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God

11,427 वचन · 2 परिवार के सदस्य

God का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. जिस दिन उनका अभिषेक किया गया, उस दिन याहवेह ने इस्राएल की प्रजा से उन्हें यह वस्तुएं देने का आदेश दिया है. पीढ़ियों से पीढ़ियों तक सर्वदा के लिए यह उनका अधिकार है.

  2. इसके विषय में आदेश याहवेह ने मोशेह को सीनायी पर्वत पर उस दिन दिए थे, जिस दिन याहवेह ने इस्राएल की प्रजा को सीनायी की मरुभूमि में याहवेह के लिए अपनी बलियां प्रस्तुत करने का आदेश दिया था.

  3. फिर याहवेह ने मोशेह को यह आदेश दिया कि

  4. तब मोशेह ने याहवेह के आदेश के अनुसार वैसा ही किया. जब सभा मिलनवाले तंबू के द्वार पर इकट्ठी हुई,

  5. तब मोशेह ने सभा को इस प्रकार संबोधित किया, “जिस कार्य को पूरा करने का आदेश याहवेह ने दिया है, वह यह है.”

  6. उन्होंने उसके सिर पर पगड़ी भी पहना दी, और उस पगड़ी के सामने की ओर सोने के टीके अर्थात् पवित्र मुकुट को लगाया, ठीक जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था.

  7. इसके बाद मोशेह ने अहरोन के पुत्रों को अपने पास बुलाया और उन्हें अंगरखे पहनाकर उन पर कटिबंध बांधे तथा उन्हें टोपियां पहना दीं; ठीक वैसा ही, जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था.

  8. किंतु बैल, उसकी खाल, मांस और इस प्रक्रिया में उत्पन्‍न गोबर इन चीज़ों को छावनी के बाहर अग्नि में जला दिया; ठीक जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था, वैसा ही.

  9. मोशेह ने आंतों और टांगों को जल से धोकर पूरे मेढ़े को वेदी पर अग्नि में जलाकर भेंट कर दिया. सुखद-सुगंध के लिए यह एक होमबलि; हां याहवेह को भेंट एक अग्निबलि थी; ठीक जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था, वैसा ही.

  10. उन्होंने याहवेह के सामने रखी खमीर रहित रोटी की टोकरी से एक खमीर रहित रोटी, तेल सनी हुई रोटी और एक पपड़ी ली और उन्हें चर्बी के भाग एवं दायीं जांघ पर रख दिया.

  11. ये सभी वस्तुएं अहरोन एवं उसके पुत्रों के हाथों में रखकर इन्हें याहवेह को चढ़ाने की भेंट मानकर याहवेह के आगे लहराया.

  12. मोशेह ने इन्हें उनके हाथों से लेकर होमबलि के साथ इन्हें वेदी पर जला दिया. ये याहवेह को भेंट की गयी सुखद-सुगंध के लिए अग्निबलि के रूप में संस्कार की बलि थी.

  13. मोशेह ने मेढ़े की छाती भी ली, यह संस्कार के मेढ़े में से मोशेह का अंश था, और इसे याहवेह के सामने लहराने की बलि के रूप में प्रस्तुत किया; ठीक जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था, वैसा ही.

  14. इसके बाद मोशेह ने अहरोन और उनके पुत्रों को यह आदेश दिया “मिलनवाले तंबू के द्वार पर मांस को उबालो और इसे उस रोटी के साथ खाओ, जो रोटी संस्कार बलि की टोकरी में है, ठीक जैसा आदेश मैंने दिया था कि, अहरोन और उनके पुत्र इसको खाएं.

  15. तुम्हारे लिए प्रायश्चित पूरा करने के लिए वही किया जाना ज़रूरी है, जैसा आज किया गया है, ठीक जैसा आदेश याहवेह ने दिया है.

  16. इसके अतिरिक्त तुम्हें मिलनवाले तंबू के द्वार पर सात दिनों के लिए दिन-रात ठहरे रहना है, याहवेह द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करना ज़रूरी है कि तुम्हारी मृत्यु न हो, क्योंकि मुझे ऐसा ही आदेश दिया गया है.”

  17. इस प्रकार अहरोन और उनके पुत्रों ने वे सारे कार्य किए, जिनका आदेश याहवेह ने मोशेह के द्वारा दिया था.

  18. मोशेह ने अहरोन को यह आदेश दिया, “अपने लिए गाय-बैलों से पापबलि के लिए एक निर्दोष बछड़ा और होमबलि के लिए एक निर्दोष मेढ़ा लो, और उन्हें याहवेह को भेंट करो.

  19. मेल बलि के लिए याहवेह के सम्मुख भेंट चढ़ाने के हेतु एक बैल व एक मेढ़ा तथा तेल से सनी हुई अन्‍नबलि लो; क्योंकि आज याहवेह तुम पर प्रकट होंगे.’ ”

  20. फिर वे उन सब वस्तुओं को मिलनवाले तंबू के सामने ले आए, जिसका आदेश मोशेह ने उन्हें दिया था, और सारी सभा निकट आकर याहवेह के सामने खड़ी हो गई.

  21. मोशेह ने उन्हें संबोधित किया, “ये हैं वे कार्य, जिन्हें करने का आदेश याहवेह ने तुम्हें दिया है कि याहवेह के प्रताप का तुम पर प्रकाशन हो.”

  22. इसके बाद मोशेह ने अहरोन को यह आदेश दिया, “वेदी के निकट आ जाओ, और अपनी पापबलि और होमबलि भेंट करो कि तुम स्वयं के लिए और प्रजा के लिए प्रायश्चित पूरा कर सको; इसके बाद प्रजा के लिए बलि अर्पण करो कि उनके लिए प्रायश्चित पूरा कर सको, ठीक जैसा आदेश याहवेह ने दिया है.”

  23. फिर उन्होंने पापबलि के लिए निर्धारित चर्बी, गुर्दे, और कलेजे के ऊपर की झिल्ली को वेदी पर अग्नि में जला दिया, ठीक जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था.

  24. किंतु छाती और दायीं जांघ को अहरोन ने लहराने की बलि के रूप याहवेह के सामने प्रस्तुत किया; ठीक जैसा मोशेह ने आदेश दिया था.

  25. मोशेह और अहरोन मिलनवाले तंबू में चले गए, और जब उन्होंने मिलनवाले तंबू से बाहर आकर प्रजा के लिए आशीष वचन बोले, तो याहवेह का प्रताप सारी प्रजा को दिखाई दिया.