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The Altar of Burnt Offering के बारे में बाइबल के वचन

150 वचन · 30 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “और पवित्र स्थान के प्रवेश द्वार पर, अर्थात् मिलनवाले तंबू के सामने, होमबलि की वेदी को रखना.

  2. तुम होमबलि की वेदी और उसके सब सामान को अभिषेक करना, तब वेदी महा पवित्र हो जायेगी.

  3. और मिलनवाले तंबू के पवित्र स्थान के द्वार पर होमबलि की वेदी रखकर उस पर होमबलि और अन्‍नबलि चढ़ाई, जैसी याहवेह ने उन्हें आज्ञा दी थी.

  4. अहरोन के पुत्र, जो पुरोहित हैं; टुकड़ों, सिर और चर्बी को जलती हुई लकड़ियों पर, जो वेदी पर हैं, सजाकर रखें.

  5. किंतु तुम उस पशु की आंतों और टांगों को जल से धोना और पुरोहित इन सभी को होमबलि के लिए वेदी पर दहन करे. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की होमबलि होगी.

  6. पुरोहित कुछ रक्त को सुगंधधूप वेदी के सींगों पर भी डाले, जो याहवेह के सामने मिलनवाले तंबू में है. पुरोहित बैल के पूरे रक्त को होमबलि की वेदी के आधार पर उंडेल दे, जो मिलनवाले तंबू के द्वार पर है.

  7. पुरोहित कुछ रक्त को उस वेदी की सींगों पर भी डाले, जो याहवेह के सामने मिलनवाले तंबू में है, पुरोहित बैल के सारे रक्त को होमबलि की वेदी के आधार पर उंडेल दे, जो मिलनवाले तंबू के द्वार पर है.

  8. फिर पुरोहित अपनी उंगली से उस पापबलि से कुछ रक्त लेकर होमबलि की वेदी की सींगों पर लगाए और इसके बचे हुए रक्त को वह होमबलि की वेदी के आधार पर उंडेल दे.

  9. वेदी पर अग्नि लगातार जलती रहे. यह बुझने न पाए.

  10. मोशेह ने अभिषेक का तेल लेकर पवित्र स्थान और उसके भीतर जो कुछ भी था, उसका अभिषेक कर उन्हें परम पवित्र किया.

  11. उन्होंने कुछ तेल वेदी पर सात बार छिड़क दिया, वेदी और इसके सारे पात्रों, चिलमची और उसके आधार को पवित्र करने के लिए उनका अभिषेक किया.

  12. मोशेह ने इस बैल का वध किया और वेदी को पाप दोष से हटाने के लिए अपनी उंगली से उसका कुछ रक्त लेकर वेदी के सींगों पर लगाया. उसके बाद इसके बचे हुए रक्त को वेदी के आधार पर उंडेल दिया और प्रायश्चित पूरा करने के लिए उसे परम पवित्र किया.

  13. तब याहवेह की उपस्थिति की अग्नि ने प्रकट होकर होमबलि और वेदी पर की चर्बी के भागों को भस्म कर दिया. यह देख सारी प्रजा जय जयकार के नारे के साथ भूमि की ओर नतमस्तक हो गई.

  14. ऐसे पशुओं को, जो अंधे हों, जिनकी हड्डी टूटी हो, जो विकलांग हों, जिसके घावों से स्राव हो रहा हो, जिन्हें चकते हो गए अथवा खाज-खुजली वाले हों, याहवेह को न चढ़ाना और न ही उन्हें वेदी पर अग्निबलि स्वरूप याहवेह के लिए चढ़ाना.

  15. जिस दिन मोशेह ने पवित्र स्थान से संबंधित सारा काम पूरा किया, उन्होंने इसका अभिषेक किया, इसे उसकी सारी वस्तुओं सहित पवित्र किया; वेदी एवं उस पर के सारे बर्तन. मोशेह ने इनका अभिषेक किया तथा इसके बाद इनको पवित्र किया.

  16. फिर इस्राएल के प्रधानों ने, जो उनके पितरों के प्रधान थे, भेंटें चढ़ाईं. ये सभी गोत्रों के प्रधान थे, वे ही जो गिने गए व्यक्तियों के नेता ठहराए गए थे.

  17. जब उन्होंने याहवेह के सामने अपनी भेंटें प्रस्तुत की, तब वे ये चारों ओर से बंद छः गाड़ियां, बारह बैल, दो नेताओं के बीच एक गाड़ी तथा प्रधान के लिए एक बैल. ये सभी उन्होंने पवित्र स्थान के सामने भेंट कर दी.

  18. फिर याहवेह ने मोशेह को यह आज्ञा दी,

  19. “उन लोगों से ये भेंटें स्वीकार कर लो कि इनका प्रयोग मिलनवाले तंबू के कार्यों के लिए किया जा सके. ये तुम लेवियों को दे दोगे, हर एक व्यक्ति को उसके लिए ठहराए गए कार्य के अनुसार.”

  20. फिर मोशेह ने वे गाड़ियां तथा वे बैल लेवियों को सौंप दिए.

  21. दो गाड़ियां एवं चार बैल गेरशोन के घराने को, जो उनकी सेवाओं के अनुसार थे,

  22. चार गाड़ियां तथा आठ बैल मेरारी के घराने को, उनके कार्य के अनुसार सौंप दिए. वे ये सेवा पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार की देखभाल में करते थे.

  23. मोशेह ने कोहाथ के घराने को कुछ भी नहीं दिया, क्योंकि उनकी जवाबदारी थी, पवित्र वस्तुओं से संबंधित कार्य, जिनका भार वे अपने कंधों पर उठाया करते थे.

  24. प्रधानों ने वेदी का अभिषेक किया और वेदी के लिए चढ़ाई भेंट अर्पित की तथा प्रधानों ने अपनी-अपनी भेंटें वेदी के सामने चढ़ा दी.

  25. फिर याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी, “वेदी के समर्पण के लिए प्रतिदिन एक ही प्रधान अपनी भेंट चढ़ाए.”