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God

11,427 वचन · 2 परिवार के सदस्य

God का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. क्योंकि यह तो तय है कि वह सभी कुछ होगा, जो याहवेह के संदेश के अनुसार बेथेल की वेदी और शमरिया के नगरों में पूजा की सभी जगहों में बने सभी घरों के संबंध में उसने दृढतापूर्वक कहा था.”

  2. मगर याहवेह ने अहीयाह को पूर्वसूचित किया, “यरोबोअम की पत्नी तुमसे अपने पुत्र की स्थिति के विषय में पूछताछ करने आ रही है. यह बालक अस्वस्थ है. तुम उसे ऐसा और ऐसा जवाब देना है.” जब वह भविष्यद्वक्ता के निकट पहुंची, उसने अन्य स्त्री होने का बहाना किया.

  3. जाकर यरोबोअम को सूचित कर दीजिए, ‘याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर का यह संदेश है, मैंने सारी प्रजा में से तुम्हें चुनकर उन्‍नत किया, तुम्हें अपनी प्रजा का प्रधान नियुक्त किया.

  4. और दावीद के वंश से राज्य छीनकर तुम्हें दे दिया है; फिर भी तुम मेरे सेवक दावीद के समान साबित न हुए, जिसने मेरे आदेशों का पालन किया और पूरे मन से मेरा अनुसरण करता रहा—सिर्फ वही करता रहा, जो मेरी दृष्टि में सही है;

  5. मगर तुमने तो ऐसी बुराई की है, जो तुमसे पहले हुए उनसे भी बुरी है; तुमने अपने लिए पराए देवता बना लिए, धातु की मूर्तियां गढ़ लीं और मेरे क्रोध को भड़का दिया. तुमने तो मुझे अपने ही पीछे फेंक दिया है.

  6. “ ‘इसलिये मैं यरोबोअम के परिवार पर मुसीबत ड़ाल दूंगा. मैं यरोबोअम के वंश से हर एक पुरुष को नाश कर दूंगा, चाहे वह इस्राएल में बंधुआ हो या स्वतंत्र. मैं यरोबोअम के परिवार को उसी प्रकार भस्म कर दूंगा जिस प्रकार कोई गोबर को पूरी तरह भस्म कर फेंक देता है.

  7. यदि यरोबोअम के किसी भी संबंधी की मृत्यु नगर के भीतर होती है, तो उसका शव कुत्ते खा जाएंगे; यदि किसी की मृत्यु खुले मैदान में होती है, तो वह आकाश के पक्षियों का आहार हो जाएगा; यह याहवेह का संदेश है!’

  8. पूरा इस्राएल उसके लिए विलाप करेगा, और फिर उसे गाड़ा जाएगा; सिर्फ वह अकेला होगा जिसे यरोबोअम के परिवार में कब्र मिलेगी; क्योंकि याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर ने सारे यरोबोअम परिवार से सिर्फ उसी में कुछ भला पाया है.

  9. “इसके अलावा आज ही याहवेह अपने लिए इस्राएल में से एक राजा पैदा करेंगे, जो यरोबोअम के परिवार को आज ही हमेशा के लिए मिटा देगा.

  10. इसके बाद याहवेह इस्राएल पर वैसा ही वार करेंगे, जैसा जल में सरकंडा. वह इस समृद्ध भूमि पर से इस्राएल को उखाड़कर छोड़ेंगे—उस भूमि पर से, जो उन्होंने उनके पूर्वजों को दी थी. वह उन्हें फरात नदी के पार तक बिखरा देंगे, क्योंकि उन्होंने अशेरा खंभे गढ़ कर याहवेह को क्रोधित कर दिया है.

  11. यरोबोअम द्वारा किए गए पापों के कारण याहवेह इस्राएल को छोड़ देंगे, वे पाप काम जो खुद यरोबोअम किए और जिनके द्वारा उसने इस्राएल को पाप करने लिए उकसाया.”

