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Dan

63 वचन · 15 परिवार के सदस्य

Dan का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. तब राहेल ने कहा, “परमेश्वर ने मेरा न्याय किया और मेरी दुहाई सुन ली और मुझे बेटा दिया.” उसने उसका नाम दान रखा.

  2. राहेल की दासी बिलहाह के पुत्र: दान तथा नफताली.

  3. दान का पुत्र: हुषीम.

  4. “दान अपने लोगों का न्याय इस्राएल के एक गोत्र जैसा करेगा.

  5. दान मार्ग का एक सांप होगा, पथ पर एक सर्प! वह घोड़े की एड़ी को डसता है, और सवार अचानक गिर जाता है.

  6. दान एवं नफताली; गाद एवं आशेर.

  7. और मैंने उसके साथ दान गोत्र के अहीसामक के पुत्र ओहोलियाब को सहायक चुना है. “तथा उन सभी में जो योग्य हैं, उनको मैं समझ देता हूं कि वे वह सब बनाएं, जो मैंने तुमसे कहा.

  8. याहवेह ने बसलेल तथा दान के गोत्र के अहीसामक के पुत्र ओहोलियाब को दूसरों को सिखाने की शक्ति दी.

  9. उनके साथ दान गोत्र के अहीसामक के पुत्र ओहोलियाब थे, जो नक्काशी और शिल्पकार तथा कढ़ाई करने तथा सूक्ष्म बंटी हुई सन और नीले, बैंगनी तथा लाल वस्त्रों के बनाने में निपुण थे.

  10. उस इस्राएली स्त्री के पुत्र ने परमेश्वर की निंदा करके परमेश्वर को शाप दिया. तब उसे मोशेह के सामने लाया गया. उस युवक की माता का नाम शेलोमीथ था, जो दान के गोत्र के दिबरी की पुत्री थी.

  11. दान से अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र;

  12. दान के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे सारे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके कुटुंब, उनके पितरों एवं परिवारों के अनुसार,

  13. दान के गोत्र से 62,700.

  14. उत्तर दिशा में उनके झंडे के नीचे दान गोत्र के सैनिकों का स्थान होगा. इनका प्रधान था अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र.

  15. दान के सैनिकों की संख्या हुई 1,57,600. वे सभी अपने-अपने झंडे के नीचे सबसे पीछे चला करेंगे.

  16. दसवें दिन अम्मीशद्दाय के पुत्र अहीएज़र ने, जो दान के गोत्र का प्रधान था, भेंट चढ़ाई.

  17. इसके बाद उनकी सेना के अनुसार दान गोत्र के घराने की छावनी का झंडा था. कूच करते हुए यह सारी छावनी के लिए प्राण रक्षक सेना हुई. इस सेना का सेनापति अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र था.

  18. दान के गोत्र से गमेली का पुत्र अम्मिएल;

  19. दान के परिवार समूह में ये परिवार थे: शूहाम से शूहाम परिवार समूह. दान के परिवार समूह से वह परिवार समूह था:

  20. दान के वंशजों में से योगली का पुत्र बुक्की प्रधान था;

  21. शाप उच्चारण के लिए एबल पर्वत पर खड़े व्यक्ति इन गोत्रों से होंगे: रियूबेन, गाद, आशेर, ज़ेबुलून, दान और नफताली.

  22. दान के विषय में मोशेह ने कहा: “दान तो सिंह का बच्चा है, जो बाशान से छलांग लगाता है.”

  23. इसके बाद मोशेह मोआब के मैदानों से नेबो पर्वत पर चले गए, जो येरीख़ो के सामने पिसगाह की चोटी पर है. यहां याहवेह ने उनकी दृष्टि में उस पूरे देश को दिखा दिया; गिलआद से लेकर दान तक,

  24. सातवां पासा दान गोत्र के कुलों के पक्ष में उनके परिवारों के अनुसार पड़ा.

  25. (दान के वंशजों की सीमा इनके भी आगे गई है; क्योंकि दान वंशजों ने लेशेम पर आक्रमण किया और उसे अधीन कर लिया. तत्पश्चात उन्होंने उस पर तलवार का प्रहार किया, उन पर अधिकार कर वे उसमें बस गए और उसे अपने पूर्वज के नाम के आधार पर लेशेम-दान नाम दिया.)