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Bashan

52 verses

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Bashan का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. गेरशोन वंश को, जो लेवी गोत्र से थे: मनश्शेह के आधे गोत्र में से बाशान का गोलान (जो हत्यारे के लिए निश्चित शरण शहर था) और उसके चराइयों सहित, बएशतरा उसके चराइयों सहित, दो नगर दिए.

  2. मोशेह ने मनश्शेह के आधे गोत्र को बाशान में संपत्ति दी थी, किंतु अन्य आधे गोत्र को यहोशू ने यरदन के पश्चिम में उनके बंधुओं के साथ भूमि दी थी. यहोशू ने उन्हें उनके तंबू में जाने को कहा और यहोशू ने उन्हें आशीष देकर विदा किया.

  3. बेन-गीबर रामोथ-गिलआद में चुना गया शासक था. उनके अधिकार में मनश्शेह के पुत्र याईर के गांव भी थे, जो गिलआद क्षेत्र में स्थित हैं. उसके अधिकार में अरगोब का क्षेत्र भी था, जो बाशान में स्थित है—शहरपनाह और कांसे की छड़ों से सुरक्षित बना दिए गए साठ विशाल नगर.

  4. गिलआद प्रदेश में उरी का पुत्र गीबार, जो अमोरियों के राजा सीहोन और इसके अलावा यहूदिया राज्य के लिए एक राज्यपाल भी चुना गया था.

  5. यरदन के पूर्ववर्ती क्षेत्र से लेकर पूरा गिलआद, गाद और रियूबेन के वंशज, मनश्शेह के वंशज, आरनोन घाटी के निकटवर्ती अरोअर अर्थात् गिलआद और बाशान तक.

  6. गाद-वंशज उन्हीं के सामने बाशान क्षेत्र में रहते थे, वे सलेकाह तक फैले हुए थे:

  7. योएल प्रधान था, दूसरा था शाफ़ाम, उसके बाद बाशान में यानाई और शाफात.

  8. ये सभी बाशान के नगर गिलआद और इसके अन्य नगरों में और शारोन के सारे चरागाह में दूर-दूर तक रहते थे.

  9. मनश्शेह के अर्धकुल के सदस्य इस देश में रहते रहे, जो अनगिनत थे और बाशान से लेकर बाल-हरमोन तक और सेनीर (और हरमोन पर्वत) तक बसे हुए थे.

  10. गेरशोम के पुत्रों को उनके परिवार के अनुसार इस्साखार के गोत्र में से, आशेर के गोत्र में से, नफताली के गोत्र में से और बाशान में मनश्शेह के गोत्र में से तेरह नगर प्रदान किए गए.

  11. मनश्शेह के अर्ध-गोत्र में से गेरशोन-वंशजों को चरागाहों के साथ बाशान क्षेत्र में गोलान और चरागाहों के साथ अश्तारोथ;

  12. “आपने राज्य और लोग उनके वश में कर दिए और उन्हें क्षेत्र का हर एक कोना भी दे दिया. उन्होंने हेशबोन के राजा सीहोन के देश पर अधिकार कर लिया और बाशान के राजा ओग के देश पर भी.

  13. अनेक सांड़ मुझे घेरे हुए हैं; बाशान के सशक्त सांड़ों ने मुझे घेर रखा है.

  14. ओ देवताओं का पर्वत, बाशान पर्वत, ओ अनेक शिखरयुक्त पर्वत, बाशान पर्वत,

  15. प्रभु ने घोषणा की, “मैं तुम्हारे शत्रुओं को बाशान से भी खींच लाऊंगा; मैं उन्हें सागर की गहराइयों तक से निकाल लाऊंगा,

  16. अमोरियों के राजा सीहोन का, बाशान के राजा ओग का तथा कनान देश के समस्त राजाओं का.

  17. बाशान के राजा ओग का, सनातन है उनकी करुणा.

  18. और लबानोन के समस्त ऊंचे देवदारों, तथा बाशान के सब बांज वृक्षों पर,

  19. देश रो रहा है, और परेशान है, लबानोन लज्जित होकर मुरझा रहा है; शारोन मरुभूमि के मैदान के समान हो गया है, बाशान तथा कर्मेल की हरियाली खत्म हो चुकी हैं.

  20. “लबानोन में जाकर विलाप करो, बाशान में उच्च स्वर उठाओ, अबारिम में भी विलाप सुना जाए, क्योंकि जो तुम्हें प्रिय थे उन्हें कुचल दिया गया है.

  21. तब मैं इस्राएल को उसकी चराइयों में लौटा ले आऊंगा, तब वह कर्मेल तथा बाशान में चरा करेगा; और पर्वतीय क्षेत्र एफ्राईम तथा गिलआद में उसकी अभिलाषा पूर्ण की जाएगी.

  22. तुम्हारे पतवारों के लिए उन्होंने बाशान के बांज वृक्षों की लकड़ी का उपयोग किया है; तुम्हारे पानी जहाज़ का छत कित्तिम समुद्रतट के चीड़ वृक्ष का है, जिसे हाथी-दांत से सजाया गया है.

  23. तुम शक्तिशाली लोगों के मांस को खाओगे और पृथ्वी के राजकुमारों का खून ऐसे पियोगे, मानो वे मेढ़े और मेमने, बकरे और बैल हों—जिन्हें बाशान में मोटा-ताजा किया गया हो.

  24. शमरिया की पहाड़ी पर निवास कर रही बाशान की गायों, यह संदेश तुम्हारे लिए है, तुम निर्धनों पर अत्याचार करती हो, ज़रूरतमंदों को कुचलती हो, अपने पति को आदेश देती हो, “जाओ, पीने के लिए कुछ ले आओ!”

  25. अपने लोगों की रखवाली, अपने उत्तराधिकार में पाये झुंड की रखवाली अपनी लाठी से करना, जो बंजर भूमि में, और उपजाऊ चरागाह में अपने बूते रहते हैं. उन्हें बहुत पहले के समय जैसे बाशान और गिलआद में चरने दो.