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Ish-Bosheth के बारे में बाइबल के वचन

21 वचन · 6 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

  1. मगर दूसरी ओर नेर के पुत्र अबनेर ने, जो शाऊल की सेना के सेनापति था, शाऊल के पुत्र इश-बोशेथ को माहानाईम नगर ले जाकर

  2. उसे गिलआद, अश्शूरवासियों, येज़्रील, एफ्राईम, बिन्यामिन और संपूर्ण इस्राएल के ऊपर राजा के रूप में प्रतिष्ठित कर दिया.

  3. इस्राएल पर शासन प्रारंभ करते समय इश-बोशेथ की अवस्था चालीस वर्ष की थी. उसका शासनकाल दो वर्ष का था. मगर यहूदाह गोत्र दावीद के वफादार बना रहे.

  4. जब शाऊल और दावीद के वंश के बीच संघर्ष चल रहा था, अबनेर स्वयं को शाऊल के परिवार ही में अपना स्थान सशक्त बनाए जा रहा था.

  5. शाऊल की रिज़पाह नामक एक उप-पत्नी थी, जो अइयाह की पुत्री थी. इश-बोशेथ ने अबनेर का सामना करते हुए पूछा, “तुमने मेरे पिता की उप-पत्नी से संबंध क्यों बनाया है?”

  6. इश-बोशेथ के इन शब्दों को सुन अबनेर को बहुत ही गुस्सा हो गए. उन्होंने इश-बोशेथ को उत्तर दिया, “क्या मैं यहूदिया के किसी कुत्ते का सिर हूं? आज तक मैं तुम्हारे पिता शाऊल के परिवार, उनके भाइयों और उनके मित्रों के प्रति पूरी तरह सच्चा रहा हूं, और मैं तुम्हें दावीद के अधीन होने से बचाता रहा हूं, और आज तुम मुझ पर इस स्त्री से संबंधित अपराध का आरोप लगा रहे हो!

  7. अब यदि मैं, अबनेर, दान से बियरशीबा तक फैले हुए शाऊल वंश के राज्य दावीद को दिए जाने और दावीद के इस्राएल और यहूदिया पर सिंहासन की प्रतिष्ठा मिलने को,

  8. जिसकी शपथ याहवेह द्वारा ही ली गई थी, पूरी न करूं, तो परमेश्वर मुझसे ऐसा ही, बल्कि इससे भी बढ़कर करें.”

  9. यह सुन इश-बोशेथ अबनेर से एक शब्द तक न कह सका, क्योंकि वह अबनेर से डरता था.

  10. अबनेर ने दावीद के पास इस संदेश के साथ अपने दूत भेजे, “कौन है इस भूमि का स्वामी? मुझसे वाचा बांध लीजिए और तब देखिएगा कि मैं अपने प्रभाव से सारे इस्राएल को आपकी अधीनता में ला दूंगा.”

  11. इसके बाद दावीद ने शाऊल के पुत्र इश-बोशेथ के पास इस संदेश के साथ संदेशवाहक भेजे: “मुझे मेरी पत्नी मीखल दे दो, जिसके साथ मेरा रिश्ता फिलिस्तीनियों की एक सौ लिंग की खालों का मूल्य चुकता करने के द्वारा हुआ था.”

  12. इश-बोशेथ ने उसे उसके पति लायीश के पुत्र पालतिएल के पास से छीनकर दावीद के पास भेजी.

  13. इस पर उसका पति सारे रास्ते रोता हुआ उसके साथ साथ बहुरीम तक जा पहुंचा. उसे देख अबनेर ने उसे आदेश दिया, “जाओ अपने घर लौट जाओ!” तब वह अपने घर लौट गया.

  14. बीरोथवासी रिम्मोन के दोनों पुत्रों, रेखाब और बाअनाह ने यात्रा प्रारंभ की, और वे इश-बोशेथ के आवास पर उस समय जा पहुंचे जब दिन की गर्मी के समय इश-बोशेथ विश्राम कर रहा था.

  15. वे भवन के बीचवाले कमरे में कुछ इस ढंग से जा पहुंचे मानो वे वहां गेहूं लेने आए थे. वहां उन्होंने इश-बोशेथ के पेट में वार कर दिया. यह करके रेखाब और उसका भाई बाअनाह भाग निकले.

  16. जब उन्होंने भवन में प्रवेश किया, इश-बोशेथ अपने कमरे में बिछौने पर लेटे हुए थे. उन्होंने उन पर वार किया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई. इसके बाद उन्होंने उनका सिर काट लिया और उसे लेकर वे सारी रात अराबाह मार्ग पर चलते रहे.

  17. इश-बोशेथ के सिर को लेकर दावीद के पास हेब्रोन जा पहुंचे और उन्हें यह सूचना दी, “यह देखिए, आपके शत्रु शाऊल के पुत्र इश-बोशेथ का सिर, जो आपके प्राणों के प्यासे रहे थे. अब आज याहवेह ने राजा, मेरे स्वामी को शाऊल और उनके वंशजों का बदला दे दिया है.”

  18. दावीद ने बीरोथवासी रिम्मोन के पुत्रों रेखाब और उसके भाई बाअनाह को उत्तर दिया, “जीवित याहवेह की शपथ, जिन्होंने मेरे जीवन को सभी पीड़ाओं से छुड़ाया है,

  19. जब उस व्यक्ति ने आकर मुझे सूचना दी, सुनिए, ‘शाऊल की मृत्यु हो चुकी है,’ वह यह समझ रहा था कि वह मेरे लिए शुभ संदेश लेकर आया है, मैंने उसे पकड़ा और उसका वध कर दिया, यह ज़िकलाग की घटना है. उसके द्वारा लाए गए समाचार का ईनाम मैंने उसे इस रीति से दिया था.

  20. अब यह विचार करो कि और कितनी अधिक होगी वह प्रतिक्रिया, जब दुष्ट व्यक्तियों ने एक धर्मी व्यक्ति की हत्या उसके घर में जाकर उसके बिछौने पर की है. क्या सही नहीं कि उसके रक्त का बदला तुम्हीं से लेकर तुम्हें पृथ्वी पर से मिटा दूं!”

  21. तब दावीद ने युवाओं को आदेश दिया और उन्होंने उन दोनों की हत्या कर दी, उनके हाथ और पांव काटकर उनके शव हेब्रोन के ताल के निकट लटका दिए. मगर उन्होंने इश-बोशेथ के सिर को हेब्रोन में अबनेर की कब्र में गाड़ दिया.