circa AD 48–96
Letters to the Churches
Paul and other apostles write to strengthen, correct, and encourage the scattered churches across the Roman world.
इस काल के वचन
- कोलोस्सॉय ४:१४लगभग ६४ ई.
हमारे प्रिय चिकित्सक लूकॉस तथा देमास का तुम्हें नमस्कार.
- कोलोस्सॉय ४:१५लगभग ६४ ई.
लाओदीकेइया नगर के विश्वासी भाई बहनों तथा नुम्फ़े तथा उस कलीसिया को, जो उसके घर पर इकट्ठा होती है, नमस्कार.
- कोलोस्सॉय ४:१६लगभग ६४ ई.
इस पत्र के तुम्हारे मध्य पढ़े जाने के बाद यह ध्यान रहे कि यह लाओदीकेइया नगर की कलीसिया के सामने भी पढ़ा जाए. तुम मेरे उस पत्र को पढ़ लेना, जो लाओदीकेइया नगर से आएगा.
- कोलोस्सॉय ४:१७लगभग ६४ ई.
आरखिप्पॉस से कहना, “वह ध्यान रखे कि जो सेवकाई उसे प्रभु में सौंपी गई है, वह उसे पूरा करे.”
- कोलोस्सॉय ४:१८लगभग ६४ ई.
मैं, पौलॉस, अपने ही हाथ से यह शुभकामना लिख रहा हूं. मैं बेड़ियों में हूं, मुझे प्रार्थना में याद रखना. तुम पर अनुग्रह निरंतर बना रहे.
- 1 थेस्सलोनि १:१लगभग ५४ ई.
पिता परमेश्वर तथा प्रभु येशु मसीह में थेस्सलोनिकेयुस नगर की कलीसिया को यह पत्र पौलॉस, सिलवानॉस तथा तिमोथियॉस की ओर से है. तुम्हें अनुग्रह तथा शांति मिलती रहे.
- 1 थेस्सलोनि १:२लगभग ५४ ई.
अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हारा वर्णन करते हुए हम हमेशा तुम सभी के लिए परमेश्वर का आभार मानते हैं.
- 1 थेस्सलोनि १:३लगभग ५४ ई.
हम हमेशा ही परमेश्वर, हमारे पिता के सामने तुम्हारे विश्वास के काम, प्रेम का परिश्रम तथा हमारे प्रभु येशु मसीह में तुम्हारी दृढ़ आशा को याद करते हैं.
- 1 थेस्सलोनि १:४लगभग ५४ ई.
क्योंकि, प्रिय भाई बहनो, परमेश्वर के प्रियो, हमें अहसास है कि तुम परमेश्वर के चुने हुए हो,
- 1 थेस्सलोनि १:५लगभग ५४ ई.
हमारे द्वारा प्रस्तुत ईश्वरीय सुसमाचार तुम्हें सिर्फ शब्दों में नहीं परंतु सामर्थ्य, पवित्र आत्मा तथा पूरे धीरज के साथ पहुंचाया गया था. तुम्हारे बीच निवास करते हुए तुम्हारी ही भलाई के लिए हम किस प्रकार के व्यक्ति साबित हुए थे, यह तुमने स्वयं ही देख लिया है.
- 1 थेस्सलोनि १:६लगभग ५४ ई.
प्रभु के संदेश को घोर क्लेश में, पवित्र आत्मा के आनंद में स्वीकार करते हुए तुम स्वयं हमारे तथा प्रभु के शिष्य बन गए थे.
- 1 थेस्सलोनि १:७लगभग ५४ ई.
जिसका परिणाम यह हुआ कि तुम मकेदोनिया तथा आखाया प्रदेश में सभी विश्वासियों के लिए एक आदर्श बन गए.
- 1 थेस्सलोनि १:८लगभग ५४ ई.
तुम्हारे द्वारा भेजा गया प्रभु का संदेश न केवल मकेदोनिया तथा आखाया प्रदेश में सुनाया गया और बढ़ता गया परंतु परमेश्वर में तुम्हारा विश्वास भी सबको मालूम हो गया है. परिणामस्वरूप कोई ज़रूरत नहीं रह गई कि इस विषय में अब हम कुछ कहें,
- 1 थेस्सलोनि १:९लगभग ५४ ई.
