Skip to content
ज़करयाह १४:१-२०

ज़करयाह १४:१-२०

१
हे येरूशलेम, याहवेह का एक ऐसा दिन आनेवाला है, जब तुम्हारी संपत्ति लूट ली जाएगी और तुम्हारे अपने घेरे के अंदर ही बांट ली जाएगी.
२
मैं जाति-जाति के लोगों को येरूशलेम के विरुद्ध युद्ध करने के लिए इकट्ठा करूंगा; शहर पर अधिकार कर लिया जाएगा, घर-द्वार लूट लिये जाएंगे, और स्त्रियों से बलात्कार किया जाएगा. शहर की आधी जनसंख्या बंधुआई में चली जाएगी, पर बचे लोग शहर में ही रहेंगे.
३
तब याहवेह जाकर उन जातियों के विरुद्ध ऐसे लड़ेंगे जैसे वे युद्ध के दिन लड़ते हैं.
४
उस दिन याहवेह येरूशलेम के पूर्व में जैतून पहाड़ पर जा खड़े होंगे, और जैतून पहाड़ पूर्व और पश्चिम दो भाग में बंट जाएगा और बीच में एक बड़ी घाटी बन जाएगी, जिससे आधा पहाड़ उत्तर की ओर तथा आधा पहाड़ दक्षिण की ओर हट जाएगा.
५
तब तुम मेरी इस पहाड़ की घाटी से होकर भागोगे, क्योंकि यह घाटी आत्सल तक फैली होगी. तुम ऐसे भागोगे, जैसे तुम यहूदिया के राजा उज्जियाह के दिनों में हुए भूकंप के समय भागे थे. तब याहवेह मेरे परमेश्वर सब पवित्र लोगों के साथ आएंगे.
६
उस दिन न तो सूर्य का प्रकाश होगा और न ही ठंडा, कुहरे से भरा अंधेरा.
७
वह एक अतुलनीय दिन होगा—ऐसा दिन जिसे सिर्फ याहवेह ही जानते हैं—दिन और रात के बीच कोई अंतर न होगा. जब शाम होगी, तभी प्रकाश होगा.
८
उस दिन जीवन का जल येरूशलेम से बह निकलेगा, इसमें का आधा पानी पूर्व से मृत सागर की ओर तथा आधा पानी पश्चिम से भूमध्य सागर की ओर बहेगा, और यह ग्रीष्मकाल और साथ ही साथ शीतकाल में भी बहता रहेगा.
९
सारी पृथ्वी पर याहवेह ही राजा होंगे. उस दिन एक ही याहवेह होंगे, और सिर्फ उन्हीं का ही नाम होगा.
१०
सारी भूमि, गेबा से लेकर येरूशलेम के दक्षिण में रिम्मोन तक अराबाह के समान हो जाएगी. परंतु बिन्यामिन द्वार से लेकर पहले द्वार के लिए चिन्हित स्थान तक, तथा कोने के द्वार तक और हनानेल के मीनार से लेकर राजा के रसकुण्डों तक येरूशलेम को ऊंचा उठाया जाएगा, और यह अपने स्थान में बना रहेगा.
११
लोग आकर इसमें बसेंगे; और यह फिर कभी नाश नहीं किया जाएगा. येरूशलेम सुरक्षित होगा.
१२
वे जनता, जिन्होंने येरूशलेम से युद्ध किया है, उन सब पर याहवेह ऐसी महामारी लायेंगे कि जब वे अपने पैरों पर खड़े ही होंगे तो उनका मांस सड़ जाएगा, उनकी आंखें उनके गोलकों में ही सड़ जाएंगी, और उनकी जीभ उनके मुंह में ही सड़ जाएगी.
१३
उस दिन याहवेह की ओर से लोगों में बड़े आतंक के साथ घबराहट फैलेगी. वे एक दूसरे को हाथ से पकड़कर एक दूसरे पर वार करेंगे.
१४
यहूदिया भी आकर येरूशलेम में लड़ेगा. आस-पास की सभी जनताओं की संपत्ति इकट्ठी की जाएगी—जिसमें बहुत सारा सोना, चांदी और कपड़ा होगा.
१५
घोड़ों, खच्चरों, ऊंटों, गधों और उन शिविरों में सब पशुओं पर भी इसी प्रकार की महामारी आ पड़ेगी.
१६
तब वे सब जनता, जिन्होंने येरूशलेम पर आक्रमण किया था, उनमें से बचे लोग हर साल येरूशलेम जाकर राजा, सर्वशक्तिमान याहवेह की आराधना करेंगे, और तंबुओं का त्योहार मनायेंगे.
१७
और यदि पृथ्वी के लोगों में से कोई भी राजा, सर्वशक्तिमान याहवेह की आराधना करने के लिये येरूशलेम नहीं जाएगा, तो उनके यहां वर्षा न होगी.
१८
यदि मिस्र के लोग आराधना और उत्सव में भाग लेने के लिये नहीं जाएंगे, तो उनके यहां भी वर्षा न होगी. याहवेह उन पर वह महामारी लायेगा, जो वह उन जनताओं पर लाता है, जो तंबुओं का उत्सव मनाने नहीं जाते हैं.
१९
यह मिस्र देश के लोगों की सजा और उन सब जनताओं की सजा होगी, जो तंबुओं का उत्सव मनाने नहीं जाते हैं.
२०
उस दिन घोड़ों की गर्दन में लटकी घण्टियों पर ये शब्द खुदे हुए होंगे, “याहवेह के लिए पवित्र,” और याहवेह के भवन में भोजन पकाने के बर्तन, वेदी के सामने रखे पवित्र कटोरों के समान होंगे.

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.

Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options