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circa 605–538 BC
The Babylonian Exile
Jerusalem falls and the temple burns; Ezekiel and Daniel minister among the exiles as Lamentations mourns the city's ruin.
इस काल के वचन
- यहेजकेल ३१:६लगभग ५८८ ई.पू.
आकाश के सारे पक्षी उसकी डालियों पर बसेरा करते थे, उसकी शाखाओं के नीचे बंजर भूमि के सारे पशु बच्चे देते थे; सारी महान जनता इसकी छाया में रहती थीं.
- यहेजकेल ३१:७लगभग ५८८ ई.पू.
अपनी फैली हुई डालियों के साथ, सुंदरता में यह वैभवशाली था, क्योंकि इसकी जड़ें नीचे भरपूर अधिक पानी के सोतों तक पहुंची हुई थी.
- यहेजकेल ३१:८लगभग ५८८ ई.पू.
परमेश्वर के बगीचे के देवदार वृक्ष इसकी तुलना में कुछ न थे, सनोवर भी इसकी डालियों के बराबर नहीं थे, न ही चौरस पेड़ों की तुलना इसकी शाखाओं से की जा सकती थी— परमेश्वर के बगीचे का कोई भी पेड़ इसकी सुंदरता की बराबरी नहीं कर सकता था.
- यहेजकेल ३१:९लगभग ५८८ ई.पू.
मैंने प्रचूर शाखाओं के साथ इसे सुंदर बनाया, परमेश्वर की वाटिका, एदेन के सारे पेड़ इससे ईर्ष्या करते थे.
- यहेजकेल ३१:१०लगभग ५८८ ई.पू.
“ ‘इसलिये परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: क्योंकि महान देवदार घने पत्तियों के ऊपर बढ़ा था, और क्योंकि उसे अपनी ऊंचाई का घमंड था,
- यहेजकेल ३१:११लगभग ५८८ ई.पू.
इसलिये मैंने उसे जाति-जाति के लोगों पर शासन करनेवाले के हाथों में दे दिया कि वह उसकी दुष्टता के अनुसार उससे व्यवहार करे. मैंने उसे अलग फेंक दिया,
- यहेजकेल ३१:१२लगभग ५८८ ई.पू.
और विदेशी जनताओं में जो सबसे ज्यादा निर्दयी हैं, उन्होंने उसे काटकर छोड़ दिया. उसकी डालियां पर्वतों और सब घाटियों में गिरीं; उसकी शाखाएं देश के सब दर्रों में टूटी पड़ी रहीं. जाति-जाति के सब लोग उसकी छाया से निकल आए और उसे छोड़ दिया.
- यहेजकेल ३१:१३लगभग ५८८ ई.पू.
सब पक्षी गिरे हुए पेड़ पर बसेरा करने लगे, और सब पशु उसकी शाखाओं के बीच रहने लगे.
- यहेजकेल ३१:१४लगभग ५८८ ई.पू.
इसलिये पानी के पास अब कोई दूसरा पेड़ घनी पत्तियों के बीच अपने सिर को उठाते हुए घमंड से ऊंचा न बढ़े. भरपूर पानी के पास का कोई दूसरा पेड़ ऐसा ऊंचा न हो; उन सबका मरना निश्चित है, उनकी जगह पृथ्वी के नीचे उन मरणहार लोगों के बीच है, जो मृतकों के राज्य में नीचे जा रहे हैं.
- यहेजकेल ३१:१५लगभग ५८८ ई.पू.
“ ‘परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: जिस दिन इसे मृतकों के राज्य में नीचे लाया गया, मैंने इसके लिये शोक के साथ गहरे झरनों को ढांक दिया; मैंने इसके सोतों को रोक दिया, और इसके भरपूर पानी के स्रोत बंद हो गये. इसके कारण मैंने लबानोन को गम में डाल दिया, और मैदान के सारे पेड़ मुरझा गए.
- यहेजकेल ३१:१६लगभग ५८८ ई.पू.
मैंने इसके गिरने की आवाज से जाति-जाति के लोगों को कंपा दिया, जब मैं इसे मृतकों के राज्य में नीचे लाया, ताकि वे उनके साथ रहें जो नीचे कब्र में जाते हैं. तब एदेन वाटिका के सब पेड़ों, लबानोन के चुने हुए और सबसे अच्छे, भरपूर पानी से सिंचित पेड़ों को पृथ्वी के नीचे सांत्वना मिली.
- यहेजकेल ३१:१७लगभग ५८८ ई.पू.
बड़े देवदार पेड़ के समान वे भी उन मृतकों के राज्य में नीचे गये, जो तलवार से मारे गये थे; जो हथियारबंद आदमी उसकी छाया में जाति-जाति के लोगों के बीच रहते थे, वे भी उनके साथ थे.
