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Psalms के बारे में बाइबल के वचन: Intercessional Psalms

40 वचन · 16 पहलू

Intercessional Psalms पर वचन

  1. संगीत निर्देशक के लिये. दावीद का एक स्तोत्र. संकट के समय याहवेह आपकी प्रार्थना का उत्तर दें; याकोब के परमेश्वर में आपकी सुरक्षा हो.

  2. वह अपने पवित्र आवास में से आपके लिए सहायता प्रदान करें, ज़ियोन से आपकी सहायता का प्रबंध हो.

  3. परमेश्वर आपकी समस्त बलियों का स्मरण रखें, आपकी अग्निबलि उन्हें स्वीकार्य हो.

  4. वह आपके हृदय का मनोरथ पूर्ण करें, आपकी समस्त योजनाएं सफल हों!

  5. आपके उद्धार होने पर हम हर्षोल्लास में जय जयकार करेंगे, तथा अपने परमेश्वर के नाम में ध्वजा ऊंची करेंगे. हमारी कामना है कि याहवेह आपकी सारी प्रार्थनाएं सुनकर उन्हें पूर्ण करें.

  6. अब मुझे यह आश्वासन प्राप्‍त हो गया है: कि याहवेह अपने अभिषिक्त को सुरक्षा प्रदान करते हैं. वह अपने पवित्र स्वर्ग से अपनी भुजा के सुरक्षा देनेवाले सामर्थ्य के द्वारा उन्हें प्रत्युत्तर देते हैं.

  7. कुछ को रथों का, तो कुछ को अपने घोड़ों पर भरोसा हैं, किंतु हमें भरोसा है याहवेह, हमारे परमेश्वर के नाम पर.

  8. वे लड़खड़ाते हैं और उनका पतन हो जाता है, किंतु हमारा जय होता है और हम स्थिर रहते हैं.

  9. याहवेह, महाराजा को विजय प्रदान करें! हम जब भी पुकारें, हमें प्रत्युत्तर दें!

  10. संगीत निर्देशक के लिये. तार वाद्यों की संगत के साथ. एक स्तोत्र. एक गीत. परमेश्वर हम पर अनुग्रह करें, और आशीष दें, और उनका मुख हम पर प्रकाशित करते रहें.

  11. पृथ्वी पर आपकी इच्छा प्रकाशित होती रहे, तथा समस्त राष्ट्रों को आपके उद्धार का परिचय प्राप्‍त हो.

  12. हे परमेश्वर, मनुष्य आपका स्तवन करते रहें; सभी मनुष्यों द्वारा आपका स्तवन होता रहे.

  13. हर एक राष्ट्र उल्‍लसित होकर हर्षोल्लास में गाने लगे, क्योंकि आपका न्याय सभी के लिए खरा है और आप पृथ्वी के हर एक राष्ट्र की अगुवाई करते हैं.

  14. हे परमेश्वर, मनुष्य आपका स्तवन करते रहें; सभी मनुष्यों द्वारा आपका स्तवन होता रहे.

  15. पृथ्वी ने अपनी उपज प्रदान की है; परमेश्वर, हमारे परमेश्वर, हम पर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखें.

  16. परमेश्वर हम पर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखेंगे, कि पृथ्वी के दूर-दूर तक उनके लिए श्रद्धा प्रसारित हो जाए.

  17. आराधना के लिए यात्रियों का गीत. दावीद की रचना. जब यात्रियों ने मेरे सामने यह प्रस्ताव रखा, “चलो, याहवेह के आवास को चलें,” मैं अत्यंत उल्‍लसित हुआ.

  18. येरूशलेम, हम तुम्हारे द्वार पर खड़े हुए हैं.

  19. येरूशलेम उस नगर के समान निर्मित है, जो संगठित रूप में बसा हुआ है.

  20. यही है वह स्थान, जहां विभिन्‍न कुल, याहवेह के कुल, याहवेह के नाम के प्रति आभार प्रदर्शित करने के लिए जाया करते हैं जैसा कि उन्हें आदेश दिया गया था.

  21. यहीं न्याय-सिंहासन स्थापित हैं, दावीद के वंश के सिंहासन.

  22. येरूशलेम की शांति के निमित्त यह प्रार्थना की जाए: “समृद्ध हों वे, जिन्हें तुझसे प्रेम है.

  23. तुम्हारी प्राचीरों की सीमा के भीतर शांति व्याप्‍त रहे तथा तुम्हारे राजमहलों में तुम्हारे लिए सुरक्षा बनी रहें.”

  24. अपने भाइयों और मित्रों के निमित्त मेरी यही कामना है, “तुम्हारे मध्य शांति स्थिर रहे.”

  25. याहवेह, हमारे परमेश्वर के भवन के निमित्त, मैं तुम्हारी समृद्धि की अभिलाषा करता हूं.