येरेमियाह ५०:१-१३
१
भविष्यद्वक्ता येरेमियाह के द्वारा जो संदेश याहवेह ने कसदियों के देश बाबेल के विषय में दिया, वह यह है:
२
“सारे राष्ट्रों में सर्वत्र यह वाणी हो, यह प्रकट किया जाए, यह घोषणा की जाए और झंडा ऊंचा किया जाए; कुछ भी छिपाया न जाए बल्कि यह कहा जाए, ‘बाबेल अचंभित हो चुका; बेल लज्जित कर दिया गया, मारदुक चूर-चूर कर दिया गया है. उसकी प्रतिमाएं लज्जित कर दी गई है और उसकी प्रतिमाएं चूर-चूर कर दी गई हैं.’
३
उत्तरी दिशा का एक राष्ट्र उस पर आक्रमण करेगा, वह उसे निर्जन क्षेत्र में परिवर्तित कर देगा, वहां कोई निवासी न रह जाएगा. मनुष्य और पशु दोनों ही वहां से पलायन कर गए हैं; अब वे वहां से दूर चले गए हैं.
४
“उन दिनों में, उस अवसर पर,” यह याहवेह की वाणी है, “इस्राएल वंशज आ जाएंगे, वे और यहूदाह के वंशज, दोनों ही; वे साथ साथ विलाप करते हुए जाएंगे, वे याहवेह अपने परमेश्वर की खोज करेंगे.
५
वे ज़ियोन के मार्ग के विषय में पूछताछ करेंगे, वे उसी ओर अभिमुख हो जाएंगे. वे इस उद्देश्य से आएंगे कि वे याहवेह के साथ एक चिरकालीन वाचा में सम्बद्ध हो जाएं जिसे कभी भूलना पसंद न किया जाएगा.
६
“मेरी प्रजा खोई भेड़ हो गई है; उनके चरवाहों ही ने इन्हें दूर किया है, उन्हीं ने उन्हें पर्वतों पर चले जाने के लिए छोड़ दिया है. अब वे पर्वतों तथा पहाड़ियों पर भटक रहे हैं और अब तो उन्हें अपना चैन-स्थल ही स्मरण न रहा है.
७
उनकी भेंट जितनों से भी हुई, उन्होंने उन्हें निगल डाला; उनके शत्रु यह दावा करते रहे, ‘हम दोषी नहीं हैं, पाप तो उन्होंने किया है याहवेह के विरुद्ध, जो पूर्वजों के आश्रय हरी चरागाह है, वस्तुतः याहवेह, उनके पूर्वजों की आशा.’
८
“बाबेल के मध्य से भाग निकलो; कसदियों के देश से पलायन करो, उन बकरों के सदृश बन जाओ, जो पशु समूह के आगे-आगे चलते हैं.
९
क्योंकि तुम यह देख लेना कि मैं उत्तरी ओर से सशक्त राष्ट्रों के समूह को बाबेल पर आक्रमण के लिए प्रेरित करूंगा. वे उसके विरुद्ध मोर्चा बांधेंगे, और तब बाबेल बंदी बना लिया जाएगा. उनका लक्ष्य कर कुशल योद्धा बाण छोड़ेंगे और उनका प्रहार अचूक ही होगा.
१०
कसदिया लूट की सामग्री बन जाएगा; जो इसे लूटेंगे वे इसे यथाशक्ति लूट लेंगे,” यह याहवेह की वाणी है.
११
“मेरे उत्तराधिकार के लुटेरो, इसलिये कि तुम आनंदित हो, इसलिये कि तुम उल्लसित हो, इसलिये कि तुम चरागाहों में बछिया के समान उछलते हो, घोड़े सदृश हिनहिनाते हो,
१२
तुम्हारी माता अत्यंत लज्जित होगी; तुम्हारी जननी निन्दित हो जाएगी. तुम देखना कि वह राष्ट्रों में नीच हो जाएगी एक निर्जन क्षेत्र— एक शुष्क भूखण्ड, एक मरुभूमि.
१३
याहवेह की अप्रसन्नता के कारण वह निर्जन ही रहेगी, पूर्णतः निर्जन; हर एक, जो बाबेल के निकट से निकलेगा, भयभीत हो जाएगा; और उसके घावों को देखकर उपहास करेगा.
बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.
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