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Journey of Israel Through The Desert के बारे में बाइबल के वचन

759 वचन · 177 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. फिर मिलनवाले तंबू में पवित्र स्थान के उत्तर दिशा पर बीच के पर्दे के बाहर मेज़ लगवाया.

  2. मेज़ पर मोशेह ने रोटियों को याहवेह के सम्मुख जमाया, जैसा याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  3. मोशेह ने मिलनवाले तंबू में मेज़ के सामने दक्षिण दिशा में दीपस्तंभ को रख दिया.

  4. और दीयों को याहवेह के सामने जला दिया, जैसा याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  5. फिर मोशेह ने मिलनवाले तंबू के भीतर, बीच के पर्दे के सामने, सोने की वेदी को रखा.

  6. और उस पर सुगंधित धूप जलाया, जैसा याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  7. मोशेह ने फिर पवित्र स्थान के द्वार पर पर्दा लगाया,

  8. और मिलनवाले तंबू के पवित्र स्थान के द्वार पर होमबलि की वेदी रखकर उस पर होमबलि और अन्‍नबलि चढ़ाई, जैसी याहवेह ने उन्हें आज्ञा दी थी.

  9. मिलनवाले तंबू और वेदी के बीच हौदी रखी, और उसमें पानी भर दिया.

  10. इसमें से पानी लेकर मोशेह, अहरोन तथा उनके पुत्र अपने हाथ एवं पांव धोते थे.

  11. जब भी वे मिलनवाले तंबू तथा वेदी के पास जाते थे, वे अपना हाथ-पांव धोकर ही जाते थे, जैसी याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  12. पवित्र स्थान और वेदी के चारों ओर आंगन बनाया और आंगन के द्वार पर पर्दा लगाया. इस प्रकार मोशेह ने काम पूरा किया.

  13. तब बादल मिलनवाले तंबू पर फैल गया और याहवेह का तेज पवित्र स्थान में भर गया.

  14. मोशेह तंबू में न जा सके, क्योंकि मिलनवाले तंबू के ऊपर बादल था और याहवेह का तेज पवित्र स्थान में भरा हुआ था.

  15. इस्राएलियों की पूरी यात्रा में, जब-जब बादल पवित्र स्थान के ऊपर से उठता, तब-तब वे वहां से निकलते.

  16. अगर बादल पवित्र स्थान से नहीं हटता, तब तक इस्राएली लोग कुछ नहीं करते; जब तक बादल उठ नहीं जाता.

  17. इस्राएलियों की सारी यात्राओं में याहवेह उनके लिए दिन में पवित्र स्थान के ऊपर बादल से उनको छाया देते, और रात में बादल में आग से उन्हें रोशनी दिखाई देती थी.

  18. इस्राएल के घराने के मिस्र देश से निकल जाने के बाद दूसरे वर्ष के दूसरे महीने की पहली तारीख पर सीनायी के निर्जन प्रदेश में मिलनवाले तंबू में याहवेह ने मोशेह को यह आज्ञा दी:

  19. “इस्राएल के घराने की सारी सभा की, उनके परिवारों की, उनके पितरों के अनुसार हर एक पुरुष की, व्यक्तिगत रूप से गिनती करना.

  20. यह आलेख उन सभी का होगा, जिनकी अवस्था बीस वर्ष तथा इससे अधिक की है, इस्राएल में जो भी युद्ध के लिए योग्य हैं, तुम तथा अहरोन उनके दल के अनुसार उनकी गिनती करोगे.

  21. इसके अलावा तुम्हारे साथ हर एक गोत्र का एक व्यक्ति पितरों का प्रधान रहेगा.

  22. “तुम्हारी सहायता के लिए ठहराए गए पुरुषों के नाम ये हैं: “रियूबेन से शेदेउर का पुत्र एलिज़ुर;

  23. शिमओन से ज़ुरीशद्दाय का पुत्र शेलुमिएल;

  24. यूदाह से अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन;

  25. इस्साखार से ज़ुअर का पुत्र नेथानेल;