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Tribe Of Benjamin के बारे में बाइबल के वचन

107 वचन · 35 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. नौवें दिन गिदयोनी का पुत्र अबीदान जो बिन्यामिन के गोत्र का प्रधान था अपनी भेंट लाया:

  2. उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा तथा सत्तर शेकेल चांदी की कटोरी में तेल मिला हुआ मैदा तथा

  3. दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;

  4. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;

  5. पापबलि के लिए एक बकरा;

  6. मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह गिदयोनी के पुत्र अबीदान द्वारा चढ़ाई गई भेंट थी.

  7. बिन्यामिन के परिवार समूह के परिवार ये थे: बेला से बेला परिवार; अशबेल से अशबेली परिवार; अहीराम से अहीरामी परिवार;

  8. शपूआमि से शपूआमि परिवार; हूपाम से हूपामी परिवार.

  9. बेला के परिवार में अर्द और नामान थे: अर्द से अर्दी परिवार; नामान से नामानी परिवार;

  10. भूमि का सबसे पहला हिस्सा बिन्यामिन गोत्र को मिला. उनके परिवारों की संख्या के अनुसार चिट्ठी डाली गई, उन्हें यहूदाह तथा योसेफ़ के गोत्रों के बीच की भूमि पर अधिकार दिया गया.

  11. उत्तर दिशा में उनकी सीमा यरदन से होते हुए, येरीख़ो के उत्तरी ढाल से होकर, पर्वतीय क्षेत्र से होते हुए, पश्चिम दिशा में मिल जाती है, और बेथ-आवेन पर जाकर रुक जाती है.

  12. वहां से लूज़ की ओर से होकर बेथेल से दक्षिण दिशा में बढ़ती है. जहां से अटारोथ-अद्दार, जो पहाड़ी के निकट है, और बेथ-होरोन के दक्षिण में है.

  13. वहां से पश्चिम से होकर दक्षिण की ओर मुड़ जाती है, और किरयथ-बाल पर जाकर समाप्‍त होती है, जो नगर यहूदाह गोत्र के अधीन था, और पश्चिमी सीमा में है.

  14. दक्षिण की सीमा किरयथ-यआरीम से शुरू होकर, पश्चिम दिशा से बढ़ते हुए नेफतोआह जल के सोते तक पहुंचती है.

  15. वह सीमा बढ़ती हुई बेन-हिन्‍नोम घाटी में स्थित पहाड़ी के पास पहुंचती है, जो उत्तर में रेफाइम की घाटी में है; और हिन्‍नोम, दक्षिण में यबूसियों का ढाल है, जो एन-रोगेल की ओर बढ़ जाती है.

  16. यह उत्तर दिशा से होती हुई एन-शेमेश से गलीलोथ पहुंचती है, जो अदुम्मीम चढ़ाई के पास है. वहां से सीमा रियूबेन के पुत्र बोहन की शिला की ओर बढ़ती है.

  17. यह सीमा अराबाह के ढाल की ओर बढ़कर. उत्तर की ओर से होकर घाटी में पहुंचती है.

  18. सीमा आगे बढ़कर बेथ-होगलाह की बाहरी सीमा से होती हुई, उत्तर की ओर जाती है, जो लवण-सागर की उत्तरी खाड़ी में जाकर यरदन नदी के दक्षिणी मुहाने पर मिल जाती है.

  19. यरदन नदी इसकी पूर्वी सीमा थी. यह उनके परिवारों एवं इसकी चारों ओर की सीमा के अनुसार बिन्यामिन वंश का हिस्सा था.

  20. बिन्यामिन के गोत्र तथा उनके परिवारों के अनुसार उन्हें दिये गये नगर यह थे: येरीख़ो, बेथ-होगलाह, एमेक-कत्सीत्स,

  21. बेथ-अराबाह, सेमाराइम, बेथेल,

  22. अव्वीम, पाराह, ओफ़राह,

  23. कफर-अम्मोनी, ओफनी तथा गेबा; ये सभी बारह नगर, उनके गांवों सहित.

  24. गिबयोन, रामाह, बएरोथ,

  25. मित्सपेह, कफीराह, मोत्साह,