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circa 1446–1406 BC

The Wilderness Years

Forty years of wandering in the desert test Israel's faith and prepare a new generation to enter the promised land.

2,247 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. गणना ४:१२लगभग १४९० ई.पू.

    “इसके बाद वे पवित्र स्थान में प्रयोग के लिए ठहराए गए सभी बर्तन लेकर उन्हें एक नीले रंग के वस्त्र में रख देंगे, इसे सूंस की खाल से ढांक देंगे, और तब उठाने के डंड़े इसमें पिरो देंगे.

  2. गणना ४:१३लगभग १४९० ई.पू.

    “वे वेदी की राख को हटाकर उसे एक बैंगनी वस्त्र से ढांक देंगे.

  3. गणना ४:१४लगभग १४९० ई.पू.

    वे इसके साथ ही इससे संबंधित सारे बर्तन उस पर रख देंगे: अग्नि पात्र, अंगीठियां, कांटे, फावड़े, चिलमचियां तथा वेदी से संबंधित पात्र तथा इन सब पर वे सूंस की खाल फैला देंगे और तब उठाने के डंड़े उसके स्थान पर पिरो देंगे.

  4. गणना ४:१५लगभग १४९० ई.पू.

    “जब अहरोन एवं उसके पुत्र पवित्र वस्तुओं तथा पवित्र स्थान के वस्त्रों को ढांक चुकें, और छावनी कूच के लिए तैयार हो, कोहाथ के पुत्र उनको उठाने जाएं, वे यह ध्यान रखें कि किसी भी पवित्र वस्तु से वे छू न जाएं; नहीं तो उनकी मृत्यु तय है. कोहाथ के घराने की यह ज़िम्मेदारी है कि वे मिलनवाले तंबू की इन वस्तुओं को उठाया करें.

  5. गणना ४:१६लगभग १४९० ई.पू.

    “अहरोन के पुत्र पुरोहित एलिएज़र को, दीपों के लिए उपयोग में लाए जानेवाले तेल, सुगंधधूप, नित्य अन्‍नबलि, अभिषेक के तेल; अर्थात् पूरे साक्षी के तंबू तथा उसमें रखी वस्तुओं, पवित्र स्थान तथा संबंधित वस्तुओं की पूरी ज़िम्मेदारी होगी.”

  6. गणना ४:१७लगभग १४९० ई.पू.

    इसके बाद याहवेह ने मोशेह तथा अहरोन को यह आज्ञा दी,

  7. गणना ४:१८लगभग १४९० ई.पू.

    “यह ध्यान रखना कि लेवियों में से कोहाथियों के परिवार नष्ट न हो जाएं.

  8. गणना ४:१९लगभग १४९० ई.पू.

    किंतु जब वे पवित्र वस्तुओं के निकट जाएं, तो उनके जीवन की सुरक्षा की दृष्टि से यह अवश्य किया जाए: अहरोन तथा उसके पुत्र उनके साथ भीतर जाकर हर एक को उसके लिए ठहराया हुआ कार्य सौंप दें;

  9. गणना ४:२०लगभग १४९० ई.पू.

    किंतु किसी भी परिस्थिति में, कोहाथियों भीतर जाकर एक क्षण के लिए भी पवित्र वस्तुओं पर दृष्टि करना उनके लिए घातक सिद्ध होगा.”

  10. गणना ४:२१लगभग १४९० ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह को यह आज्ञा दी,

  11. गणना ४:२२लगभग १४९० ई.पू.

    “अब गेरशोन के घराने की गिनती उनके परिवारों एवं कुल के अनुसार करो.

  12. गणना ४:२३लगभग १४९० ई.पू.

    तीस से पचास वर्ष की आयु के सभी पुरुषों की गिनती करनी है. ये सभी वे होंगे, जो मिलनवाले तंबू में सेवा के लिए चुने जाते हैं.

  13. गणना ४:२४लगभग १४९० ई.पू.

    “गेरशोनियों के परिवारों के लिए ठहराई हुई सेवा इस प्रकार है: सेवा करना तथा भार उठाना.

  14. गणना ४:२५लगभग १४९० ई.पू.

    वे साक्षी तंबू, अर्थात् मिलनवाले तंबू के पर्दे एवं ढकने वाले वस्त्र, सूंस के चमड़े का पर्दा, मिलनवाले तंबू के द्वार के लिए पर्दा,

  15. गणना ४:२६लगभग १४९० ई.पू.

    उस आंगन के पर्दे जो साक्षी तंबू और वेदी के चारों ओर है, उसके द्वार का पर्दा, पर्दों की डोरें तथा काम में आनेवाले सभी सामान तथा वह सब जो सामान्यतः किया जाता है, वे करते रहेंगे.

  16. गणना ४:२७लगभग १४९० ई.पू.

    गेरशोनियों के लिए जो भी सेवाएं, तथा सामग्री सामान उठाने से संबंधित जवाबदारी ठहराई गई है, उनको वे सिर्फ अहरोन एवं उसके पुत्र के आदेश पर ही किया करेंगे, तथा तुम भार उठाने से संबंधित जवाबदारी उन्हें सौंप दोगे.

  17. गणना ४:२८लगभग १४९० ई.पू.

    गेरशोनियों का उनके परिवारों के अनुसार मिलनवाले तंबू में किए जाने के कार्यों का विवरण यही है, तथा उनकी सेवाओं के विषय में निर्देश पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार द्वारा प्रदान किए जाएंगे.

  18. गणना ४:२९लगभग १४९० ई.पू.

    “मेरारी के पुत्रों की गिनती उनके परिवारों के अनुसार उनके पितरों के घराने में करोगे.

  19. गणना ४:३०लगभग १४९० ई.पू.

    तीस से पचास वर्ष की आयु के सभी पुरुषों की गिनती करनी है. ये वे होंगे, जिन्हें मिलनवाले तंबू में सेवा के लिए भर्ती किया जाता है.

  20. गणना ४:३१लगभग १४९० ई.पू.

    उनके द्वारा मिलनवाले तंबू की सेवा में उठाने का कार्य इस प्रकार किया जाएगा: साक्षी तंबू के पल्ले, छड़ें, खंभे, तथा आधार,

  21. गणना ४:३२लगभग १४९० ई.पू.

    आंगन के चारों ओर के खंभे, उनके आधार, उनकी खूंटियां, उनकी डोरियां तथा उनके उपकरण, उनके उपयोग से जुड़ी हर चीज़. तुम हर एक व्यक्ति को उसका नाम लेकर वे वस्तुएं सौंपोगे, जिनका भार वह उठाया करेगा.

  22. गणना ४:३३लगभग १४९० ई.पू.

    मिलनवाले तंबू में पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार के निर्देश में मेरारी के वंशजों के परिवारों द्वारा की जाने के लिए निर्धारित सेवा यही होगी.”

  23. गणना ४:३४लगभग १४९० ई.पू.

    फिर मोशेह अहरोन, तथा सारी सभा के प्रधानों ने कोहाथ के घराने के परिवारों के अंतर्गत उनके पितरों और कुलों के अनुसार उनकी गिनती की.

  24. गणना ४:३५लगभग १४९० ई.पू.

    वे सभी, जो आयु में तीस से पचास वर्ष के पुरुष हैं, जिनकी नियुक्ति मिलनवाले तंबू की सेवा के लिए की गई थी, इसमें गिने गए.

  25. गणना ४:३६लगभग १४९० ई.पू.

    परिवारों के अनुसार इनकी कुल संख्या 2,750 थी.