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Dedication के बारे में बाइबल के वचन

213 वचन · 28 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “ ‘किंतु पशुओं के पहलौठे पर सिर्फ याहवेह का अधिकार है, कोई भी उसे समर्पण न करे; चाहे वह बैल हो अथवा मेढ़ा, उस पर याहवेह का अधिकार है.

  2. किंतु अशुद्ध पशुओं के पहिलौठे के लिए वह ठहराए गए मूल्य के अलावा पांचवा अंश भी जोड़कर भुगतान कर उसको छुड़ा ले, यदि इसको छुड़ाया न गया हो, तो वह तुम्हारे ठहराए गए मूल्य पर बेच दिया जाए.

  3. “ ‘परंतु यदि कोई व्यक्ति अपनी सारी संपत्ति में से, जो कुछ भी याहवेह के लिए अलग करता है—मनुष्य, पशु या पैतृक संपत्ति में से खेत; उसको न तो बेचा जाए और न ही उसको छुड़ाया जाए. जो कुछ याहवेह को पूरी तरह से समर्पित है, वह याहवेह के लिए परम पवित्र है.

  4. “ ‘जो मनुष्य याहवेह के लिए अलग किया गया है, उसे छुड़ाया न जाए. ज़रूरी है कि उसका वध कर दिया जाए.

  5. “ ‘भूमि का दसवां अंश, चाहे वह खेत की उपज का हो या वृक्षों के फलों का, उस पर याहवेह का अधिकार है. वह याहवेह के लिए पवित्र है.

  6. इसलिये यदि कोई अपने दसवें अंश का कुछ छुड़ाना चाहे, तो वह उसमें उसके ठहराए गए मूल्य का पांचवा अंश भी जोड़ दे.

  7. गाय-बैलों और भेड़-बकरियों का हर एक दसवां पशु, जो चरवाहे की लाठी के नीचे से निकलता है, वह याहवेह के लिए पवित्र है.

  8. वह उनमें अच्छे और बुरे पशु में भेद न करे और न उनको बदले. किंतु यदि कोई ऐसे बदल भी लेता है, तो वह पशु और उसके बदले के पशु दोनों ही पवित्र माने जाएंगे. इनको छुड़ाये न जाए.’ ”

  9. यही वे आदेश हैं, जिन्हें याहवेह ने मोशेह को इस्राएल के घराने के लिए सीनायी पर्वत पर दिए.

  10. जिस दिन मोशेह ने पवित्र स्थान से संबंधित सारा काम पूरा किया, उन्होंने इसका अभिषेक किया, इसे उसकी सारी वस्तुओं सहित पवित्र किया; वेदी एवं उस पर के सारे बर्तन. मोशेह ने इनका अभिषेक किया तथा इसके बाद इनको पवित्र किया.

  11. फिर इस्राएल के प्रधानों ने, जो उनके पितरों के प्रधान थे, भेंटें चढ़ाईं. ये सभी गोत्रों के प्रधान थे, वे ही जो गिने गए व्यक्तियों के नेता ठहराए गए थे.

  12. जब उन्होंने याहवेह के सामने अपनी भेंटें प्रस्तुत की, तब वे ये चारों ओर से बंद छः गाड़ियां, बारह बैल, दो नेताओं के बीच एक गाड़ी तथा प्रधान के लिए एक बैल. ये सभी उन्होंने पवित्र स्थान के सामने भेंट कर दी.

  13. फिर याहवेह ने मोशेह को यह आज्ञा दी,

  14. “उन लोगों से ये भेंटें स्वीकार कर लो कि इनका प्रयोग मिलनवाले तंबू के कार्यों के लिए किया जा सके. ये तुम लेवियों को दे दोगे, हर एक व्यक्ति को उसके लिए ठहराए गए कार्य के अनुसार.”

  15. फिर मोशेह ने वे गाड़ियां तथा वे बैल लेवियों को सौंप दिए.

  16. दो गाड़ियां एवं चार बैल गेरशोन के घराने को, जो उनकी सेवाओं के अनुसार थे,

  17. चार गाड़ियां तथा आठ बैल मेरारी के घराने को, उनके कार्य के अनुसार सौंप दिए. वे ये सेवा पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार की देखभाल में करते थे.

  18. मोशेह ने कोहाथ के घराने को कुछ भी नहीं दिया, क्योंकि उनकी जवाबदारी थी, पवित्र वस्तुओं से संबंधित कार्य, जिनका भार वे अपने कंधों पर उठाया करते थे.

  19. प्रधानों ने वेदी का अभिषेक किया और वेदी के लिए चढ़ाई भेंट अर्पित की तथा प्रधानों ने अपनी-अपनी भेंटें वेदी के सामने चढ़ा दी.

  20. फिर याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी, “वेदी के समर्पण के लिए प्रतिदिन एक ही प्रधान अपनी भेंट चढ़ाए.”

  21. जिस व्यक्ति ने पहले दिन भेंट चढ़ाई, वह यहूदाह गोत्र से अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन था.

  22. भेंट में उसने अन्‍नबलि के लिए चांदी की एक परात एवं एक चांदी की कटोरी भेंट की, जिनमें तेल मिला हुआ मैदा भरा गया था. पात्र पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल तथा कटोरी सत्तर शेकेल की थी;

  23. सुगंधित धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का धूपदान;

  24. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक, एक वर्ष का नर मेमना;

  25. पापबलि के लिए एक बकरा;