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Joab के बारे में बाइबल के वचन: Numbers the people

10 वचन · 4 पहलू

Numbers the people पर वचन

  1. मगर राजा के आदेश के आगे योआब और अन्य प्रधानों का तर्क विफल ही रहा. तब योआब और सेना के प्रधान संसद भवन से निकलकर इस्राएल की जनगणना के लिए चल पड़े.

  2. उन्होंने यरदन नदी पार कर अरोअर नामक स्थान पर शिविर डाले. यह स्थान याज़र की ओर, गाद की तराई के बीच में है.

  3. इसके बाद वे गिलआद आ गए, और हित्तियों के क्षेत्र के कादेश में तब वे दान यअन पहुंचे. दान यअन के बाद वे सीदोन के निकट जा पहुंचे.

  4. फिर वे सोर के गढ़ पहुंचे, जहां से उन्होंने हिव्वियों और कनानियों के सभी नगरों में गिनती पूरी की. इसके बाद वे बेअरशेबा में यहूदिया के नेगेव पहुंचे.

  5. जब वे संपूर्ण देश में गिनती का काम पूरा कर चुके, वे येरूशलेम आ गए. अब तक नौ महीने और बीस दिन पूरे हो चुके थे.

  6. योआब ने राजा के सामने राज्य की जनगणना का लेखा प्रस्तुत किया: इस्राएल में आठ लाख वीर योद्धा थे, और यहूदिया में पांच लाख, जिनमें तलवार के कौशल की क्षमता थी.

  7. मगर राजा को योआब की सलाह पसंद नहीं आई. इसलिये योआब इस काम के लिए निकला. वह पूरे इस्राएल में घूमा और काम पूरा कर येरूशलेम लौट आया.

  8. योआब ने दावीद को लोगों की गिनती का जोड़ सुनाया: पूरे इस्राएल में ग्यारह लाख और यहूदिया में चार लाख सत्तर हज़ार तलवार चलानेवाले व्यक्ति थे.

  9. दावीद ने याहवेह की उस प्रतिज्ञा को याद करके, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह इस्राएल को आकाश के तारों के समान अनगिनत बना देंगे, गिनती में उन्हें शामिल नहीं किया था, जिनकी उम्र बीस साल या इससे कम थी.

  10. ज़ेरुइयाह के पुत्र योआब ने उन्हें शामिल करना शुरू किया ही था, मगर इसे पूरा नहीं किया. फिर भी इसके लिए इस्राएल परमेश्वर के क्रोध का शिकार बन गया. वास्तविक गिनती राजा दावीद के इतिहास की पुस्तक में शामिल न की जा सकी.