circa 6 BC – AD 30
The Life of Jesus
The eternal Son of God enters history: born in Bethlehem, baptized in the Jordan, crucified at Golgotha, raised on the third day.
इस काल के वचन
- लूकॉस १:५२लगभग ५ ई.पू.
परमेश्वर ने राजाओं को उनके सिंहासनों से नीचे उतार दिया तथा विनम्रों को उठाया है.
- लूकॉस १:५३लगभग ५ ई.पू.
उन्होंने भूखों को उत्तम पदार्थों से तृप्त किया तथा सम्पन्नों को खाली लौटा दिया.
- लूकॉस १:५४लगभग ५ ई.पू.
उन्होंने अपने सेवक इस्राएल की सहायता अपनी उस करुणा के स्मरण में की,
- लूकॉस १:५५लगभग ५ ई.पू.
जिसकी प्रतिज्ञा उसने हमारे बाप-दादों से करी थी और जो अब्राहाम तथा उनके वंशजों पर सदा-सर्वदा रहेगी.”
- लूकॉस १:५६लगभग ५ ई.पू.
लगभग तीन माह एलिज़ाबेथ के साथ रहकर मरियम अपने घर लौट गईं.
- लूकॉस १:५७लगभग ५ ई.पू.
एलिज़ाबेथ का प्रसवकाल पूरा हुआ और उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया.
- लूकॉस १:५८लगभग ५ ई.पू.
जब पड़ोसियों और परिजनों ने यह सुना कि एलिज़ाबेथ पर यह अनुग्रह हुआ है, तो वे भी उनके इस आनंद में सम्मिलित हो गए.
- लूकॉस १:५९लगभग ५ ई.पू.
आठवें दिन वे शिशु के ख़तना के लिए इकट्ठा हुए. वे शिशु को उसके पिता के नाम पर ज़करयाह पुकारने लगे.
- लूकॉस १:६०लगभग ५ ई.पू.
किंतु शिशु की माता ने उत्तर दिया; “नहीं! इसका नाम योहन होगा!”
- लूकॉस १:६१लगभग ५ ई.पू.
इस पर उन्होंने एलिज़ाबेथ से कहा, “आपके परिजनों में तो इस नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं है!”
- लूकॉस १:६२लगभग ५ ई.पू.
तब उन्होंने शिशु के पिता से संकेत में प्रश्न किया कि वह शिशु का नाम क्या रखना चाहते हैं?
- लूकॉस १:६३लगभग ५ ई.पू.
ज़करयाह ने एक लेखन पट्ट मंगा कर उस पर लिख दिया, “इसका नाम योहन है.” यह देख सभी चकित रह गए.
- लूकॉस १:६४लगभग ५ ई.पू.
उसी क्षण उनकी आवाज लौट आई. उनकी जीभ के बंधन खुल गए और वह परमेश्वर की स्तुति करने लगे.
- लूकॉस १:६५लगभग ५ ई.पू.
सभी पड़ोसियों में परमेश्वर के प्रति श्रद्धा भाव आ गया और यहूदिया प्रदेश के सभी पर्वतीय क्षेत्र में इसकी चर्चा होने लगी.
- लूकॉस १:६६लगभग ५ ई.पू.
निःसंदेह प्रभु का हाथ उस बालक पर था. जिन्होंने यह सुना, उन्होंने इसे याद रखा और यह विचार करते रहे: “क्या होगा यह बालक!”
- लूकॉस १:६७लगभग ५ ई.पू.
पवित्र आत्मा से भरकर उनके पिता ज़करयाह इस प्रकार भविष्यवाणियों का वर्णानुभाषण करना शुरू किया:
- लूकॉस १:६८लगभग ५ ई.पू.
“धन्य हैं प्रभु, इस्राएल के परमेश्वर, क्योंकि उन्होंने अपनी प्रजा की सुधि ली और उसका उद्धार किया.
- लूकॉस १:६९लगभग ५ ई.पू.
उन्होंने हमारे लिए अपने सेवक दावीद के वंश में एक उद्धारकर्ता पैदा किया है,
- लूकॉस १:७०लगभग ५ ई.पू.
(जैसा उन्होंने प्राचीन काल के अपने पवित्र भविष्यद्वक्ताओं के माध्यम से प्रकट किया)
- लूकॉस १:७१लगभग ५ ई.पू.
शत्रुओं तथा उन सबसे, जो हमसे घृणा करते हैं, बचाए रखा
- लूकॉस १:७२लगभग ५ ई.पू.
कि वह हमारे पूर्वजों पर अपनी कृपादृष्टि प्रदर्शित करें तथा अपनी पवित्र वाचा को पूरा करें;
- लूकॉस १:७३लगभग ५ ई.पू.
वही वाचा, जो उन्होंने हमारे पूर्वज अब्राहाम से स्थापित की थी:
- लूकॉस १:७४लगभग ५ ई.पू.
वह हमें हमारे शत्रुओं के हाथ से छुड़ाएंगे,
- लूकॉस १:७५लगभग ५ ई.पू.
कि हम पवित्रता और धार्मिकता में निर्भय हो जीवन भर उनकी सेवा कर सकें.
- लूकॉस १:७६लगभग ५ ई.पू.
“और बालक तुम, मेरे पुत्र, परम प्रधान परमेश्वर के भविष्यवक्ता कहलाओगे; क्योंकि तुम उनका मार्ग तैयार करने के लिए प्रभु के आगे-आगे चलोगे,