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2 कोरिंथ ११:१-१६

2 कोरिंथ ११:१-१६

१
मैं चाहता हूं कि तुम मेरी छोटी सी मूर्खता को सह लो—जैसे वास्तव में तुम इस समय सह भी रहे हो.
२
तुम्हारे लिए मेरी प्रेम की धुन ठीक वैसी ही है जैसी परमेश्वर की. तुम उस पवित्र कुंवारी जैसे हो, जिसकी मंगनी मैंने एकमात्र वर—मसीह येशु—को सौंपने के उद्देश्य से की है.
३
मुझे हमेशा यह भय लगा रहता है कि कहीं शैतान तुम्हारे मन को मसीह के प्रति तुम्हारी निष्कपट, पवित्रता से दूर न कर दे, जैसे सांप ने हव्वा को अपनी चालाकी से छल लिया था.
४
क्योंकि जब कोई व्यक्ति आकर किसी अन्य येशु का प्रचार करता है, जिसका प्रचार हमने नहीं किया या तुम्हें कोई भिन्‍न आत्मा मिलती है, जो तुम्हें पहले नहीं मिली थी या तुम कोई भिन्‍न ईश्वरीय सुसमाचार को अपनाते हो, जिसे तुमने पहले ग्रहण नहीं किया था, तो तुम इसे सहर्ष स्वीकार कर लेते हो!
५
मैं यह नहीं मानता कि मैं तथाकथित बड़े से बड़े प्रेरितों से तुच्छ हूं.
६
माना कि मैं बोलने में निपुण नहीं हूं किंतु निश्चित ही ज्ञान में मैं कम नहीं. वस्तुतः हमने प्रत्येक प्रकार से प्रत्येक क्षेत्र में तुम्हारे लिए इसे स्पष्ट कर दिया है.
७
इसलिये कि मैंने तुम्हारे लिए परमेश्वर के ईश्वरीय सुसमाचार का प्रचार मुफ्त में किया, क्या तुम्हें ऊंचा करने के उद्देश्य से मेरा स्वयं को विनम्र बना लेना अपराध था?
८
तुम्हारे बीच सेवा करते हुए मेरा भरण-पोषण अन्य कलीसियाओं द्वारा किया जा रहा था. यह एक प्रकार से उन्हें लूटना ही हुआ.
९
तुम्हारे साथ रहते हुए आर्थिक ज़रूरत में भी मैं तुममें से किसी पर भी बोझ न बना. मकेदोनिया प्रदेश से आए साथी विश्वासियों ने मेरी सभी ज़रूरतों की पूर्ति की. हर क्षेत्र में मेरा यही प्रयास रहा है कि मैं तुम पर बोझ न बनूं. भविष्य में भी मेरा प्रयास यही रहेगा.
१०
मुझमें मसीह का सच मौजूद है, इसलिये पूरे आखाया प्रदेश के क्षेत्रों में कोई भी मुझे मेरे इस गौरव से दूर न कर सकेगा.
११
क्यों? क्या इसलिये कि मुझे तुमसे प्रेम नहीं? परमेश्वर गवाह हैं कि मैं तुमसे प्रेम करता हूं.
१२
मैं जो कुछ कर रहा हूं, वही करता जाऊंगा कि उन व्यक्तियों की इस विषय में गर्व करने की सारी सम्भावनाएं समाप्‍त हो जाएं कि वे भी वही काम कर रहे हैं, जो हम कर रहे हैं.
१३
ऐसे व्यक्ति झूठे प्रेरित तथा छल से काम करनेवाले हैं, जो मसीह के प्रेरित होने का ढोंग करते हैं.
१४
यह कोई आश्चर्य का विषय नहीं कि शैतान भी ज्योतिर्मय स्वर्गदूत होने का नकल करता है,
१५
इसलिये इसमें कोई बड़ी बात नहीं कि उसके सेवक भी जो धार्मिकता के सेवक होने का नाटक करते हैं, जिनका अंत उनके कामों के अनुसार ही होगा.
१६
मैं दोबारा याद दिला रहा हूं: कोई मुझे मूर्ख न समझे किंतु यदि तुमने मुझे ऐसा मान ही लिया है तो मुझे मूर्ख के रूप में ही स्वीकार कर लो. इससे मुझे भी गर्व करने का अवसर मिल जाएगा.

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.