  12. सारे इस्राएल ने उसका अंतिम संस्कार किया, उसके लिए विलाप किया, ठीक जैसा याहवेह ने अपने सेवक भविष्यद्वक्ता अहीयाह के द्वारा कहा गया था.

  13. इस समय यहूदिया का शासक था शलोमोन का पुत्र रिहोबोयाम. जिस समय उसने शासन शुरू किया, उसकी उम्र एकतालीस साल की थी. येरूशलेम में उसने सत्रह साल शासन किया. येरूशलेम वह नगर है, जिसे याहवेह ने सारे इस्राएल में से इसलिये चुना, कि इसमें अपना नाम की प्रतिष्ठा करें. उसकी माता का नाम था नामाह जो अम्मोनी थी.

  14. यहूदिया प्रदेश ने वह किया, जो याहवेह की नज़रों में गलत था. उन्होंने अपने पापों के द्वारा याहवेह में इतनी जलन पैदा कर दी, जितनी उनके किसी भी पूर्वज ने कभी न की थी.

  15. देश में पुरुषगामियों के लिए पुरुष वेश्या भी मंदिरों में रखे गए थे. ये सब उन सारे घृणित कामों में संलग्न थे, जो उन जातियों में किए जाते थे, जिन्हें याहवेह ने इस्राएल के सामने से भगा दिया था.

  16. उसने याहवेह के भवन से और राजा का महल में से सारा कीमती सामान लूट लिया. वह सभी कुछ अपने साथ ले गया, यहां तक कि शलोमोन द्वारा गढ़ी गई सारी सोने की ढालें भी.

  17. तब रीति यह बन गई कि जब-जब राजा याहवेह के भवन को जाता था, पहरेदार ये ढालें लेकर चलते थे और राजा के वहां से लौटने पर इन्हें पहरेदारों के कमरों में दोबारा रख दिया जाता था.

  18. उसने अपने पिता के जैसा ही चालचलन रखा, और वे ही वे सारे पाप किए जो अपने पिता ने किए. याहवेह, अपने परमेश्वर के प्रति उसका हृदय पूरी तरह समर्पित न था, जैसा उसके पूर्वज दावीद का था.

  19. यह सब होने पर भी, दावीद के कारण याहवेह, उसके परमेश्वर ने उसके लिए एक पुत्र पैदा कर उसके हित में येरूशलेम में एक दीप जला रखा, और येरूशलेम को स्थिरता दी.

  20. क्योंकि दावीद ने वही किया था, जो याहवेह की दृष्टि में सही था. दावीद आजीवन याहवेह द्वारा दिए गए आदेशों से नहीं हटे—सिर्फ हित्ती उरियाह से संबंधित घटना के सिवाय.

  21. आसा ने वह किया, जो याहवेह की दृष्टि में सही था—जैसा उसके मूल पुरुष दावीद ने किया था.

  22. मगर पूजा-गिरियों को हटाया नहीं गया. फिर भी आसा का मन जीवन भर याहवेह के लिए पूरी तरह सच्चा बना रहा.

  23. उसने याहवेह के भवन में वे सारी पवित्र वस्तुएं लाकर रख दीं, सोना, चांदी और बर्तन, जो उसके पिता और खुद उसके पास थे.

  24. इसके बाद आसा ने याहवेह के भवन में बाकी रह गए सोने और चांदी और राजा के भंडार में बचे हुए सोने और चांदी को लेकर अपने सेवकों को दिया, और उन्हें दमेशेक निवासी हेज़ीऑन के पोते, ताब्रिम्मन के पुत्र बेन-हदद के लिए यह कहते हुए भेज दिया,

  25. उसने वही किया, जो याहवेह की दृष्टि में गलत था. उसका स्वभाव उसके पिता के समान ही था. नादाब ने भी इस्राएल से वही पाप करवाए, जो उसके पिता ने उनसे करवाए थे.