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Rest के बारे में बाइबल के वचन: The annual feasts added rest days

16 वचन · 5 पहलू

The annual feasts added rest days पर वचन

  1. पहले दिन पवित्र सभा होगी तथा तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.

  2. किंतु सातों दिनों तुम याहवेह को अग्निबलि चढ़ाना. सातवें दिन पवित्र सभा होगी, इस दिन तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.’ ”

  3. उसी दिन तुम एक पवित्र समारोह भी मनाने की घोषणा करना. उस दिन किसी भी प्रकार का परिश्रम न करना. यह तुम्हारे सारे घरानों में तुम्हारी सारी पीढ़ियों के लिए सदा-सर्वदा के लिए एक विधि है.

  4. इस दिन तुम किसी प्रकार का परिश्रम न करना, और याहवेह को अग्निबलि चढ़ाना.’ ”

  5. इस दिन तुम किसी भी प्रकार का परिश्रम न करना, क्योंकि यह प्रायश्चित का दिन है कि याहवेह तुम्हारे परमेश्वर के सामने तुम्हारे लिए प्रायश्चित पूरा किया जाए.

  6. जो व्यक्ति इस दिन परिश्रम करता है, मैं उस व्यक्ति को उसके परिवार के बीच से नाश कर दूंगा.

  7. तुम इस दिन किसी भी प्रकार का परिश्रम नहीं करोगे. यह तुम्हारे सारे घरानों में तुम्हारी सारी पीढ़ियों के लिए हमेशा के लिए एक विधि है.

  8. प्रथम दिवस पवित्र समारोह होगा; तुम इस दिन किसी भी प्रकार का परिश्रम नहीं करोगे.

  9. तुम इन सातों दिन याहवेह को अग्निबलि चढ़ाना. आठवें दिन तुम पवित्र समारोह का आयोजन करोगे और इस दिन याहवेह को एक अग्निबलि चढ़ाओगे; यह एक औपचारिक आयोजन होगा. तुम किसी भी प्रकार का परिश्रम नहीं करोगे.

  10. पहले दिन पवित्र सभा होगी; तथा तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.

  11. तथा सातवें दिन पवित्र सभा होगी, इस दिन तुम किसी भी प्रकार की मेहनत न करना.

  12. “ ‘पहले फल के दिन भी, जब तुम अपने सप्‍ताहों के उत्सव में याहवेह को नई अन्‍नबलि भेंट करोगे, तब तुम पवित्र सभा करोगे. तुम कोई मेहनत न करोगे.

  13. “ ‘पहले महीने की पहली तारीख पर तुम पवित्र सभा आयोजित करोगे. इस दिन तुम कोई भी मेहनत न करोगे. यह वह दिन होगा, जिसे तुम तुरही बजाने के लिए प्रयोग करोगे.

  14. “ ‘इसी महीने की दसवीं तारीख पर तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे; तुम स्वयं को नम्र करोगे, तुम किसी प्रकार की मेहनत नहीं करोगे.

  15. “ ‘इसके बाद सातवें महीने की पन्द्रहवीं तारीख पर तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे. तुम इसमें कोई भी मेहनत न करोगे, और याहवेह के लिए सात दिन उत्सव मनाओगे.

  16. “ ‘आठवें दिन तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे. इस दिन तुम कोई भी मेहनत न करोगे.