उत्पत्ति १४:१३-२४
१३
और युद्ध क्षेत्र से भागकर एक व्यक्ति ने इब्री अब्राम को ये बातें बताई. अब्राम तो उस समय ममरे नामक व्यक्ति, जो अमोरी जाति का था, उसके बड़े बलूत पेड़ों के पास रहता था. ममरे, एशकोल एवं ऐनर का भाई था; और इन्होंने अब्राम से वाचा बांधी थी.
१४
जब अब्राम को यह पता चला कि लोत को बंदी बना लिया गया है, तो उसने अपने पूरे परिवार को इकट्ठा किया और 318 जो युद्ध सीखे हुए वीर थे, साथ लेकर दान नामक स्थान तक उनका पीछा किया.
१५
रात्रि में अब्राम ने अपने लोगों को उनके ऊपर हमला करने के लिये बांट दिया और अब्राम तथा उनके सेवकों ने उन्हें पराजित कर दिया तथा दमेशेक के उत्तर में स्थित होबाह नगर तक उनका पीछा किया.
१६
अब्राम ने उन लोगों से सब सामान वापस ले लिया और लोत, उसके सभी लोग और उसकी संपत्ति भी उनसे ले ली.
१७
जब अब्राम खेदोरलाओमर तथा उनके मित्र राजाओं को हरा कर लौट रहे थे, सोदोम का राजा शावेह घाटी (जिसे राजा की घाटी भी कहा जाता है) में अब्राम से मिलने आया.
१८
शालेम के राजा मेलखीज़ेदेक, जो परमेश्वर के पुरोहित थे, भोजन एवं दाखरस लेकर आये.
१९
उन्होंने अब्राम को आशीष देते हुए कहा, “स्वर्ग और पृथ्वी को बनानेवाले, परम प्रधान परमेश्वर की ओर से तुम धन्य हो,
२०
धन्य हैं परम प्रधान परमेश्वर, जिन्होंने आपके शत्रुओं को आपके अधीन कर दिया है.” अब्राम ने मेलखीज़ेदेक को सबका दशमांश दिया.
२१
सोदोम के राजा ने अब्राम से कहा, “मुझे इन्सानों को दे दीजिए, सामान सब आप रख लीजिए.”
२२
सोदोम के राजा को अब्राम ने उत्तर दिया, “मैंने स्वर्ग और पृथ्वी के अधिकारी, याहवेह परमेश्वर के सामने शपथ ली है,
२३
कि मैं आपकी संपत्ति में से एक भी वस्तु, यहां तक कि एक धागा या जूती का बंधन तक न लूंगा, ताकि इन चीज़ों को देकर आप यह न कहने लगें, ‘मैंने अब्राम को धनी बनाया है.’
२४
मैं आपसे कुछ नहीं लूंगा पर सिर्फ खाना, जिसे मेरे लोगों ने खा लिया है और उनका हिस्सा, जो मेरे साथ गये थे याने ऐनर, एशकोल तथा ममरे का हिस्सा, मैं आपको नहीं लौटाऊंगा. उन्हें उनके हिस्सा रखने दीजिये.”
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