उत्पत्ति १०:१-३२
१
शेम, हाम और याफेत नोहा के पुत्र थे, जलप्रलय के बाद इनकी संतान पैदा हुईं.
२
याफेत के पुत्र: गोमर, मागोग, मेदिया, यावन, तूबल, मेशेख तथा तिरास थे.
३
गोमर के पुत्र: अश्केनाज, रिफात तथा तोगरमाह थे.
४
यावन के पुत्र: एलिशाह, तरशीश, कित्तिम तथा दोदानिम थे.
५
(और उनके वंशज मल्लाह बनकर प्रत्येक की अपनी भाषा, गोत्र और राष्ट्र होकर विभिन्न देशों में बंट गये.)
६
हाम के पुत्र: कूश, मिस्र, पूट तथा कनान हुए.
७
कूश के पुत्र: सेबा, हाविलाह, सबताह, रामाह और सबतेका. रामाह के पुत्र: शीबा और देदान.
८
कूश उस निमरोद का पिता था जो पृथ्वी पर पहले वीर व्यक्ति के रूप में मशहूर हुआ.
९
वह याहवेह की दृष्टि में पराक्रमी, शिकारी था, और ऐसा कहा जाने लगा, “निमरोद के समान याहवेह की दृष्टि में पराक्रमी शिकारी!”
१०
उसके राज्य की शुरुआत शीनार देश में, बाबेल, एरेख, अक्काद तथा कालनेह से हुई.
११
वहां से वे अश्शूर में गये, वहां उन्होंने नीनवेह, रेहोबोथ-इर तथा कलाह नगर बनाए.
१२
तथा रेसेन नगर को बनाए, जो नीनवेह तथा कलाह के बीच का एक बड़ा नगर है.
१३
मिस्र के पुत्र: लूदिम, अनामिम, लेहाबिम, नाफतुहि,
१४
पथरूस, कस्लूह (जिनसे फिलिस्तीनी राष्ट्र निकले) और काफ़तोर
१५
कनान का पहला पुत्र सीदोन, फिर हित्ती,
१६
यबूसी, अमोरी, गिर्गाशी,
१७
हिव्वी, आरकी, सीनी,
१८
अरवादी, ज़ेमारी, हामाथी. (बाद में कनानी परिवार भी बढ़ते गए.
१९
कनान के वंश की सीमा सीदोन से होकर गेरार से होती हुई अज्जाह तक थी तथा सोदोम, अमोराह, अदमाह तथा ज़ेबोईम से लाशा तक थी.)
२०
ये सभी गोत्रों, भाषाओं, देशों तथा उनके राष्ट्रों के अनुसार हाम के वंश में से थे.
२१
शेम याफेत के बड़े भाई थे; वे एबर के वंश के गोत्रपिता हुए.
२२
शेम के पुत्र: एलाम, अशहूर, अरफाक्साद, लूद तथा अराम थे.
२३
अराम के पुत्र: उज़, हूल, गेथर तथा माश थे.
२४
अरफाक्साद शेलाह का पिता था, शेलाह एबर का.
२५
एबर के दो पुत्र हुए: एक का नाम पेलेग अर्थात् बांटना, क्योंकि उनके समय में पृथ्वी का बंटवारा हुआ. उनके भाई का नाम योकतान था.
२६
योकतान के पुत्र: अलमोदाद, शेलेफ, हासारमेबेथ, जेराह,
२७
हादरोम, उजाल, दिखलाह,
२८
ओबाल, अबीमाएल, शीबा,
२९
ओफीर, हाविलाह और योबाब. ये सभी योकतान के पुत्र थे.
३०
(ये जहां रहते थे, वहां की सीमा मेषा से लेकर पूर्व के पहाड़ के सेफार तक थी.)
३१
ये सभी अपने गोत्रों, भाषाओं, देशों तथा राष्ट्रों के अनुसार शेम वंश के थे.
३२
अपनी-अपनी संतान और जाति के अनुसार, ये नोहा के बेटों के वंशज हैं. जलप्रलय के बाद, जाति-जाति के लोग इनसे निकलकर पृथ्वी में फैल गए.
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