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circa 6 BC – AD 30

The Life of Jesus

The eternal Son of God enters history: born in Bethlehem, baptized in the Jordan, crucified at Golgotha, raised on the third day.

3,779 वचन · 4 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. लूकॉस ३:२०लगभग २६ ई.

    तब हेरोदेस ने एक और कुकर्म किया: उसने योहन ही को बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया.

  2. लूकॉस ३:२१लगभग २६ ई.

    जब लोग योहन से बपतिस्मा ले रहे थे, उन्होंने प्रभु येशु को भी बपतिस्मा दिया. इस अवसर पर, जब प्रभु येशु प्रार्थना कर रहे थे, स्वर्ग खोल दिया गया

  3. लूकॉस ३:२२लगभग २६ ई.

    और पवित्र आत्मा प्रभु येशु पर शारीरिक रूप में कबूतर के समान उतरे और स्वर्ग से निकला एक शब्द सुना गया: “तुम मेरे पुत्र हो—मेरे प्रिय. मैं तुममें पूरी तरह संतुष्ट हूं.”

  4. लूकॉस ३:२३लगभग २६ ई.

    प्रभु येशु ने जब अपनी सेवकाई प्रारंभ की तब उनकी अवस्था लगभग तीस वर्ष की थी. जैसा समझा जाता है कि वह योसेफ़ के पुत्र हैं, योसेफ़ हेली के,

  5. लूकॉस ३:२४लगभग २६ ई.

    हेली मथ्थात के, मथ्थात लेवी के, लेवी मेल्ख़ी के, मेल्ख़ी यन्‍नाई के, यन्‍नाई योसेफ़ के,

  6. लूकॉस ३:२५लगभग २६ ई.

    योसेफ़ मत्ताथियाह के, मत्ताथियाह आमोस के, आमोस नहूम के, नहूम ऍस्ली के, ऍस्ली नग्गाई के,

  7. लूकॉस ३:२६लगभग २६ ई.

    नग्गाई माहथ के, माहथ मत्ताथियाह के, मत्ताथियाह सेमेई के, सेमेई योसेख़ के, योसेख़ योदा के,

  8. लूकॉस ३:२७लगभग २६ ई.

    योदा योअनान के, योअनान रेसा के, रेसा ज़ेरोबाबेल के, ज़ेरोबाबेल सलाथिएल के, सलाथिएल नेरी के,

  9. लूकॉस ३:२८लगभग २६ ई.

    नेरी मेल्ख़ी के, मेल्ख़ी अद्दी के, अद्दी कोसम के, कोसम एल्मोदम के, एल्मोदम एर के,

  10. लूकॉस ३:२९लगभग २६ ई.

    एर यहोशू के, यहोशू एलिएज़र के, एलिएज़र योरीम के, योरीम मथ्थात के, मथ्थात लेवी के,

  11. लूकॉस ३:३०लगभग २६ ई.

    लेवी शिमओन के, शिमओन यहूदाह के, यहूदाह योसेफ़ के, योसेफ़ योनाम के, योनाम एलियाकिम के

  12. लूकॉस ३:३१लगभग २६ ई.

    एलियाकिम मेलिया के, मेलिया मेन्‍ना के, महीनन मत्ताथा के, मत्ताथा नाथान के, नाथान दावीद के,

  13. लूकॉस ३:३२लगभग २६ ई.

    दावीद यिशै के, यिशै ओबेद के, ओबेद बोअज़ के, बोअज़ सलमोन के, सलमोन नाहश्शोन के,

  14. लूकॉस ३:३३लगभग २६ ई.

    नाहश्शोन अम्मीनादाब के, अम्मीनादाब राम के, राम आरनी के, आरनी हेज़रोन के, हेज़रोन फ़ारेस के, फ़ारेस यहूदाह के,

  15. लूकॉस ३:३४लगभग २६ ई.

    यहूदाह याकोब के, याकोब यित्सहाक के, यित्सहाक अब्राहाम के, अब्राहाम तेराह के, तेराह नाख़ोर के,

  16. लूकॉस ३:३५लगभग २६ ई.

    नाख़ोर सेरूख़ के, सेरूख़ रागाउ के, रागाउ फ़ालेक के, फ़ालेक ईबर के, ईबर शेलाह के,

  17. लूकॉस ३:३६लगभग २६ ई.

    शेलाह केनन के, केनन अरफाक्साद के, अरफाक्साद शेम के, शेम नोहा के, नोहा लामेख़ के,

  18. लूकॉस ३:३७लगभग २६ ई.

    लामेख़ मेथुसेलाह के, मेथुसेलाह हनोख, हनोख यारेत के, यारेत मालेलेईल के, मालेलेईल काईनम के,

  19. लूकॉस ३:३८लगभग २६ ई.

    काईनम ईनॉश के, ईनॉश सेथ के, सेथ आदम के और आदम परमेश्वर के पुत्र थे.

  20. लूकॉस ४:१लगभग २७ ई.

    पवित्र आत्मा से भरकर प्रभु येशु यरदन नदी से लौटे और आत्मा उन्हें बंजर भूमि में ले गया,

  21. लूकॉस ४:२लगभग २७ ई.

    जहां चालीस दिन तक शैतान उन्हें परीक्षा में डालने का प्रयास करता रहा. इस अवधि में वह पूरी तरह बिना भोजन के रहे, इसके बाद उन्हें भूख लगी.

  22. लूकॉस ४:३लगभग २७ ई.

    शैतान ने उनसे कहा, “यदि तुम परमेश्वर के पुत्र हो तो इस पत्थर को आज्ञा दो कि यह रोटी बन जाए.”

  23. लूकॉस ४:४लगभग २७ ई.

    प्रभु येशु ने उसे उत्तर दिया, “लिखा है: ‘मनुष्य का जीवन सिर्फ भोजन पर ही निर्भर नहीं रहता है.’”

  24. लूकॉस ४:५लगभग २७ ई.

    इसके बाद शैतान ने उन्हें ऊंचे पहाड़ पर ले जाकर क्षण मात्र में सारे विश्व के सभी राज्यों की झलक दिखाई

  25. लूकॉस ४:६लगभग २७ ई.

    और उनसे कहा, “इन सबका सारा अधिकार और वैभव मैं तुम्हें दूंगा क्योंकि ये सब मुझे सौंपे गए हैं इसलिये ये सब मैं अपनी इच्छा से किसी को भी दे सकता हूं.