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Praise के बारे में बाइबल के वचन

490 वचन · 106 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. वह अपना आदेश पृथ्वी के लिए भेजा करते हैं; और उनका वचन अति गति से प्रसारित होता है.

  2. वह हिमवृष्टि करते हैं, जो ऊन समान दिखता है; जब पाला पड़ता है, वह बिखरे हुए भस्म समान लगता है.

  3. जब वह ओले के छोटे-छोटे टुकड़े से वृष्टि करते हैं, तो किसमें उस शीत को सहने की क्षमता है?

  4. वह अपना आदेश भेजकर उसे पिघला देते हैं; वह हवा और जल में प्रवाह उत्पन्‍न करते हैं.

  5. उन्होंने याकोब के लिए अपना संदेश तथा इस्राएल के लिए अपने अधिनियम तथा व्यवस्था स्पष्ट कर दिए.

  6. ऐसा उन्होंने किसी भी अन्य राष्ट्र के लिए नहीं किया; वे उनकी व्यवस्था से अनजान हैं. याहवेह का स्तवन हो.

  7. याहवेह का स्तवन हो. आकाशमंडल में याहवेह का स्तवन हो; उच्च स्थानों में उनका स्तवन हो.

  8. उनके समस्त स्वर्गदूत उनका स्तवन करें; स्वर्गिक सेनाएं उनका स्तवन करें.

  9. सूर्य और चंद्रमा उनका स्तवन करें; टिमटिमाते समस्त तारे उनका स्तवन करें.

  10. सर्वोच्च आकाश, उनका स्तवन करे और वह जल भी, जो स्वर्ग के ऊपर संचित है.

  11. ये सभी याहवेह की महिमा का स्तवन करें, क्योंकि इन सब की रचना, आदेश मात्र से हुई है.

  12. उन्होंने इन्हें सदा-सर्वदा के लिए स्थापित किया है; उन्होंने राजाज्ञा प्रसारित की, जिसको टाला नहीं जा सकता.

  13. पृथ्वी से याहवेह का स्तवन किया जाए, महासागर तथा उनके समस्त विशालकाय प्राणी,

  14. अग्नि और ओले, हिम और धुंध, प्रचंड बवंडर उनका आदेश पालन करते हैं,

  15. पर्वत और पहाड़ियां, फलदायी वृक्ष तथा सभी देवदार,

  16. वन्य पशु और पालतू पशु, रेंगते जंतु और उड़ते पक्षी,

  17. पृथ्वी के राजा और राज्य के लोग, प्रधान और पृथ्वी के समस्त शासक,

  18. युवक और युवतियां, वृद्ध और बालक.

  19. सभी याहवेह की महिमा का गुणगान करें, क्योंकि मात्र उन्हीं की महिमा सर्वोच्च है; उनका ही तेज पृथ्वी और आकाश से महान है.

  20. अपनी प्रजा के लिए उन्होंने एक सामर्थ्यी राजा का उद्भव किया है, जो उनके सभी भक्तों के गुणगान का पात्र हैं, इस्राएली प्रजा के लिए, जो उनकी अत्यंत प्रिय है. याहवेह की स्तुति हो.

  21. याहवेह का स्तवन हो. याहवेह के लिए एक नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उनका स्तवन किया जाए.

  22. इस्राएल अपने कर्ता में आनंदित हो; ज़ियोन की सन्तति अपने राजा में उल्‍लसित हो.

  23. वे उनकी महिमा में नृत्य के साथ स्तवन करें; वे खंजरी और किन्‍नोर की संगत पर संगीत गाया करें.

  24. क्योंकि याहवेह का आनंद उनकी प्रजा में मगन है; वह भोले पुरुष को उद्धार से सुशोभित करते हैं.

  25. सात्विक उनके पराक्रम में प्रफुल्लित रहें, यहां तक कि वे अपने बिछौने पर भी हर्षोल्लास में गाते रहें.