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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. लेवी २४:२लगभग १४९० ई.पू.

    “इस्राएलियों को कहना कि वे दीये के लिए जैतून का निकाला हुआ शुद्ध तेल लायें, जिससे दिया हमेशा जलता रहे,

  2. लेवी २४:३लगभग १४९० ई.पू.

    अहरोन इसे शाम से सुबह तक नियमित रूप से मिलनवाले तंबू में साक्षी पर्दे के बाहर याहवेह के सामने सजाकर रखा करे; यह तुम्हारी सारी पीढ़ियों के लिए हमेशा के लिए एक विधि है.

  3. लेवी २४:४लगभग १४९० ई.पू.

    अहरोन दीपकों को याहवेह के सामने कुन्दन के दीपदान पर सजाकर नियमित रूप से रखे.

  4. लेवी २४:५लगभग १४९० ई.पू.

    “इसके बाद तुम मैदा लेकर इससे बारह बाटियां बनाना; हर एक बाटी दो किलो मैदे से बनाई जाए.

  5. लेवी २४:६लगभग १४९० ई.पू.

    तुम इन्हें याहवेह के सामने कुन्दन की मेज़ पर क्रमानुसार दो पंक्तियों में रखना; हर एक पंक्ति में छः-छः.

  6. लेवी २४:७लगभग १४९० ई.पू.

    हर एक पंक्ति पर शुद्ध लोबान रखना कि यह बाटी के लिए स्मरण दिलाने वाली याहवेह के लिए अग्निबलि हो जाए.

  7. लेवी २४:८लगभग १४९० ई.पू.

    वह हर एक शब्बाथ इसे याहवेह के सामने सुव्यवस्थित रीति से नियमित रूप से रखे; इस्राएल के घराने के लिए यह एक हमेशा की विधि है.

  8. लेवी २४:९लगभग १४९० ई.पू.

    यह भोजन अहरोन तथा उनके पुत्रों के लिए होगा, और वे इसको पवित्र स्थान में ही खाएंगे क्योंकि यह याहवेह की अग्निबलियों में से उनके लिए परम पवित्र है, उनका सदैव का भाग है.”

  9. लेवी २४:१०लगभग १४९० ई.पू.

    तभी अचानक यह हुआ कि एक इस्राएली स्त्री का पुत्र, जिसका पिता एक मिस्री था, इस्राएल के घराने के बीच जा पहुंचा और छावनी में ही उस इस्राएली स्त्री के पुत्र और एक इस्राएली पुरुष के बीच मार-पीट हो गई.

  10. लेवी २४:११लगभग १४९० ई.पू.

    उस इस्राएली स्त्री के पुत्र ने परमेश्वर की निंदा करके परमेश्वर को शाप दिया. तब उसे मोशेह के सामने लाया गया. उस युवक की माता का नाम शेलोमीथ था, जो दान के गोत्र के दिबरी की पुत्री थी.

  11. लेवी २४:१२लगभग १४९० ई.पू.

    उन्होंने उसे हवालात में रख लिया कि उसके सामने याहवेह की आज्ञा स्पष्ट की जा सके.

  12. लेवी २४:१३लगभग १४९० ई.पू.

    इसके बाद याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी,

  13. लेवी २४:१४लगभग १४९० ई.पू.

    “जिसने परमेश्वर को शाप दिया है, उसे छावनी से बाहर लाया जाए, और जिन्होंने उसे ऐसा कहते हुए सुना है, वे उसके सिर पर अपने हाथ रखें; इसके बाद सारी सभा उसका पथराव करे.

  14. लेवी २४:१५लगभग १४९० ई.पू.

    इस्राएल के घराने को यह आज्ञा दी जाए, ‘जो अपने परमेश्वर को शाप देता है, वह स्वयं अपने पाप का बोझ उठाएगा.

  15. लेवी २४:१६लगभग १४९० ई.पू.

    उसे, जो याहवेह के नाम की निंदा करता है; निश्चित ही मृत्यु दंड दिया जाए; निःसंदेह सारी सभा उसका पथराव करे. चाहे कोई परदेशी हो या देशी, इस प्रकार जब कोई याहवेह के नाम की निंदा करता है, तो उसे मृत्यु दंड दिया ही जाएगा.

  16. लेवी २४:१७लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे मनुष्य की हत्या कर देता है, तो निश्चित ही उसे मृत्यु दंड दिया जाए.

  17. लेवी २४:१८लगभग १४९० ई.पू.

    यदि कोई व्यक्ति किसी पशु की हत्या कर देता है, तो वह इसके नुकसान की भरपाई करे, प्राण के बदले प्राण.

  18. लेवी २४:१९लगभग १४९० ई.पू.

    यदि कोई व्यक्ति अपने पड़ोसी को चोट पहुंचाता है, तो जैसा उसने किया है, उसके साथ ठीक वैसा ही किया जाए:

  19. लेवी २४:२०लगभग १४९० ई.पू.

    अंग-भंग के बदले अंग-भंग; आंख के बदले आंख, दांत के बदले दांत; जैसे उसने एक व्यक्ति को चोट पहुंचाई है, उसे भी ठीक वैसे ही चोट पहुंचाई जाए.

  20. लेवी २४:२१लगभग १४९० ई.पू.

    इसी प्रकार वह व्यक्ति जिसने किसी पशु की हत्या की थी, वह इसके नुकसान की भरपाई करेगा, किंतु उसे, जो किसी मनुष्य की हत्या कर देता है, मृत्यु दंड दिया जाए.

  21. लेवी २४:२२लगभग १४९० ई.पू.

    तुम्हारे बीच एक ही नियम हो, परदेशी तथा देशी, दोनों के लिए एक, क्योंकि मैं याहवेह ही तुम्हारा परमेश्वर हूं.’ ”

  22. लेवी २४:२३लगभग १४९० ई.पू.

    इसके बाद मोशेह ने इस्राएल के घराने को आदेश दिया और वे उस व्यक्ति को छावनी के बाहर ले आए, जिसने परमेश्वर को शाप दिया था, उसका पथराव किया. इस प्रकार इस्राएल के घराने ने वैसा ही किया, ठीक जैसी आज्ञा याहवेह ने मोशेह को दी थी.

  23. लेवी २५:१लगभग १४९१ ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह को सीनायी पर्वत पर आज्ञा दी,

  24. लेवी २५:२लगभग १४९१ ई.पू.

    “इस्राएल के घराने को यह आज्ञा दो: ‘जब तुम उस देश में प्रवेश करोगे, जो मैं तुम्हें दूंगा, तब याहवेह के लिए उस देश में एक शब्बाथ होगा.

  25. लेवी २५:३लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम छः वर्ष तो अपने खेत में बीज बोओगे और अंगूर की बारी की छंटाई तथा उसकी उपज इकट्ठा करोगे,