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Judah

244 वचन · 20 परिवार के सदस्य

इन्हें भी कहा जाता है: Judas, Juda

Judah का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. यहूदाह से राजदंड कभी भी अलग न होगा और न ही उसके वंश से शासन का राजदंड, दूर होगा, जब तक वह न आ जाये और राज्य-राज्य के लोग उसके अधीन रहेंगे.

  2. रियूबेन, शिमओन, लेवी और यहूदाह;

  3. “सुनो, मैंने यहूदाह गोत्र के हूर के पौत्र, उरी के पुत्र बसलेल को नाम लेकर बुलाया है.

  4. तब मोशेह ने इस्राएलियों से कहा, “सुनो, याहवेह ने यहूदाह गोत्र से हूर के पौत्र उरी के पुत्र बसलेल को चुना है,

  5. जिन वस्तुओं को बनाने की आज्ञा याहवेह द्वारा मोशेह को दी गई थी, वह यहूदाह गोत्र के बसलेल ने बना दी—बसलेल उरी के पुत्र, हूर के पोते थे.

  6. यूदाह से अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन;

  7. यहूदाह के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे सारे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके कुटुंब, उनके पितरों एवं परिवारों के अनुसार,

  8. यहूदाह के गोत्र से 74,600.

  9. वे, जो अपने शिविर सूर्योदय की दिशा, पूर्व में स्थापित करेंगे, वह होगा यहूदाह गोत्र, वे अपने शिविर अपने झंडे के नीचे स्थापित करेंगे. यहूदाह के गोत्र का प्रधान होगा अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन.

  10. यहूदाह के शिविर के लिए गिने गए सैनिक, जिन्हें उनके दलों के अनुसार तैयार किया गया था, वे गिनती में 1,86,400 थे. वे सबसे पहले कूच करेंगे.

  11. जिस व्यक्ति ने पहले दिन भेंट चढ़ाई, वह यहूदाह गोत्र से अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन था.

  12. यहूदाह के वंश की छावनी के झंडे, उनके सैन्य व्यवस्था के अनुसार चल रहे थे. अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन सेनापति था.

  13. यहूदिया के गोत्र से येफुन्‍नेह का पुत्र कालेब;

  14. यहूदाह के दो पुत्र एर और ओनान, कनान में मर गए थे.

  15. यहूदाह के परिवार समूह के ये परिवार हैं: शेलाह से शेलाह परिवार; पेरेज़ से पेरेज़ परिवार; ज़ेराह से ज़ेराह परिवार;

  16. यहूदाह के परिवार समूह के वे परिवार थे. इनके कुल पुरुषों की संख्या 76,500 थी.

  17. “चुने गए व्यक्ति ये हैं: “यूदाह गोत्र से येफुन्‍नेह का पुत्र कालेब;

  18. जब तुम यरदन नदी को पार करोगे, गेरिज़िम पर्वत पर खड़े होकर लोगों के लिए आशीर्वाद देने के लिए तय व्यक्ति इन गोत्रों से होंगे: शिमओन, लेवी, यहूदाह, इस्साखार, योसेफ़ और बिन्यामिन.

  19. यहूदाह के लिए मोशेह के वचन थे: “याहवेह, यहूदाह की विनती सुनिए, उसे अपने लोगों तक ले आइए. उसके हाथों को मजबूत कर दीजिए, आप ही उसके शत्रुओं के विरुद्ध उसकी सहायता बने रहें!”

  20. पूरा नफताली और एफ्राईम और मनश्शेह और सारा यहूदिया, पश्चिमी सागर तक,

  21. किंतु इस्राएल वंश ने चढ़ाई हुई वस्तुओं पर लालच किया. यहूदाह गोत्र से आखान, जो कारमी का पुत्र और ज़िमरी का पोता और ज़ेराह का परपोता था, उसने चढ़ाई हुई वस्तुओं में से कुछ अपने लिए रख लीं. इस्राएल के प्रति याहवेह का क्रोध भड़क उठा.

  22. सुबह जल्दी उठकर यहोशू ने इस्राएल को गोत्रों के अनुसार इकट्ठा किया. फिर यहूदाह गोत्र को बुलाया गया,

  23. और उन्हें एक साथ बुलाया, फिर ज़ेरहियों के घराने को बुलाया. फिर उन्होंने ज़ेरहियों के घराने को व्यक्तियों के अनुसार एक साथ बुलाया.

  24. फिर उन्होंने व्यक्तियों के आधार पर उसके घराने को अलग किया, और आखान चुना गया, जो कारमी का पुत्र, ज़िमरी का पोता और ज़ेराह का परपोता था; वह यहूदाह के गोत्र से था.

  25. इसके बाद यहोशू ने पर्वतीय क्षेत्र से, हेब्रोन, दबीर, अनाब तथा यहूदिया के समस्त पर्वतीय क्षेत्र से अनाकियों को मार दिया. यहोशू ने उन्हें उनके नगरों सहित पूरा नाश कर दिया.