मुख्य सामग्री पर जाएँ

Tabernacle के बारे में बाइबल के वचन

465 वचन · 94 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा और दोनों ही में बेहतरीन आटे में ज़ैतून का तेल मिला हुआ;

  2. दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;

  3. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;

  4. पापबलि के लिए एक बकरा;

  5. मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह ओखरन के पुत्र पागिएल द्वारा चढ़ाई गई थी.

  6. बारहवें दिन, नफताली गोत्र से एनन का पुत्र अहीरा जो प्रधान था,

  7. उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा तथा सत्तर शेकेल चांदी की कटोरी में तेल मिला हुआ मैदा;

  8. दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;

  9. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;

  10. पापबलि के लिए एक बकरा;

  11. मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह एनन के पुत्र अहीरा द्वारा चढ़ाई गई थी.

  12. इस्राएल के प्रधानों द्वारा वेदी का अभिषेक किए जाने के समय चढ़ाई गई संस्कार भेंट यह थी: बारह चांदी की परात, बारह चांदी की कटोरियां, बारह सोने के धूपदान;

  13. हर एक चांदी की परात पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल, हर एक चांदी की कटोरी सत्तर शेकेल! तब पवित्र स्थान की तौल के अनुसार सारे बर्तन कुल 2,400 शेकेल हुए.

  14. सुगंधित धूप के साथ बारह सोने के हर एक धूपदान, पवित्र स्थान की नाप के अनुसार दस शेकेल; तब कुल एक सौ बीस शेकेल.

  15. होमबलि के लिए कुल बारह बछड़े, बारह मेढ़े, अन्‍नबलि के लिए बारह एक वर्ष के नर मेमने तथा पापबलि के लिए बारह बकरे.

  16. जब मोशेह मिलनवाले तंबू में याहवेह से बातचीत करने गए, तब उन्होंने वाचा के संदूक के ऊपर करुणासन से, दोनों करूबों के बीच से, एक आवाज सुनी, जो उन्हें संबोधित कर रही थी; इस प्रकार याहवेह ने उनसे यह बातें की थी.

  17. “लेवी सेवा के लिए यह विधि लागू होगी: पच्चीस वर्ष की आयु से ऊपर वे मिलनवाले तंबू में सेवा प्रारंभ किया करेंगे.

  18. जिस दिन पवित्र निवास स्थान, यानी साक्षी तंबू, की स्थापना पूरी हुई एक विशेष बादल ने उस पवित्र निवास स्थान को छा लिया. सूर्यास्त के बाद से लेकर सुबह तक यह पवित्र निवास स्थान पर आग के समान दिखाई देता रहा.

  19. यह दृश्य नित्य होने लगा: दिन के समय बादल छा जाना, तथा रात में आग का दर्शन.

  20. जब ये दोनों साथ साथ बजाए जाएंगे, तब सारी सभा तुम्हारे सामने मिलनवाले तंबू के द्वार पर हो जाएगी.

  21. दूसरे वर्ष के दूसरे महीने में बीसवीं तारीख को यह बादल साक्षी तंबू से ऊपर की ओर उठ गया.

  22. इस्राएल के घराने ने सीनायी के निर्जन प्रदेश से अपनी यात्राएं शुरू कर दी. यह बादल पारान के निर्जन प्रदेश में जा ठहर गया.

  23. इस प्रकार उन्होंने याहवेह के पर्वत से अपनी यात्रा प्रारंभ की और तीन दिन यात्रा करते रहे. याहवेह की वाचा का संदूक तीन दिनों तक उनके आगे-आगे रहा कि इस्राएल के डेरे के लिए सही विश्राम का स्थान तय किया जा सके.

  24. जब उन्होंने छावनी के स्थान से यात्रा शुरू की थी, दिन के समय याहवेह का बादल उनके ऊपर-ऊपर बना रहता था.

  25. इसके बाद, जब भी संदूक के साथ यात्रा आरंभ करते थे, मोशेह का यह वचन था: “याहवेह सक्रिय हो जाइए! आपके शत्रु बिखर जाएं; जिन्हें आपसे घृणा है आपके सामने से भाग जाएं.”