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circa 1380–1050 BC

The Judges & Ruth

Israel cycles through rebellion, oppression, and rescue under charismatic leaders—culminating in Ruth's faithful love story.

703 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. रूथ ३:१३लगभग १३०७ ई.पू.

    अभी तुम यहीं ठहरो, सुबह यदि वह व्यक्ति अपना दायित्व पूरा करता है तो बहुत अच्छा, नहीं तो जीवित याहवेह की शपथ, मैं तुमसे प्रतिज्ञा करता हूं, कि मैं तुम्हें छुड़ाऊंगा. सुबह होने तक यहीं सोती रहो.”

  2. रूथ ३:१४लगभग १३०७ ई.पू.

    सो रूथ सुबह होने तक बोअज़ के पैताने सोती रहीं, किंतु इसके पहले कि उजाला हो और कोई उन्हें पहचान सके, वह उठ गई. बोअज़ ने उससे कहा, “किसी को यह पता न चले कि तुम खलिहान में आई थी.”

  3. रूथ ३:१५लगभग १३०७ ई.पू.

    तब बोअज़ ने उससे आगे कहा, “अपनी ओढ़नी आगे फैलाओ.” सो उसने अपनी ओढ़नी वहां बिछा दी, बोअज़ ने छः माप जौ उसकी ओढ़नी में डाल दिए और उसे उसके कंधे पर रख दिया, और वह नगर में चली गयी.

  4. रूथ ३:१६लगभग १३०७ ई.पू.

    जब रूथ अपनी सास के पास पहुंची, नावोमी ने उससे पूछा, “मेरी पुत्री, बताओ कैसा रहा?” तब रूथ ने अपनी सास को वह सब बता दिया, जो बोअज़ ने उसके लिए किया था.

  5. रूथ ३:१७लगभग १३०७ ई.पू.

    रूथ ने आगे कहा, “उन्होंने मुझे ये छः माप जौ भी यह कहते हुए दिए हैं, ‘अपनी सास के पास खाली हाथ न जाना.’ ”

  6. रूथ ३:१८लगभग १३०७ ई.पू.

    इस पर नावोमी ने रूथ से कहा, “मेरी पुत्री, अब धीरज धरकर देखती जाओ कि आगे क्या-क्या होता है. क्योंकि वह व्यक्ति आज इस विषय को सुलझाए बिना शांत न बैठेगा.”

  7. उसी समय बोअज़ नगर द्वार पर जाकर बैठ गए, और जब वहां वह छुड़ाने वाला आया, जिसका वर्णन बोअज़ रूथ से कर चुके थे, बोअज़ ने उनसे कहा, “मित्र यहां आइए और मेरे पास बैठिए.” सो वह आकर बोअज़ के पास बैठ गया.

  8. इसके बाद बोअज़ ने नगर के पुरनियों में से दस को भी वहां बुलवा लिया और उनसे विनती की, “कृपया यहां बैठिए,” सो वे सब बैठ गए.

  9. तब बोअज़ ने उस छुड़ानेवाले से कहा, “नावोमी, जो मोआब देश से लौट आई हैं, एलिमेलेख, हमारे रिश्तेदार की भूमि, का एक भाग बेच रही हैं.”

  10. सो मैं यह सही समझता हूं कि मैं आपको इसकी सूचना इन शब्दों में दे दूं, “इस ज़मीन को इन गवाहों की उपस्थिति में तथा हमारे नागरिकों के पुरनियों की उपस्थिति में खरीद लो. यदि तुम इसको छुड़ाना चाहो, इसको छुड़ा लो. किंतु यदि तुम छुड़ाना न चाहो, मुझसे कह दो, कि मुझे तुम्हारी इच्छा मालूम हो जाए, क्योंकि तुम्हारे अलावा इसका और कोई दूसरा छुड़ाने वाला नहीं है. तुम्हारे बाद मैं छुड़ा सकता हूं.” उस छुड़ानेवाले ने कहा, “मैं इसको छुड़ा लूंगा.”

  11. इस पर बोअज़ ने कहा, “जिस दिन तुम नावोमी से उस ज़मीन को ख़रीदोगे, तुम्हें मोआबी रूथ को, जो उस मृतक रिश्तेदार की विधवा है, भी मोल लेना पड़ेगा कि मृतक का नाम इस संपत्ति के साथ बना रह सके.”

