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Rest के बारे में बाइबल के वचन

35 वचन · 5 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “छः दिन तक तुम काम करना, लेकिन सातवें दिन कोई काम न करना, जिससे तुम्हारे बैल तथा गधे भी आराम कर सकें. तुम्हारे दास तथा तुम्हारे बीच में रह रहे विदेशी भी आराम कर सकें.

  2. “तुम छः दिन तो काम करना, परंतु सातवें दिन कोई काम न करना, न खेत जोतने के समय न फसल कटने के समय.

  3. पहले दिन पवित्र सभा होगी तथा तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.

  4. किंतु सातों दिनों तुम याहवेह को अग्निबलि चढ़ाना. सातवें दिन पवित्र सभा होगी, इस दिन तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.’ ”

  5. उसी दिन तुम एक पवित्र समारोह भी मनाने की घोषणा करना. उस दिन किसी भी प्रकार का परिश्रम न करना. यह तुम्हारे सारे घरानों में तुम्हारी सारी पीढ़ियों के लिए सदा-सर्वदा के लिए एक विधि है.

  6. इस दिन तुम किसी प्रकार का परिश्रम न करना, और याहवेह को अग्निबलि चढ़ाना.’ ”

  7. इस दिन तुम किसी भी प्रकार का परिश्रम न करना, क्योंकि यह प्रायश्चित का दिन है कि याहवेह तुम्हारे परमेश्वर के सामने तुम्हारे लिए प्रायश्चित पूरा किया जाए.

  8. जो व्यक्ति इस दिन परिश्रम करता है, मैं उस व्यक्ति को उसके परिवार के बीच से नाश कर दूंगा.

  9. तुम इस दिन किसी भी प्रकार का परिश्रम नहीं करोगे. यह तुम्हारे सारे घरानों में तुम्हारी सारी पीढ़ियों के लिए हमेशा के लिए एक विधि है.

  10. प्रथम दिवस पवित्र समारोह होगा; तुम इस दिन किसी भी प्रकार का परिश्रम नहीं करोगे.

  11. तुम इन सातों दिन याहवेह को अग्निबलि चढ़ाना. आठवें दिन तुम पवित्र समारोह का आयोजन करोगे और इस दिन याहवेह को एक अग्निबलि चढ़ाओगे; यह एक औपचारिक आयोजन होगा. तुम किसी भी प्रकार का परिश्रम नहीं करोगे.

  12. पहले दिन पवित्र सभा होगी; तथा तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.

  13. तथा सातवें दिन पवित्र सभा होगी, इस दिन तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.

  14. “ ‘पहले फल के दिन भी, जब तुम अपने सप्‍ताहों के उत्सव में याहवेह को नई अन्‍नबलि भेंट करोगे, तब तुम पवित्र सभा करोगे. तुम कोई मेहनत न करोगे.

  15. “ ‘पहले महीने की पहली तारीख पर तुम पवित्र सभा आयोजित करोगे. इस दिन तुम कोई भी मेहनत न करोगे. यह वह दिन होगा, जिसे तुम तुरही बजाने के लिए प्रयोग करोगे.

  16. “ ‘इसी महीने की दसवीं तारीख पर तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे; तुम स्वयं को नम्र करोगे, तुम किसी प्रकार की मेहनत नहीं करोगे.

  17. “ ‘इसके बाद सातवें महीने की पन्द्रहवीं तारीख पर तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे. तुम इसमें कोई भी मेहनत न करोगे, और याहवेह के लिए सात दिन उत्सव मनाओगे.

  18. “ ‘आठवें दिन तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे. इस दिन तुम कोई भी मेहनत न करोगे.

  19. अपने आस-पास भीड़ को देख येशु ने शिष्यों को झील की दूसरी ओर जाने की आज्ञा दी.

  20. अचानक झील में ऐसा प्रचंड आंधी उठी कि लहरों ने नाव को ढांक लिया, किंतु येशु इस समय सो रहे थे.

  21. मेरा जूआ अपने ऊपर ले लो और मुझसे सीखो क्योंकि मैं दीन और हृदय से नम्र हूं और तुम्हें मन में विश्राम प्राप्‍त होगा

  22. मसीह येशु ने उनसे कहा, “आओ, कुछ समय के लिए कहीं एकांत में चलें और विश्राम करें,” क्योंकि अनेक लोग आ जा रहे थे और उन्हें भोजन तक का अवसर प्राप्‍त न हो सका था.

  23. वे चुपचाप नाव पर सवार हो एक सुनसान जगह पर चले गए.

  24. तथा प्रभु येशु के स्वर्ग से ज्वालामय आग में अपने सामर्थ्यी स्वर्गदूतों के साथ प्रकट होने के अवसर पर तुम्हारी और हमारी भी, जो दूर हैं, पीड़ा मिटे.

  25. इसलिये हम इस विषय में विशेष सावधान रहें कि जब तक उनके विश्राम में प्रवेश की प्रतिज्ञा मान्य है, आप में से कोई भी उसमें प्रवेश से चूक न जाए.