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Simeon

40 वचन · 20 परिवार के सदस्य

Simeon का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. पहला नाम कोहाथ के परिवारों का आया, जो अहरोन वंश के लेवियों में से थे. यहूदाह, शिमओन तथा बिन्यामिन गोत्र को बांटी गई भूमि में से तेरह नगर उन्हें मिले.

  2. उन्होंने कुछ नगर यहूदाह तथा शिमओन गोत्र के कुलों को दिए:

  3. यहूदाह वंशजों ने अपने भाई शिमओन वंशजों से कहा, “हमें दी गई जगह में आ जाओ, कि हम कनानियों से युद्ध करें तथा समय आने पर मैं तुम्हें दी गई जगह में आकर युद्ध करूंगा.” शिमओन वंशज इसके लिए राज़ी हो गये.

  4. तब यहूदाह वंशजों ने अपने भाई शिमओन वंशजों के साथ जाकर सेफथ में निवास कर रहे कनानियों को मार दिया, और नगर का पूरा विनाश कर दिया. सो इस नगर का नाम होरमाह पड़ गया.

  5. इस्राएल के पुत्रों के नाम ये है: रियूबेन, शिमओन, लेवी, यहूदाह, इस्साखार, ज़ेबुलून,

  6. शिमओन के पुत्र: नमूएल, यामिन, यारिब, ज़ेराह, शाऊल,

  7. शिमओन के पुत्रों में से पांच सौ पुरुष वहां से सेईर पर्वत को गए. इशी के पुत्र, पेलातियाह, नेअरियाह, रेफ़ाइयाह और उज्ज़िएल उनके प्रधान थे.

  8. यहूदाह गोत्र के कुलों से उन्होंने चिट्ठियों द्वारा शिमओन वंश के कुलों और बिन्यामिन वंश के कुलों को ये नगर, जिनका उल्लेख किया जा चुका है, दे दिए.

  9. शिमओन से वीर योद्धा 7,100;

  10. तब उसने सारे यहूदिया, बिन्यामिन और इनके अलावा एफ्राईम, मनश्शेह और शिमओन के रहनेवालों को इकट्ठा होने को कहा. इस्राएल राज्य से अनेक यहां आकर बस गए थे, क्योंकि उन्होंने यह देखा, कि याहवेह, उनके परमेश्वर उनके साथ थे.

  11. मनश्शेह, एफ्राईम शिमओन में भी, यहां कि नफताली और उसके पास के क्षेत्रों में, उसने वेदियां गिरा दीं,

  12. बिन्यामिन के क्षेत्र की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम की ओर एक भाग शिमओन का होगा.

  13. शिमओन के क्षेत्र की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम की ओर एक भाग इस्साखार का होगा.

  14. दक्षिण की तरफ, जिसकी लंबाई लगभग ढाई किलोमीटर है, तीन द्वार होंगे: शिमओन का द्वार, इस्साखार का द्वार और ज़ेबुलून का द्वार.

  15. शिमओन के गोत्र से 12,000, लेवी के गोत्र से 12,000, इस्साखार के गोत्र से 12,000,