  12. इस पर उस छुड़ानेवाले ने कहा, “इस स्थिति में मैं इसको छुड़ाने में असमर्थ हूं, क्योंकि ऐसा करने पर अपने ही वंश का नुकसान कर बैठूंगा. छुड़ाने का यह अधिकार अब तुम ले लो. क्योंकि मैं यह छुड़ाने में असमर्थ हूं.”

  13. (इस्राएल में पुराने समय से यह प्रथा चली आ रही थी, कि छुड़ाने की प्रक्रिया में लेनदेन को पक्का करने के प्रमाण के रूप में छुड़ाने वाला अपना जूता उतारकर दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया करता था. इस्राएल देश में लेनदेन पक्का करने की यही विधि थी.)

  14. सो जब उस छुड़ानेवाले ने बोअज़ से कहा, “तुम स्वयं ही इसको खरीद लो,” उसने अपना जूता उतारकर बोअज़ को दे दिया.

  15. तब बोअज़ ने पुरनियों तथा सभी उपस्थित लोगों को यह कहा, “आज आप सभी इस बात के गवाह हैं, कि मैंने नावोमी से वह सब खरीद लिया है, जो एलिमेलेख का तथा किल्‍योन तथा मह्‍लोन का था.

  16. साथ ही मैंने मह्‍लोन की विधवा मोआबी रूथ को अपनी पत्नी होने के लिए स्वीकार कर लिया है, कि मृतक की संपत्ति के उत्तराधिकार के लिए संतान पैदा हो, और उसके जन्मस्थान तथा उनके रिश्तेदारों में से मृतक का नाम मिटने न पाए. आप सभी आज इसके गवाह हैं!”

  17. इस पर नगर द्वार की सारी भीड़ तथा नगर के पुरनियों ने उत्तर दिया, “हम इसके गवाह हैं. जो स्त्री तुम्हारे परिवार में प्रवेश कर रही है, याहवेह उसे राहेल तथा लियाह के समान बनाएं, जो दोनों ही इस्राएल के सारे गोत्रों का मूल हैं. तुम एफ़राथा में सम्पन्‍न होते जाओ और बेथलेहेम में तुम्हारा यश फैल जाए.

  18. याहवेह द्वारा तुम्हें जो संतान इस स्त्री से मिले, वह पेरेज़ के समान हों, जो यहूदाह के तामार द्वारा प्राप्‍त हुए थे.”

  19. रूथ ४:१३लगभग १३०७ ई.पू.

    बोअज़ ने रूथ से विवाह कर लिया और जब वह उसके पास गया, याहवेह ने रूथ को गर्भधारण की क्षमता दी, और उसे एक पुत्र पैदा हुआ.

  20. रूथ ४:१४लगभग १३०७ ई.पू.

    स्त्रियां आकर नावोमी से कहने लगी, “धन्य हैं याहवेह, जिन्होंने आज आपको छुड़ानेवाले के बिना नहीं छोड़ा. इस्राएल देश में इस छुड़ानेवाले का बड़ा नाम हो जाए!

  21. रूथ ४:१५लगभग १३०७ ई.पू.

    वह आप में जीवन भर देगा और आपके बुढ़ापे में वही आपका सहारा होगा, क्योंकि आपकी बहू ने उसे जन्म दिया है, उसका प्रेम आप पर बहुत ही अपार है, जो आपके लिए सात पुत्रों से कहीं अधिक बढ़कर है.”

  22. रूथ ४:१६लगभग १३०७ ई.पू.

    तब नावोमी ने बच्‍चे को अपनी गोद में उठा लिया और धाय के समान उसकी देखभाल करने लगी.

  23. रूथ ४:१७लगभग १३०७ ई.पू.

    पड़ोसी स्त्रियों ने बच्‍चे को एक नाम दिया. उनका कहना था, “नावोमी को एक बेटा हुआ है!” उनके द्वारा बच्‍चे को दिया गया नाम था, ओबेद. यही यिशै का पिता हुआ, जो राजा दावीद के पिता थे. अर्थात् राजा दावीद के दादा.

  24. रूथ ४:१८लगभग १३०७ ई.पू.

    पेरेज़ की वंशावली इस प्रकार हुई: पेरेज़ हेज़रोन के,

  25. रूथ ४:१९लगभग १३०७ ई.पू.

    हेज़रोन राम के, राम अम्मीनादाब के,