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God

11,427 वचन · 2 परिवार के सदस्य

God का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. किंतु तुम उस पशु की आंतों और टांगों को जल से धोना और पुरोहित इन सभी को होमबलि के लिए वेदी पर दहन करे. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की होमबलि होगी.

  2. वह उसका वध याहवेह के सामने वेदी के उस ओर करे, जो उत्तरी दिशा की ओर है, और अहरोन के पुत्र, जो पुरोहित हैं, इसके रक्त को वेदी के चारों ओर छिड़क दें.

  3. किंतु आंतों और पैरों को वह जल से धोए और पुरोहित इन सभी को होमबलि के लिए वेदी पर जलाए, यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की होमबलि होगी.

  4. “ ‘किंतु यदि वह याहवेह के लिए पक्षियों की होमबलि चढ़ाता है, तो वह अपनी बलि के लिए कपोत अथवा कबूतर के बच्‍चे लेकर आए.

  5. फिर वह उसके पंख पकड़कर फाड़े, किंतु उसे अलग न करे और पुरोहित इन सभी को होमबलि के लिए वेदी पर जलाए. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की होमबलि होगी.

  6. “ ‘जब याहवेह के लिए बलि के रूप में कोई अन्‍नबलि लेकर आए, तो यह भेंट महीन आटे की हो. वह इस पर तेल उण्डेले और लोबान रखे.

  7. फिर वह इसे अहरोन के पुत्रों के पास, जो पुरोहित हैं, लाए. वह उसमें से एक मुट्ठी भर महीन आटा, तेल एवं लोबान ले. पुरोहित उसको स्मरण दिलाने वाले भाग के रूप में वेदी पर जलाए. यह अग्निबलि याहवेह के लिए सुखद-सुगंध होगी.

  8. अन्‍नबलि का बचा हुआ भाग अहरोन व उनके पुत्रों के लिए निर्धारित है; यह याहवेह के लिए अग्निबलियों का परम पवित्र भाग है.

  9. जब तुम याहवेह के सामने इन वस्तुओं से बनी अन्‍नबलि लेकर आओ, तो यह पुरोहित के पास लाया जाए और वह इसे वेदी पर लेकर आए.

  10. फिर पुरोहित इस अन्‍नबलि से इसका स्मरण दिलाने वाला भाग लेकर वेदी पर अग्निबलि के रूप में जलाए. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की अग्निबलि होगी.

  11. अन्‍नबलि का बचा हुआ भाग अहरोन व उनके पुत्रों के लिए निर्धारित है; यह याहवेह के लिए अग्निबलियों का परम पवित्र भाग है.

  12. “ ‘कोई भी अन्‍नबलि, जो तुम याहवेह के सामने लेकर आओ, वह खमीर के साथ न बनाई जाये, क्योंकि तुम याहवेह को न तो खमीर की और न ही मधु की अग्निबलि भेंट करना.

  13. तुम इन्हें याहवेह के सामने पहली उपज की बलि के रूप में भेंट करना. किंतु ये वेदी पर याहवेह को सुखद-सुगंध के लिए भेंट न की जाएं.

  14. तुम अपनी सब अन्‍न बलियों में नमक चढ़ाना. तुम्हारी अन्‍नबलि से तुम्हारे परमेश्वर की वाचा का नमक अलग न रहे, अपनी सब बलियों के साथ तुम नमक भेंट करना.

  15. “ ‘यदि तुम याहवेह को पहले फल की बलि भेंट करो, तो अपनी पहले फल बलि में अग्निबलि के लिए अग्नि में भुने गए नए अन्‍न की बालें लेकर आना.

  16. पुरोहित इसके स्मरण के लिए निर्धारित अंश, छिलका निकाला गया अन्‍न, तेल और इसके सारे लोबान के साथ जलाकर अग्निबलि के रूप में याहवेह को भेंट कर दे.

  17. “ ‘यदि उसकी बलि एक मेल बलि है और यदि वह गाय-बैलों से एक पशु की बलि करता है, चाहे वह नर हो अथवा मादा, तो वह निर्दोष पशु को याहवेह के सामने भेंट करे.

  18. मेल बलि के अर्पण द्वारा वह याहवेह को अग्निबलि स्वरूप यह अर्पित करे; अर्थात् वह चर्बी जो आंतों को ढांपती है और वह चर्बी, जो आंतों पर लिपटी हुई है,

  19. फिर अहरोन के पुत्र इसे वेदी पर अग्निबलि के ऊपर रखकर जलाएं जो आग पर रखी हुई है. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की अग्निबलि है.

  20. “ ‘किंतु यदि याहवेह के लिए मेल बलि के रूप में उसकी बलि भेड़-बकरियों में से है, तो वह इसमें से निर्दोष नर अथवा मादा को बलि करे.

  21. यदि वह बलि के लिए एक मेमने को भेंट कर रहा है, तो वह इसे याहवेह को इस प्रकार भेंट करें:

  22. मेल बलि की बलि से वह याहवेह के लिए अग्निबलि के रूप में यह अर्पित करे: इसकी चर्बी व मोटी पूंछ को वह रीढ़ से अलग करेगा, वह चर्बी जो आंतों को ढांपती है, वह संपूर्ण चर्बी, जो आंतों पर है,

  23. फिर पुरोहित इसे वेदी पर अग्नि में आहार स्वरूप जलाए. यह याहवेह के लिए अग्निबलि है.

  24. “ ‘यदि वह बलि में एक बकरी भेंट कर रहा है, तो वह इसे याहवेह के सामने भेंट करे,

  25. इसमें से वह याहवेह के लिए अग्निबलि के रूप में ये प्रस्तुत करे: वह चर्बी जो आंतों को ढांपती है, वह पूरी चर्बी जो आंतों पर है,