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The Ammonites के बारे में बाइबल के वचन

121 वचन · 46 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. येरूशलेम तथा यहूदिया के नगर, उनके राजा एवं उनके उच्चाधिकारियों को वे अवशेष, आतंक, उपहास तथा शाप बने रह जाएं, जैसा कि आज भी देखा जा सकता है;

  2. मिस्र का राजा फ़रोह, उसके सेवक, उसके उच्च अधिकारी तथा उसकी सारी प्रजा,

  3. सभी विदेशी नागरिक; उज़ देश के सभी राजा; फिलिस्तिया देश के सभी राजा, यहां तक कि अश्कलोन, अज्जाह, एक्रोन, तथा अशदोद के लोग;

  4. एदोम, मोआब तथा अम्मोन के वंशज;

  5. अम्मोन वंशजों के संबंध में: यह याहवेह का संदेश है: “क्या इस्राएल के पुत्र नहीं हैं? अथवा उसके कोई उत्तराधिकारी ही नहीं हैं? तब क्या हुआ कि अम्मोनी देवता मोलेक ने गाद पर अधिकार कर लिया है? तथा उसकी प्रजा इसके नगरों में जा बसी है?

  6. इसलिये यह देखना कि ऐसे दिन आ रहे हैं, कि मैं अम्मोन वंशजों के रब्बाह के विरुद्ध नरसिंगे का आवाज उत्पन्‍न करूंगा; तब यह एक निर्जन ढेर बनकर रह जाएगा, उसके आस-पास के गांवों को भस्म कर दिया जाएगा. तब इस्राएल उन्हें अपने अधीन कर लेगा, जिन्होंने उसे अधीन किया हुआ था,” यह याहवेह की वाणी है.

  7. “हेशबोन, विलाप करो, क्योंकि अय नगर नष्ट हो चुका है! रब्बाह की पुत्रियो, विलाप करो! टाट बांधकर विलाप करो; विस्मित हो इधर-उधर शहरपनाह के भीतर दौड़ती रहो, क्योंकि मोलेक बंधुआई में चला जाएगा, और उसके साथ होंगे उसके पुरोहित तथा अधिकारी.

  8. तुम अपनी घाटियों के विषय में कितना अहंकार कर रही हो, भटकने वाली पुत्री, तुम्हारी घाटी बंद हुई जा रही है. अपनी संपदा का भरोसा करके तुम गर्व करती रही हो, ‘कौन कर सकता है मेरा सामना?’

  9. यह देख लेना, मैं तुम पर आतंक लाने पर हूं यह आतंक तुम्हें चारों ओर से घेर लेगा,” यह सेनाओं के प्रभु याहवेह की वाणी है. मैं तुम्हारे चारों ओर के लोगों से तुम पर आतंक लाऊंगा, हर एक भागकर बिखर जाएगा, शरणार्थियों के एकत्रण के लिए कोई शेष न रहेगा.

  10. “हे मनुष्य के पुत्र, अपना मुंह अम्मोनियों की ओर करके उनके विरुद्ध भविष्यवाणी करो.

  11. उनसे कहो, ‘परम प्रधान याहवेह का वचन सुनो. परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: क्योंकि जब मेरा पवित्र स्थान अपवित्र किया गया और जब इस्राएल देश उजाड़ा गया और जब यहूदिया के लोग बंधुआई में चले गये, तो तुमने आहा, आहा! कहा,

  12. इसलिये मैं तुम्हें पूर्व देश के लोगों के अधीन करने जा रहा हूं. वे तुम्हारे बीच अपना शिविर खड़ा करेंगे और अपना तंबू गाड़ेंगे; वे तुम्हारा फल खाएंगे और तुम्हारा दूध पिएंगे.

  13. मैं रब्बाह को ऊंटों का चरागाह और अम्मोन देश को भेड़ों का विश्राम स्थल बना दूंगा. तब तुम जानोगे कि मैं याहवेह हूं.

  14. क्योंकि परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: क्योंकि तुमने इस्राएल देश के प्रति अपने हृदय के सब द्वेष भावना के कारण आनंदित होकर ताली बजाई और अपने पैरों को पटका,

  15. इसलिये मैं तुम्हारे विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाऊंगा और तुम्हें लूट की वस्तु के रूप में जाति-जाति के लोगों के बीच दे दूंगा. मैं लोगों के बीच से तुम्हारा नाम तक मिटा दूंगा और तुम्हें देश-देश में पूरी तरह नाश कर दूंगा. मैं तुम्हें नाश करूंगा, और तब तुम जानोगे कि मैं याहवेह हूं.’ ”

  16. “परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: ‘क्योंकि मोआब और सेईर ने कहा, “देखो, यहूदाह का वंश भी दूसरे सब जातियों के समान हो गया है,”

  17. इसलिये मैं मोआब के किनारे को खुला छोड़ूंगा और इसकी शुरुआत सीमावर्ती नगर—बेथ-यशिमोथ, बाल-मेओन और किरयथियों से होगी, जो उस देश की शोभा हैं.

  18. मैं मोआब को अम्मोनियों के साथ पूर्वी देश के लोगों के अधीन कर दूंगा, ताकि अम्मोनियों को लोग याद न करें;

  19. याहवेह का यह कहना है: “अम्मोनवासियों के तीन, नहीं वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसे दंड देने से पीछे न हटूंगा. क्योंकि उसने गिलआद की गर्भवती स्त्रियों के पेट इसलिये चीर दिए ताकि वह अपनी सीमा का विस्तार कर सके,

  20. तब युद्ध के उस दिन जब शोरगुल हो रहा होगा, जब उग्र आंधी और उपद्रव हो रहा होगा तब मैं रब्बाह नगर की दीवारों पर आग लगा दूंगा, जो उसके राजमहलों को जलाकर नष्ट कर देगी.

  21. अम्मोन के राजा और उसके कर्मचारी एक साथ बंधुआई में चले जाएंगे,” यह याहवेह का कहना है.