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Months के बारे में बाइबल के वचन

42 वचन · 20 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. फिर परमेश्वर ने कहा, “दिन को रात से अलग करने के लिए आकाश में ज्योतियां हों, और ये चिन्हों, समयों, दिनों एवं वर्षों के लिए होगा.

  2. नोहा के छः सौ वर्ष के दूसरे महीने के सत्रहवें दिन महासागर के सोते फूट पड़े तथा आकाश को खोल दिया गया.

  3. सातवें महीने के सत्रहवें दिन जहाज़ अरारात पर्वत पर जा टिका.

  4. लाबान ने याकोब से कहा, “निःसंदेह तुम मेरी ही हड्डी एवं मांस हो.” याकोब वहां एक महीने रुके.

  5. अबीब के महीने में आज के दिन तुम निकले हो.

  6. इसके अलावा आनंद के अवसरों पर, तुम्हारे ठहराए गए आनंद मनाने के अवसरों पर, तुम्हारे ठहराए गए उत्सवों पर तथा हर एक महीने की पहली तारीख पर तुम अपनी होमबलियों, अपनी मेल बलियों के अवसर पर तुरही फूंकोगे; तब वे तुम्हारे परमेश्वर के सामने एक स्मरण का कार्य करेंगे. मैं ही हूं वह याहवेह, तुम्हारा परमेश्वर.”

  7. उसने अपने पिता से यह भी कहा, “जैसा आपने कहा है, मेरे साथ वैसा ही किया जाए; सिर्फ मुझे दो महीने के लिए अकेली छोड़ दिया जाए, कि मैं अपनी सहेलियों के साथ पहाड़ों पर जाकर अपने कुंवारी ही रह जाने के लिए रोऊंगी.”

  8. याहवेह के संदूक को फिलिस्तिया देश में अब सात महीने हो चुके थे.

  9. शलोमोन ने सारे इस्राएल राज्य के लिए बारह अधिकारियों को चुन रखा था. इनकी जवाबदारी थी, राजा और उनके पूरे परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था बनाए रखें. हर एक अधिकारी साल के एक महीने के लिए प्रबंध का ज़िम्मेदार था.

  10. यह उस समय की बात है, जब इस्राएलियों को मिस्र देश से निकले हुए चार सौ अस्सी साल हो चुके थे, और इस्राएल पर शलोमोन के शासन के चार साल. शलोमोन ने साल के ज़ीव नामक दूसरे महीने में याहवेह के लिए भवन बनाना शुरू किया.

  11. चौथे साल में याहवेह के भवन की नींव रखी गई थी, यह ज़ीव नाम का महीना था.

  12. ग्यारहवें साल में बूल महीने में जो वास्तव में आठवां महीना है, हर तरह से भवन बनने का काम पूरा हो गया था. यह सब हर रीति से योजना के अनुसार ही हुआ था, यानी भवन बनाने के काम में सात साल लग गए थे.

  13. सातवें महीने, एथनिम नामक महीने में, उस उत्सव के अवसर पर, सारी इस्राएली प्रजा राजा शलोमोन के सामने इकट्ठी हुई.

  14. ज़ाबदिएल का पुत्र यासोबअम पहली टुकड़ी का अधिकारी था, जिसे पहले महीने में सेवा की जवाबदारी सौंपी गई थी. उसकी टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  15. वह पेरेज़ का वंशज था. वह पहले महीने में सभी सैन्य अधिकारियों का प्रमुख था.

  16. अहोही दोदाई दूसरे महीने के लिए ठहराई गई टुकड़ी का अधिकारी था; मिकलोथ उनका प्रमुख अधिकारी था. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  17. तीसरे महीने के लिए ठहराई गई टुकड़ी का अधिकारी था यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  18. यह वही बेनाइयाह था जो तीस वीरों में से एक वीर सैनिक था. उसके बाद उसका पुत्र अम्मीज़ाबाद इस समूह के सेनापति के रूप में चुना गया.

  19. चौथे महीने, योआब का भाई आसाहेल. उसके बाद उसका पुत्र ज़ेबादिया सेनापति बना. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  20. पांचवें महीने, इज़हार का वंशज समहूथ. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  21. छठे महीने, तकोआवासी इक्‍केश का पुत्र ईरा. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  22. सातवें महीने, पेलोन नगर से एफ्राईमवासी हेलेस, इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  23. आठवें महीने, हुशाथी नगर का सिब्बेकाई. वह यहूदाह गोत्र के ज़ेरा वंश का सदस्य था. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  24. नवें महीने, बिन्यामिन गोत्र के क्षेत्र के अनाथोथ नगर से अबीएज़ेर. इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.

  25. दसवें महीने, नेतोफ़ा नगर से माहाराई इस टुकड़ी में 24,000 सैनिक थे.