वे ही हर जगह इस बात का वर्णन कर रहे हैं कि तुम्हारे द्वारा किया गया हमारा स्वागत कैसा भव्य था तथा यह भी कि किस प्रकार तुम मूर्तियों से दूर होकर परमेश्वर की ओर झुक गए कि जीवित और सच्चे परमेश्वर की सेवा करने लगो
- 1 थेस्सलोनि १:१०लगभग ५४ ई.
और स्वर्ग से उनके पुत्र मसीह येशु के दोबारा आगमन की प्रतीक्षा करो, जिन्हें परमेश्वर ही ने मरे हुओं में से जीवित किया, मसीह येशु, जो हमें आनेवाले क्रोध से बचाते हैं.
- 1 थेस्सलोनि २:१लगभग ५४ ई.
प्रिय भाई बहनो, तुम्हें यह अहसास तो है ही कि तुमसे भेंट करने के लिए हमारा आना व्यर्थ नहीं था.
- 1 थेस्सलोनि २:२लगभग ५४ ई.
जैसा कि तुम्हें मालूम ही है कि फ़िलिप्पॉय नगर में दुःख उठाने और उपद्रव सहने के बाद घोर विरोध की स्थिति में भी तुम्हें परमेश्वर का ईश्वरीय सुसमाचार सुनाने के लिए हमें परमेश्वर के द्वारा साहस प्राप्त हुआ.
- 1 थेस्सलोनि २:३लगभग ५४ ई.
हमारा उपदेश न तो भरमा देनेवाली शिक्षा थी, न अशुद्ध उद्देश्य से प्रेरित और न ही छलावा.
- 1 थेस्सलोनि २:४लगभग ५४ ई.
परंतु ठीक जिस प्रकार परमेश्वर के समर्थन में हमें ईश्वरीय सुसमाचार सौंपा गया. हम मनुष्यों की प्रसन्नता के लिए नहीं परंतु परमेश्वर की संतुष्टि के लिए, जिनकी दृष्टि हृदय पर लगी रहती है, ईश्वरीय सुसमाचार का संबोधन करते हैं.
- 1 थेस्सलोनि २:५लगभग ५४ ई.
यह तो तुम्हें मालूम ही है कि न तो हमारी बातों में चापलूसी थी और न ही हमने लोभ से प्रेरित हो कुछ किया—परमेश्वर गवाह हैं;
- 1 थेस्सलोनि २:६लगभग ५४ ई.
हमने मनुष्यों से सम्मान पाने की भी कोशिश नहीं की; न तुमसे और न किसी और से, मसीह के प्रेरित होने के कारण तुमसे सहायता पाना हमारा अधिकार था.
- 1 थेस्सलोनि २:७लगभग ५४ ई.
तुम्हारे प्रति हमारा व्यवहार वैसा ही कोमल था, जैसा एक शिशु का पोषण करती माता का, जो स्वयं बड़ी कोमलतापूर्वक अपने बालकों का पोषण करती है.
- 1 थेस्सलोनि २:८लगभग ५४ ई.
इस प्रकार तुम्हारे प्रति एक मधुर लगाव होने के कारण हम न केवल तुम्हें ईश्वरीय सुसमाचार देने के लिए परंतु तुम्हारे साथ स्वयं अपना जीवन सहर्ष मिल-बांट कर संगति करने के लिए भी लालायित थे—क्योंकि तुम हमारे लिए अत्यंत प्रिय बन चुके थे.
- 1 थेस्सलोनि २:९लगभग ५४ ई.
प्रिय भाई बहनो, जिस समय हम तुम्हारे बीच ईश्वरीय सुसमाचार का प्रचार कर रहे थे, तुम्हें उस समय का हमारा परिश्रम तथा हमारी कठिनाइयां याद होंगी कि कैसे हमने रात-दिन श्रम किया कि हम तुममें से किसी पर भी बोझ न बन जाएं.
- 1 थेस्सलोनि २:१०लगभग ५४ ई.
तुम इसके गवाह हो और परमेश्वर भी कि तुम सभी विश्वासियों के साथ हमारा स्वभाव कितना सच्चा, धर्मी और निर्दोष था.