- यहेजकेल ३१:१८लगभग ५८८ ई.पू.
“ ‘शान और वैभव में, एदेन के किस पेड़ की तुलना तुमसे की जा सकती है? फिर भी तुम्हें भी अदन के वृक्षों के साथ पृथ्वी के नीचे लाया जाएगा; तुम उन खतना-रहितों के बीच पड़े रहोगे, जो तलवार से मारे गये हैं. “ ‘यह स्थिति फ़रोह और उसके सब उपद्रवी लोगों की होगी, परम प्रधान याहवेह की यह घोषणा है.’ ”
- यहेजकेल ३२:१लगभग ५८७ ई.पू.
बारहवें वर्ष के, बारहवें माह के पहले दिन, याहवेह का वचन मेरे पास आया:
- यहेजकेल ३२:२लगभग ५८७ ई.पू.
“हे मनुष्य के पुत्र, मिस्र के राजा फ़रोह के बारे में एक विलापगीत लो और उसे सुनाओ: “ ‘जाति-जाति के लोगों के बीच तुम एक सिंह की तरह हो; समुद्र में तुम एक विशाल और विलक्षण प्राणी की तरह हो, तुम अपने सोतों में मजा लेते, पांव से पानी को मथते, और सोतों को कीचड़ से भर देते हो.
- यहेजकेल ३२:३लगभग ५८७ ई.पू.
“ ‘परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: “ ‘लोगों की एक बड़ी भीड़ के साथ मैं तुम पर अपना जाल फेंकूंगा, और वे तुम्हें मेरे जाल में ऊपर खींच लेंगे.
- यहेजकेल ३२:४लगभग ५८७ ई.पू.
मैं तुम्हें भूमि पर फेंक दूंगा, और खुले मैदान में तुम्हें पटक दूंगा. मैं आकाश के सब पक्षियों को तुम पर बसेरा करने दूंगा और बंजर भूमि के सारे पशु तुम्हें भकोसकर खा जाएंगे.
- यहेजकेल ३२:५लगभग ५८७ ई.पू.
मैं तुम्हारा मांस पर्वतों पर बिखरा दूंगा और घाटियों को तुम्हारे बचे अंगों से भर दूंगा.
- यहेजकेल ३२:६लगभग ५८७ ई.पू.
मैं तुम्हारे बहते हुए खून से पर्वतों तक की भूमि को भीगा दूंगा, और घाटियां तुम्हारे मांस से भर जाएंगी.
- यहेजकेल ३२:७लगभग ५८७ ई.पू.
जब मैं तुम्हें सूंघकर निकालूंगा तब मैं आकाश को ढांक दूंगा और उसके तारों को अंधेरा कर दूंगा; मैं सूर्य को एक बादल से ढांक दूंगा, और चंद्रमा अपना प्रकाश न देगा.
- यहेजकेल ३२:८लगभग ५८७ ई.पू.
आकाश के सब चमकते ज्योतियों को मैं तुम्हारे लिये अंधेरा कर दूंगा; मैं तुम्हारे देश पर अंधकार ले आऊंगा, प्रभु याहवेह की वाणी है!
- यहेजकेल ३२:९लगभग ५८७ ई.पू.
जब जाति-जाति के लोगों के बीच, और उन देशों के बीच जिसे तुम नहीं जानते, मैं तुम्हारे ऊपर विनाश लाऊंगा, तब मैं बहुतों के मन को व्याकुल करूंगा.
- यहेजकेल ३२:१०लगभग ५८७ ई.पू.
जब मैं उनके सामने अपनी तलवार चलाऊंगा, तब मैं बहुत से लोगों को तुमसे भयभीत कराऊंगा, और उनके राजा तुम्हारे कारण अत्यधिक भय से कांपेंगे. तुम्हारे पतन के दिन उनमें से हर एक अपने जीवन के लिये हर क्षण कांपेगा.
- यहेजकेल ३२:११लगभग ५८७ ई.पू.
“ ‘क्योंकि परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: “ ‘बाबेल के राजा की तलवार तुम्हारे ऊपर चलेगी.
- यहेजकेल ३२:१२लगभग ५८७ ई.पू.
मैं शक्तिशाली लोगों की तलवार से तुम्हारे उपद्रवी लोगों को मरवाऊंगा— ये शक्तिशाली लोग सब जातियों में सबसे अधिक निर्दयी हैं. वे मिस्र के अहंकार को चकनाचूर कर देंगे, और उसके सब उपद्रवी लोग नाश कर दिये जाएंगे.