. तब बोअज़ ने पुरनियों तथा सभी उपस्थित लोगों को यह कहा, “आज आप सभी इस बात के गवाह हैं, कि मैंने नावोमी से वह सब खरीद लिया है, जो एलिमेलेख का तथा किल्‍योन तथा मह्‍लोन का था.

  20. मैंने अपने चाचा के पुत्र हनामेल से अनाथोथ का खेत मोल ले लिया, इसके लिए मैंने दो सौ ग्राम चांदी उसके लिए तौल दी.

  21. मैंने बंधक-पत्र पर हस्ताक्षर किए तथा उस पर मोहर लगा दी, तब मैंने गवाहों को आमंत्रित किया और तुलामान पर चांदी तौल दी.

  22. तब मैंने क्रय-बन्धक पत्र लिए—दोनों ही वह, जिस पर मोहर लगी हुई थी, जिसमें नियम तथा शर्तें निहित थी तथा वह, जो खुली हुई प्रति थी—

  23. मैंने क्रय-बन्धक पत्र अपने चाचा के पुत्र हनामेल ही के समक्ष तथा उन साक्ष्यों के समक्ष, जिन्होंने बंधक-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे तथा पहरे के आंगन में उस समय बैठे हुए यहूदियों के समक्ष, माहसेइयाह के पौत्र, नेरियाह के पुत्र बारूख को सौंप दिया.

  24. प्रभु याहवेह, आपने ही मुझे आदेश दिया था, अपने लिए मूल्य चुका कर खेत क्रय कर लो तथा गवाहों को बुला लो, जबकि नगर कसदियों को सौंपा जा चुका है.”

  25. लोग चांदी देकर खेत क्रय कर लेंगे, वे बंधक-पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे तथा उसे आमंत्रित साक्ष्यों को सारे मोहरबन्द कर देंगे. यह सब बिन्यामिन प्रदेश में होगा, येरूशलेम के उपनगरों में होगा यहूदिया के नगरों में होगा, घाटी के नगरों में होगा तथा नेगेव के नगरों में होगा; क्योंकि मैं समृद्धि लौटा दूंगा, यह याहवेह की वाणी है.”