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God

11,427 वचन · 2 परिवार के सदस्य

God का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. इसलिये मैंने उनसे कहा, “याहवेह का वचन मेरे पास आया:

  2. इस्राएल के लोगों से कहो, ‘परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: मैं अपने पवित्र स्थान को अपवित्र करने ही वाला हूं—वह दृढ़ गढ़, जिस पर घमंड करते हो, तुम्हारे आंखों की खुशी, तुम्हारे स्नेह का पात्र. तुम्हारे बेटे और बेटियां, जो तुम्हारे पीछे रह जाएंगे, वे तलवार से मारे जाएंगे.

  3. और तुम वैसा ही करोगे, जैसा मैंने किया है. तुम अपने दाढ़ी और मूंछ को नहीं ढंकोगे या शोक करनेवालों की प्रथा अनुसार होनेवाला भोजन नहीं खाओगे.

  4. यहेजकेल तुम्हारे लिए एक चिन्ह ठहरेगा; तुम वैसा ही करोगे, जैसा कि उसने किया है. जब ये बातें होंगी, तब तुम जानोगे कि मैं परम प्रधान याहवेह हूं.’

  5. “और हे मनुष्य के पुत्र, जिस दिन मैं उनके दृढ़ गढ़, उनका आनंद और महिमा, उनके आंखों की खुशी, उनके हृदय की इच्छा, और साथ ही साथ उनके बेटे और बेटियों को छीन लूंगा—

  6. उस समय तुम्हारा मुंह खुलेगा; तुम उस व्यक्ति से बात करोगे और फिर चुप न रहोगे. इस प्रकार तुम उनके लिये एक चिन्ह ठहरोगे, और वे जानेंगे कि मैं याहवेह हूं.”

  7. याहवेह का वचन मेरे पास आया:

  8. उनसे कहो, ‘परम प्रधान याहवेह का वचन सुनो. परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: क्योंकि जब मेरा पवित्र स्थान अपवित्र किया गया और जब इस्राएल देश उजाड़ा गया और जब यहूदिया के लोग बंधुआई में चले गये, तो तुमने आहा, आहा! कहा,

  9. इसलिये मैं तुम्हें पूर्व देश के लोगों के अधीन करने जा रहा हूं. वे तुम्हारे बीच अपना शिविर खड़ा करेंगे और अपना तंबू गाड़ेंगे; वे तुम्हारा फल खाएंगे और तुम्हारा दूध पिएंगे.

  10. मैं रब्बाह को ऊंटों का चरागाह और अम्मोन देश को भेड़ों का विश्राम स्थल बना दूंगा. तब तुम जानोगे कि मैं याहवेह हूं.

  11. क्योंकि परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: क्योंकि तुमने इस्राएल देश के प्रति अपने हृदय के सब द्वेष भावना के कारण आनंदित होकर ताली बजाई और अपने पैरों को पटका,

  12. इसलिये मैं तुम्हारे विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाऊंगा और तुम्हें लूट की वस्तु के रूप में जाति-जाति के लोगों के बीच दे दूंगा. मैं लोगों के बीच से तुम्हारा नाम तक मिटा दूंगा और तुम्हें देश-देश में पूरी तरह नाश कर दूंगा. मैं तुम्हें नाश करूंगा, और तब तुम जानोगे कि मैं याहवेह हूं.’ ”

  13. “परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: ‘क्योंकि मोआब और सेईर ने कहा, “देखो, यहूदाह का वंश भी दूसरे सब जातियों के समान हो गया है,”

  14. इसलिये मैं मोआब के किनारे को खुला छोड़ूंगा और इसकी शुरुआत सीमावर्ती नगर—बेथ-यशिमोथ, बाल-मेओन और किरयथियों से होगी, जो उस देश की शोभा हैं.

  15. और मैं मोआब को दंड दूंगा. तब वे जानेंगे कि मैं याहवेह हूं.’ ”

  16. “परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: ‘क्योंकि एदोम ने यहूदाह से बदला लिया और ऐसा करके बहुत दोषी ठहरा,

  17. इसलिये परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: मैं एदोम के विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाऊंगा और आदमी और जानवर दोनों को मार डालूंगा. मैं उसे उजाड़ दूंगा और तेमान से लेकर देदान तक, वे तलवार से मारे जाएंगे.

  18. मैं अपने इस्राएली लोगों के द्वारा एदोम से बदला लूंगा, और वे मेरे क्रोध और कोप के मुताबिक उनसे व्यवहार करेंगे; तब वे मेरे प्रतिशोध को जानेंगे, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.’ ”

  19. “परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: ‘क्योंकि फिलिस्तीनियों ने प्रतिशोध की भावना से काम किया और अपने हृदय की ईर्ष्या के कारण बदला लिया, और प्राचीन शत्रुता के कारण यहूदाह को नष्ट करने का प्रयत्न किया,

  20. इसलिये परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: मैं फिलिस्तीनियों के विरुद्ध अपना हाथ बढ़ाने ही वाला हूं, और मैं केरेथियों को मिटा दूंगा और उनको नष्ट कर दूंगा, जो समुद्र के किनारों पर बचे हुए हैं.

  21. मैं उनसे भयंकर बदला लूंगा और अपने कोप में होकर उनको दंड दूंगा. तब वे जानेंगे कि मैं याहवेह हूं, जब मैं उनसे प्रतिशोध लूंगा.’ ”

  22. बारहवें वर्ष के ग्यारहवें महीने के पहले दिन, याहवेह का वचन मेरे पास आया:

  23. “हे मनुष्य के पुत्र, क्योंकि सोर ने येरूशलेम के विषय में यह कहा है, ‘आहा! जनताओं के प्रवेश द्वार टूट गया है, और इसके फाटक मेरे लिए खुल गये हैं; वह नाश हो गई है, इसलिये अब मैं उन्‍नति करूंगा,’

  24. इसलिये परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: हे सोर, मैं तुम्हारे विरुद्ध हूं, और मैं तुम्हारे विरुद्ध बहुत सी जाति के लोगों को समुद्र के लहरों के समान लाऊंगा.

  25. वे सोर की दीवारों को ध्वस्त कर देंगे और उसके स्तंभों को गिरा देंगे; मैं उसकी मिट्टी को खुरचकर उसे एक खाली चट्टान बना दूंगा.