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Priests के बारे में बाइबल के वचन

407 वचन · 86 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. वह इसे बर्तन में डालकर चुभोता था और जितना मांस तीन तरफा कांटा में लगा हुआ आता था, उसे पुरोहित अपने लिए रख लेता था. ऐसा वे शीलो नगर में आए सभी इस्राएलियों के साथ करते थे.

  2. यहां तक कि सांस्कारिक रीति से चर्बी के जलाए जाने के पहले ही पुरोहित के सेवक आकर बलि चढ़ाने वाले व्यक्ति को आदेश देते थे, “बर्तन में डाले जाने के पहले ही पुरोहित के लिए निर्धारित मांस हमें कच्चा ही दे दो कि उसे भूनकर प्रयुक्त किया जा सके.”

  3. यदि बलि अर्पित करनेवाला व्यक्ति उत्तर में यह कहता था, “ज़रा वसा तो जल जाने दो, फिर जो चाहे वह अंश ले लेना,” वे कहते थे, “नहीं, यह तो हम अभी ही ले जाएंगे; यदि नहीं दोगे, तो हम ज़बरदस्ती ले जाएंगे.”

  4. याहवेह की दृष्टि में यह बहुत ही गंभीर पाप था; क्योंकि ऐसा करते हुए वे याहवेह को चढ़ाई गई बलि का अपमान कर रहे थे.

  5. इस समय एली बहुत ही बूढ़े हो चुके थे. उन्हें इसकी सूचना दी जा चुकी थी कि अपने पुत्र इस्राएल के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और वे उन स्त्रियों के साथ शारीरिक संबंध भी करते थे, जिन्हें मिलाप तंबू के प्रवेश पर सेवा के लिए नियुक्त किया जाता था.

  6. एली ने अपने पुत्रों से कहा, “तुम ये सब क्यों कर रहे हो? तुम्हारे इन सभी बुरे कामों की ख़बरें मुझे सभी के द्वारा मिल रही हैं.

  7. मेरे पुत्रो, यह गलत है. आज याहवेह की प्रजा में तुम्हारे किए हुए कामों की ख़बर जो फैली है, वह ठीक नहीं है.

  8. इस पर शमुएल ने एक दूध पीता मेमना लेकर उसे याहवेह के सामने अग्निबलि के रूप में अर्पण किया. तब शमुएल ने इस्राएल की ओर से याहवेह की दोहाई दी, और याहवेह ने उन्हें इसका प्रत्युत्तर दिया.

  9. पुरोहित ने दावीद को उत्तर दिया, “साधारण रोटी तो इस समय मेरे पास है नहीं—हां, आप वेदी पर समर्पित रोटियां अवश्य ले सकते हैं, यदि आपके सैनिक ठहराए गए समय से स्त्री संबंध से दूर रहे हैं.”

  10. दावीद ने पुरोहित को आश्वासन दिया, “निःसंदेह! जब कभी मैं अभियान पर निकलता हूं, स्त्रियां हमसे दूर ही रखी जाती हैं. साधारण काम के लिए जाते समय भी सैनिकों की देह पवित्र रखी जाती है, यह तो एक विशेष अभियान है!”

  11. तब पुरोहित ने उन्हें समर्पित पवित्र रोटियां दे दीं, क्योंकि वहां समर्पित रोटियों के अलावा और कोई रोटी थी ही नहीं. इन रोटियों को याहवेह के सामने से हटा लिया जाता है, जिस समय गर्म नयी रोटियां वेदी पर भेंट की जाती हैं.

  12. इसके बाद राजा ने पुरोहित अबीयाथर से कहा, “आप अनाथोथ चले जाइए, जहां आपकी पैतृक संपत्ति है. सही तो यह था कि आपको मृत्यु दंड दिया जाता, मगर इस समय मैं आपकी हत्या नहीं करूंगा, क्योंकि आपने मेरे पिता दावीद के सामने प्रभु याहवेह की वाचा के संदूक को उठाया था, साथ ही आप मेरे पिता के बुरे समय में उनके साथ बने रहे.”

  13. जब रिहोबोयाम येरूशलेम लौटा, उसने सारे यहूदाह और बिन्यामिन गोत्र को इकट्ठा किया. ये एक लाख अस्सी हज़ार योद्धा थे, जिन्हें परखकर अलग किया गया था, कि ये इस्राएल वंश से युद्ध करें और शलोमोन के पुत्र रिहोबोयाम के राज्य को दोबारा उसे लौटा दें.

  14. फिर उन्होंने लकड़ी काटकर वेदी पर सजाकर रख दी और बछड़े को टुकड़े-टुकड़े कर लकड़ियों पर सजा दिया. इसके बाद उन्होंने उन्हें आदेश दिया, “चार घड़े जल से भरकर सारा जल होमबलि और लकड़ियों पर उंडेल दो.”

  15. हां, उन्होंने भय के कारण याहवेह के लिए सभी प्रकार के लोगों में से पुरोहित भी चुन लिए. ये पुरोहित उनके लिए पूजा की जगहों पर बलि चढ़ाया करते थे.

  16. अहरोन के पुत्रों को उन्होंने शरण शहर दे दिए: हेब्रोन, लिबनाह और इसकी सभी चरागाह,

  17. हिलेन और देबीर,

  18. आशान, युताह और बेथ-शेमेश और उनकी चरागाह,

  19. तब बिन्यामिन गोत्र की सीमा से गिबियोन, इसके चरागाहों से इसके चरागाहों समेत गेबा, अलेमेथ, अनाथोथ इसके सभी उनके ये सभी नगर उनके गोत्रों के अधिकार में हमेशा ही बने रहे. ये कुल तेरह नगर थे.

  20. अहरोन-वंशजों के समूह ये थे: अहरोन के पुत्र थे नादाब, अबीहू, एलिएज़र और इथामार.

  21. मगर नादाब और अबीहू की मृत्यु उनके पिता के देखते-देखते हो गई थी. उनके कोई संतान भी न थी. फलस्वरूप एलिएज़र और इथामार ने पौरोहितिक कार्यभार अपने ऊपर ले लिया.

  22. एलिएज़र वंशज सादोक और इथामार-वंशज अहीमेलेख के साथ मिलकर दावीद ने सेवा के लिए उनके पदों के अनुसार उनके समूहों को बांट दिया.

  23. इसलिये कि एलिएज़र-वंशजों में इथामार-वंशजों से संख्या में ज्यादा मुख्य पाए गए, उनका बंटवारा इस प्रकार किया गया: एलिएज़र-वंशजों में सोलह और इथामार-वंशजों में आठ मुख्य पाए गए, ये दोनों ही उनके घरानों के अनुसार थे.

  24. पासा फेंकने की प्रथा के द्वारा इन सभी का बंटवारा किया गया था; बिना किसी भेद-भाव के सभी का, क्योंकि वे मंदिर के, हां, परमेश्वर के लिए चुने गए अधिकारी थे. ये दोनों ही एलिएज़र और इथामार-वंशज थे.

  25. लेवियों में से नेथानेल के पुत्र शेमायाह ने राजा, शासकों, पुरोहित सादोक, अबीयाथर के पुत्र अहीमेलेख और पुरोहितों के घरानों और लेवियों के सामने इन्हें लिख लिया. एक घराना एलिएज़र के लिए और एक घराना इथामार के लिए लिखा गया.