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Music के बारे में बाइबल के वचन

324 वचन · 57 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. आदि से अनंत काल तक धन्य हैं. याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर! इस पर सारी प्रजा ने कहा, “आमेन” और “याहवेह की स्तुति हो!”

  2. तब दावीद ने हर दिन की आवश्यकता के अनुसार याहवेह के संदूक के सामने नियमित सेवा के लिए आसफ और उसके संबंधियों को जवाबदारी सौंप दी.

  3. इनके अलावा यही जवाबदारी ओबेद-एदोम और उसके अड़सठ रिश्तेदारों की भी थी. यदूथून का पुत्र ओबेद-एदोम भी होसाह के साथ वहां द्वारपाल था.

  4. दावीद ने गिबयोन के पवित्र स्थान पर पुरोहित सादोक और उसके संबंधी पुरोहितों को याहवेह के मिलनवाले तंबू की सेवा के लिए ठहरा दिया,

  5. कि वे वहां होमबलि वेदी पर सुबह और शाम नियमित रूप से याहवेह को बलि चढ़ाएं, ठीक जैसा याहवेह की व्यवस्था में कहा गया है, जिसका आदेश इस्राएल को दिया गया है.

  6. इनके साथ हेमान और यदूथून भी थे और शेष वे थे जो इसके लिए अलग किए गए थे, जिन्हें उनके नाम से चुना गया था कि वे याहवेह के प्रति उनके अपार प्रेम के लिए धन्यवाद करते रहें, “जो सदा के लिए है.”

  7. हेमान और यदूथून का एक और काम भी था; तुरहियों, झांझों और अन्य वाद्य-यंत्रों पर उस समय बजाना, जब परमेश्वर के लिए गीत गाए जा रहे होते थे. यदूथून के पुत्र द्वारपाल थे.

  8. तीस साल और तीस साल से ज्यादा उम्र के लेवियों की गिनती की गई. गिनती में पुरुषों की कुल संख्या थी अड़तीस हज़ार.

  9. और चार हजार द्वारपाल, और बाकी चार हज़ार याहवेह की स्तुति जो संगीत वाद्यंत्र मैंने प्रदान किए हैं, उन पर करते रहेंगे.”

  10. दावीद ने लेवी के वंश के अनुसार उन्हें गेरशोन, कोहाथ और मेरारी दलों में बांट दिया था.

  11. क्योंकि दावीद के पिछले आदेश के अनुसार बीस साल और इससे ऊपर के लेवियों का नाम लिखा गया था.

  12. उनका काम था कि वे सुबह और शाम खड़े रहकर याहवेह को धन्यवाद देते हुए उनकी स्तुति करें,

  13. दावीद और सेनापतियों ने मिलकर आसफ, हेमान और यदूथून के पुत्रों को अलग कर दिया कि जब वे नेबेल और किन्‍नोर नामक वाद्य यंत्र और झांझ बजाएं, वे भविष्यवाणी किया करें. जिन्हें इस सेवा की जवाबदारी सौंपी गई थी, उनकी सूची इस प्रकार है.

  14. आसफ के पुत्रों में से: ज़क्‍कूर, योसेफ़, नेथनियाह और आषारेलाह. आसफ के पुत्र खुद आसफ की अगुवाई में सेवा करते थे, आसफ राजा के आदेश पर भविष्यवाणी करते थे.

  15. यदूथून-वंशज: यदूथून के वंशज थे गेदालियाह, ज़ेरी, येशाइयाह, शिमेई, हशाबियाह और मत्तीथियाह, ये छः अपने पिता यदूथून के साथ किन्‍नोर वाद्य यंत्र के संगीत में याहवेह की स्तुति करते, उनके प्रति धन्यवाद प्रकट करते और भविष्यवाणी करते थे.

  16. हेमान वंशज: हेमान के पुत्र थे बुक्कियाह, मत्तनियाह, उज्ज़िएल, शुबेल और येरीमोथ, हननियाह, हनानी, एलियाथाह, गिद्दालती और रोमामती-एत्सर, योषबेकाषाह, मल्लोथी, होथीर, माहाज़ीयोथ.

  17. (ये सभी राजा के दर्शी हेमान के पुत्र थे. इनकी जवाबदारी थी परमेश्वर के आदेश के अनुसार उनकी स्तुति करते रहना; क्योंकि परमेश्वर ने हेमान को चौदह पुत्र और तीन पुत्रियां दी थी.)

  18. ये सभी याहवेह के भवन में उनके पिता की ही अगुवाई में, परमेश्वर के भवन की आराधना में झांझों, नेबेलों और किन्‍नोरों के संगीत पर गाने के लिए चुने गये थे. आसफ, यदूथून और हेमान राजा के सामने उनकी अगुवाई में काम करते थे.

  19. सभी कुशल संगीतकारों और याहवेह के लिए गाने के लिए निपुण गायकों की, उनके संबंधियों के साथ कुल संख्या 288 थी.

  20. इन सभी ने अपनी ज़िम्मेदारियों का ज़िम्मा लेने के उद्देश्य से पासे फेंके-सभी ने, चाहे खास हो या सामान्य, शिक्षक हो या विद्यार्थी.

  21. पहला संकेत आसफ से योसेफ़ के लिए था, उसके पुत्र और संबंधी, कुल 12 व्यक्ति, दूसरा गेदालियाह, उसके पुत्र और संबंधी, कुल 12 व्यक्ति,

  22. तीसरे में ज़क्‍कूर, उसके पुत्र और संबंधी, कुल 12 व्यक्ति,

  23. चौथे में इज़री, उसके पुत्र और संबंधी, कुल 12 व्यक्ति,

  24. पांचवें में नेथनियाह, उसके पुत्र और संबंधी, कुल 12 व्यक्ति,

  25. छठवें में बुक्कियाह, उसके पुत्र और संबंधी, कुल 12 व्यक्ति,